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Nainital News: पेड़ों के अवैध कटान मामले में ओरिजनल रिकॉर्ड पेश करें
Wed, 01 Nov 2023 02:36 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
Updated Wed, 01 Nov 2023 02:36 AM IST
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नैनीताल। हाईकोर्ट ने कालाढूंगी से बाजपुर के बीच पेड़ों के अवैध कटान मामले में स्वतः संज्ञान लिए जाने वाली जनहित याचिका पर सुनवाई की। कोर्ट ने नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित क्षेत्र के डीएफओ को ओरिजनल रिकॉर्ड पेश करने के निर्देश दिए हैं।
कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 2 नवंबर की तिथि नियत की है। न्यायमूर्ति शरद कुमार शर्मा एवं न्यायमूर्ति पंकज पुरोहित की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई।
हाईकोर्ट ने डीएफओ से पूछा कि पेड़ किस नियमावली के तहत काटे जा रहे हैं। चेकिंग पोस्ट पर कितने वाहनों का चालान किया गया, इसकी जानकारी कोर्ट को दें। कोर्ट ने यह भी कहा कि चेकिंग पोस्ट पर नियुक्त कर्मचारी वाहनों को बिना चेकिंग जाने दे रहे हैं।
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न्यायमूर्ति शरद शर्मा ने दिल्ली जाते वक्त उस क्षेत्र में हो रहे पेड़ों के अवैध कटान का स्वतः संज्ञान लिया। मामले की वास्तविक स्थिति को जानने के लिए पूछा कि अभी तक विभाग ने कितने चालान किए हैं, उसके ओरिजनल रिकार्ड दिखाएं।
कोर्ट की तल्ख टिप्पणी
कोर्ट ने कहा कि ग्रामीण प्रत्येक दिन साइकिल पर लगभग दो-दो क्विंटल लकड़ी लादकर धक्का मारकर ले जा रहे हैं। खाना बनाने के लिए प्रत्येक दिन कितनी लकड़ी की जरूरत होती है। कोर्ट ने कहा कि उन्होंने देखा है कि उस क्षेत्र में हर घर के सामने कई क्विंटल लकड़ियां जमा कर रखीं हैं। क्या यह वनों का दोहन नहीं है। अधिकारी इस पर कोई कदम नहीं उठा रहे हैं। शायद सभी के घरों में रसोई गैस भी होगी।
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कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 2 नवंबर की तिथि नियत की है। न्यायमूर्ति शरद कुमार शर्मा एवं न्यायमूर्ति पंकज पुरोहित की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई।
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हाईकोर्ट ने डीएफओ से पूछा कि पेड़ किस नियमावली के तहत काटे जा रहे हैं। चेकिंग पोस्ट पर कितने वाहनों का चालान किया गया, इसकी जानकारी कोर्ट को दें। कोर्ट ने यह भी कहा कि चेकिंग पोस्ट पर नियुक्त कर्मचारी वाहनों को बिना चेकिंग जाने दे रहे हैं।
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न्यायमूर्ति शरद शर्मा ने दिल्ली जाते वक्त उस क्षेत्र में हो रहे पेड़ों के अवैध कटान का स्वतः संज्ञान लिया। मामले की वास्तविक स्थिति को जानने के लिए पूछा कि अभी तक विभाग ने कितने चालान किए हैं, उसके ओरिजनल रिकार्ड दिखाएं।
कोर्ट की तल्ख टिप्पणी
कोर्ट ने कहा कि ग्रामीण प्रत्येक दिन साइकिल पर लगभग दो-दो क्विंटल लकड़ी लादकर धक्का मारकर ले जा रहे हैं। खाना बनाने के लिए प्रत्येक दिन कितनी लकड़ी की जरूरत होती है। कोर्ट ने कहा कि उन्होंने देखा है कि उस क्षेत्र में हर घर के सामने कई क्विंटल लकड़ियां जमा कर रखीं हैं। क्या यह वनों का दोहन नहीं है। अधिकारी इस पर कोई कदम नहीं उठा रहे हैं। शायद सभी के घरों में रसोई गैस भी होगी।