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जनता के लिए बने पोर्टल सिरदर्द बन गए

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Thu, 18 Nov 2021 01:45 AM IST
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Public portals have become a headache
हल्द्वानी। जनता की सुविधा के लिए बनाए गए पोर्टल लोगों के लिए परेशानी का सबब बने हुए हैं। लोगों के काम ही नहीं हो पा रहे हैं। पूर्ति विभाग के पोर्टल में छह माह से दिक्कत आ रही है। अधिकारियों की बार-बार शिकायत के बाद भी पोर्टल ठीक से काम नहीं कर रहा है। इस कारण जिले के राशन कार्ड धारक यूनिट अपडेट और डिलीट नहीं करा पा रहे हैं। राशन कार्ड धारक रोज पूर्ति विभाग के कार्यालय के चक्कर मारने पर मजबूर हैं। पूर्ति विभाग के कार्यालय में रोज लंबी लाइन लग रही है।
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बुधवार को पूर्ति विभाग के आवास विकास स्थित एआरओ दफ्तर में फरियादी पूर्ति निरीक्षक और पूर्ति विभाग के बाबुओं के सामने गिड़गिड़ाते दिखाई दिए। पूर्ति विभाग के अधिकारियों ने पोर्टल की दिक्कत बता कर लोगों को वापस भेज रहे थे। इंदिरानगर की बुशरा ने कहा कि नए कार्ड नहीं बन पा रहे हैं। राशन कार्ड बनाने के लिए वह सप्ताह में एक दिन पूर्ति विभाग के कार्यालय के चक्कर काट रही हैं। अधिकारी पोर्टल में दिक्कत कारण बता रहे हैं।
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पूर्ति निरीक्षक रवि सनवाल का कहना है कि राष्ट्रीय खाद्य योजना के तहत जिले को मिली राशन कार्ड की संख्या और यूनिट खत्म हो गई हैं। पोर्टल में दिक्कत आ रही है। राशन कार्ड में नए नाम नहीं जुड़ रहे हैं। मुखिया का नाम भी नहीं बदल पा रहा है। मुख्यालय को कई बार अवगत करा दिया गया है।
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नए राशनकार्ड नहीं बन पा रहे हैं
हल्द्वानी। नैनीताल जिले में सफेद राशन कार्ड (राष्ट्रीय खाद्य योजना) के राशन कार्ड के यूनिटों की संख्या भर गई है। इस कारण नए राशन कार्ड नहीं बन पा रहे हैं। पूर्ति निरीक्षक रवि सनवाल ने बताया कि शासन को पत्र लिखकर कैंपिंग खोलने की मांग की गई है।
केस 01
एक साल बाद भी नहीं चढ़ा बच्चे का नाम
बिंदुखत्ता से आए मोहन चंद्र ने अधिकारियों का बताया कि उनके बच्चे का नाम एक साल से राशन कार्ड में नहीं चढ़ पाया है जबकि वह कई बार कार्यालय आकर आवेदन कर चुके हैं।
केस दो
पत्नी का नाम दर्ज कराने छह महीने से परेशान
दमुवाढूंगा निवासी शीतल सिंह ने कहा कि उनकी शादी हुए छह महीने बीत गए हैं लेकिन अभी तक उनके परिवार के राशन कार्ड से नाम कटकर पति के राशन कार्ड में अपडेट नहीं हो पाया है।

मुखिया का नाम नहीं बदला जा सका
केस तीन -
बनभूलपुरा निवासी शहनवाज ने बताया कि उनकी पत्नी की मौत कोरोना काल में हो गई थी। लेकिन कार्डसे मुखिया के नाम की जगह उनका नाम अभी तक नहीं आया है। मृतक के नाम पर ही मुखिया दिखाई दे रहा है।
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