UK: बिल नहीं चुकाया और पुलिस को पीटा...भुजियाघाट के दबंगों पर शिकंजा, 13 के खिलाफ FIR दर्ज; जानें पूरा मामला
भुजियाघाट में शनिवार रात होटल के बिल विवाद के बाद पुलिस ने 10-12 युवकों की कार रोकी तो उन्होंने पुलिस टीम से अभद्रता की, एक कांस्टेबल को बेरहमी से पीटा और उसकी वर्दी फाड़ दी। जान से मारने की धमकी देकर आरोपी फरार हो गए।
विस्तार
भुजियाघाट क्षेत्र में शनिवार रात स्थानीय युवकों का होटल में खाने के बिल को लेकर विवाद हो गया। सूचना पर ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों ने आरोपियों का वाहन रुकवा दिया। इस पर युवकों ने गुंडई दिखाते हुए पुलिस टीम से अभद्रता कर दी। दबंगों ने एक पुलिसकर्मी को बेरहमी से पीटते हुए उसकी वर्दी फाड़ दी और धमकी देते हुए मौके से भाग गए। पुलिस ने 13 आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार, 27 जून की रात करीब साढ़े नौ बजे भुजियाघाट क्षेत्र में पुलिसकर्मी ट्रैफिक व्यवस्था संभाल रहे थे। इसी दौरान सूचना मिली कि लाल रंग की एक कार में सवार कुछ युवकों का होटल में भोजन के बिल भुगतान को लेकर विवाद हो गया। यातायात का दबाव अधिक होने के कारण पुलिस टीम संबंधित वाहन के ड्यूटी प्वाइंट पर पहुंचने का इंतजार कर रही थी। आरोप है कि जैसे ही पुलिस ने वाहन को रोका तो उसमें सवार 10 से 12 युवकों ने पुलिस टीम के साथ अभद्रता करते हुए हाथापाई व अभद्रता शुरू कर दी। बीचबचाव में पुलिसकर्मी राजेंद्र जोशी के साथ धक्कामुक्की और पीटा गयाा। इस बीच उनकी वर्दी फाड़ दी गई। पुलिसकर्मियों को जान से मारने की धमकी भी दी गई। घटना के कारण कुछ समय के लिए सड़क पर जाम की स्थिति भी बन गई। जब लोगों की भीड़ बढ़ी तो आरोपी युवक मौके से भाग गए।
सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने समेत अन्य आरोप
एसएसपी डॉ. मंजुनाथ टीसी ने बताया कि पुलिसकर्मी राजेंद्र जोशी की तहरीर के आधार पर भुजियाघाट निवासी कुबेर जीना, हर्षित जीना, कौशल जीना, मनीष खाती, हिमांशु बिष्ट व आठ अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। आरोपियों पर सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने, पुलिस से मारपीट करने, सरकारी कर्मचारी पर हमला करने पर बीएनएस की 115(2), 121(1), 121(2), 126(2), 191(2), 221, 3(5), 351(3) और 352 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। मामले की जांच के बाद आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। उनका कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाने और आम लोगों की सुरक्षा में लगे पुलिसकर्मियों पर हमला तथा सरकारी कार्य में बाधा डालने के मामलों में किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा।