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Haldwani: सिर्फ चेतावनी बोर्ड लगाने से नहीं बचेगी वन्यजीवों की जान, निर्देशों का पालन नहीं करने से हो रही घटना

Thu, 03 Oct 2024 10:46 AM IST
हीरा मेहरा दीपक कापड़ी, संवाद
दीपक कापड़ी, संवाद Published by: हीरा मेहरा Updated Thu, 03 Oct 2024 10:46 AM IST
सार

रात के वक्त सुरक्षा के लिए सिर्फ सड़कों के किनारे ड्राइव स्लो यहां से वन्यजीव गुजरते हैं आदि चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं। सड़कों से आवाजाही करने वाले लोग कभी उन नियमों का पालन नहीं करते। इसका खामियाजा बे- जुबान जंगली जानवरों को भुगतना पड़ता है।

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Putting up warning boards will not save the lives of wildlife in haldwani
सिर्फ चेतावनी बोर्ड लगाने से नहीं बचेगी वन्यजीवों की जान - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

 

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रात के वक्त वन्य जीवों को सड़क हादसे से बचाने के लिए वन विभाग के पास कोई प्लान नहीं है। रात के वक्त सुरक्षा के लिए सिर्फ सड़कों के किनारे ड्राइव स्लो यहां से वन्यजीव गुजरते हैं आदि चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं। सड़कों से आवाजाही करने वाले लोग कभी उन नियमों का पालन नहीं करते। इसका खामियाजा बे- जुबान जंगली जानवरों को भुगतना पड़ता है। वन विभाग और सरकार को कैसे वन्यजीवों को सड़क हादसों से बचाया जा सके इसके लिए ठोस कार्य योजना बनाने की आवश्यकता है।

मनुष्य ने अपनी सुख सुविधाओं के लिए वन्यजीवाें के वासस्थल और विचरण स्थल में अतिक्रमण कर सड़क आदि का निर्माण कर दिया है। दूसरी ओर उन्हीं सड़कों में खुद और जंगली जानवरों की सुरक्षा के लिए लगाए ड्राइव स्लो आदि नियमों का पालन नहीं करता है। आए दिन सड़क और रेल दुर्घटना में हाथी और अन्य वन्यजीवों की मौत और घायल हो रहे हैं। राज्य गठन 24 वर्षों में करीब 23 हाथियों की मौत और पांच हाथी गंभीर रूप से घायल हुए हैं। वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि हाथियों को सड़क दुर्घटना से बचाने के लिए चेतावनी बोर्ड, बैरिकेट लगाए हुए हैं। हल्द्वानी- रूद्रपुर-रामपुर हाइवे में करीब छह स्थान ऐसे हैं जहां से हाथी और अन्य वन्य जीव सड़क पार कर दूसरी ओर जाते हैं। वन विभाग ने जंगल वाले क्षेत्रों में रात के वक्त कम रफ्तार में वाहन चलाने की अपील की है। जिससे वन्यजीवों को हादसों से बचाया जा सके।

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आसपास ही दिखाई दे रहा है हाथियों का झुंड
सड़क हादसे में जो मादा हाथी घायल हुई थी उसके झुंड में शामिल करीब 11 हाथी घटना स्थल के आसपास ही दिखाई दे रहे हैं। वन्यजीव जानकारों का कहना है कि अपने किसी भी साथी के घायल या मृत होने पर हाथी उग्र हो जाते हैं। उन्होंने लोगों से रात के वक्त जंगलों से यात्रा करने के दौरान सावधानियां बरतने की अपील की है।

वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए लगातार जागरूकता कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। इसके अलावा हाईवे किनारे चेतावनी बोर्ड और बैरिकेट लगाए गए हैं। इसके अलावा लगातार टीम गश्त कर रही है।
-उमेश तिवारी,डीएफओ तराई केंद्रीय वन प्रभाग हल्द्वानी।

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