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प्राचार्य के आंसुओं से भी नहीं पसीजे छात्र नेता
जितेंद्र पपनै
Updated Wed, 23 Aug 2017 03:00 AM IST
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रामनगर में प्राचार्या छात्र को समझाते हुए
- फोटो : रामनगर में प्राचार्या छात्र को समझाते हुए
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दो छात्र संगठनों में खुद को ताकतवर साबित करने की होड़ आत्मदाह के प्रयास तक पहुंच गई। दो दिनों से चालीस फीसदी अंक पाने वाले छात्र-छात्राओ को प्रवेश दिलाने की मांग को लेकर छात्र संगठनों के नेताओं ने आत्मदाह की लगातार कोशिशें की।
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छात्र नेताओं के कदम से महाविद्यालय में अफरातफरी रही, वहीं काूलेज प्रशासन के साथ ही पुलिस प्रशासन के हाथ पांव फूले रहे। इतना ही नहीं छात्रों को समझाने की कोशिश में प्राचार्य के आंखों से आंसू तक टपक पड़े, लेकिन आंसुओं का छात्र नेताओं पर कोई असर नहीं पड़ा।
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डिग्री कॉलेज में एनएसयूआई और एबीवीपी संगठनों के नेता प्रवेश की मांग को लेकर अलग-अलग आंदोलन कर रहे हैं। मंगलवार को दोनों ही संगठनों के नेताओं ने आत्मदाह के प्रयास किए।
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इसी बीच प्राचार्य डॉ. हेमा प्रसाद ने आंदोलित छात्रों को समझाते हुए कहा कि मैं तुम्हारे साथ हूं। मांगे मनवाने के लिए आत्मदाह की बजाए अन्य तरीके भी हैं। लेकिन प्राचार्य की कोई सुनने को तैयार नहीं था। छात्रों के व्यवहार से असहज प्राचार्य रोने लगी।
इसी बीच आत्मदाह की धमकी दे रहे एक छात्र नेता ने प्राचार्य को रोने से मना तो किया मगर कॉलेज की छत से नीचे नहीं उतरा। लाचार प्राचार्य ने रोते हुए कहा कि वह प्राचार्य के साथ ही एक मां भी हैं। मां की ही हैसियत से समझा रही हूं कि गलत कदम मत उठाओ। लेकिन किसी भी छात्रनेता पर प्राचार्य के आंसुओं का प्रभाव नहीं पड़ा।