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Nainital News: तर्पण के घाट पर जिम्मेदारियों का पिंडदान

Fri, 20 Feb 2026 02:41 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल Updated Fri, 20 Feb 2026 02:41 AM IST
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Pind Daan of responsibilities at the Ghat of Tarpan
हल्द्वानी। आस्था और संस्कारों के लिए प्रसिद्ध चित्रशिला घाट इन दिनों गंदगी का गढ़ बनता जा रहा है। यहां पूजा पाठ और अंतिम संस्कार करने के बाद लोग अपनी जिम्मेदारियों का ही पिंडदान करते नजर आ रहे हैं।
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उत्तरायणी और बसंत पंचमी जैसे पर्वों पर बड़ी संख्या में उपनयन और मुंडन संस्कार संपन्न हुए लेकिन लोग अनुपयोगी सामान को घाट पर ही छोड़कर चले गए हैं। नतीजतन नदी के किनारे जगह-जगह गंदगी का ढेर हो गया है। अंतिम संस्कार के लिए आने वाले लोग भी शव के साथ लाए कपड़े, बिस्तर और अन्य सामग्री को यहीं फेंककर चले जाते हैं। तेज हवा चलने पर यही कपड़े और अवशेष नदी में पहुंचकर पानी को दूषित कर देते हैं। दूषित पानी के कारण लोग पवित्र मानी जाने वाली गार्गी नदी में स्नान करने से बचने लगे हैं।
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वीआईपी दौरे पर ही दिखती है सक्रियता

स्थानीय लोगों का आरोप है कि घाट की समुचित सफाई केवल किसी बड़े नेता या वीआईपी के आगमन से पहले ही की जाती है। नगर निगम की कूड़ा उठाने वाली गाड़ी रोज घाट के पास तक तो पहुंचती है लेकिन भीतर और नदी किनारों पर जमी गंदगी को हटाने की नियमित व्यवस्था नहीं है। सफाई केवल औपचारिकता बनकर रह गई है।
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आधी जली लकड़ियों तक सीमित है व्यवस्था

हल्द्वानी निवासी राजू वाल्या पिछले 25 वर्षों से घाट पर अंतिम संस्कार के बाद नदी में बहकर आई आधी जली लकड़ियों को निकालने का काम कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि इसके लिए नगर निगम से अनुमति ली है लेकिन कोई पारिश्रमिक नहीं मिलता। निकाली गईं लकड़ियों को वह ईंट भट्ठों और शेष कोयले को ऊर्जा निगम को बेच देते हैं। नदी में बहाई गई पूजा सामग्री और पुराने कपड़ों को वे ही निकालकर किनारे रखते हैं।



लोग बोले

शवदाह के बाद छोड़े गए कपड़े और बिस्तर हवा से उड़कर नदी में पहुंच जाते हैं। इनमें कई बार बीमार लोगों की सामग्री भी शामिल होती है। इससे संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। -महेश शर्मा

गौला क्षेत्र की जीवनरेखा है लेकिन घाट की गंदगी सीधे जल संस्थान के फिल्टर हाउस तक पहुंचती है। वहां से पेयजल आपूर्ति होती है। ऐसे में पूरे क्षेत्र के स्वास्थ्य पर खतरा मंडरा सकता है। - जितेंद्र गोस्वामी



कई व्यक्ति किसी गंभीर बीमारी से ग्रसित होते हैं। ऐसे में उनके पुराने कपड़े या बिस्तर घाट में छोड़ने देने से गंभीर बीमारियों के फैलने आशंका बनी रहती है। लोगों को घाट में कपड़े छोड़ने की जगह उन्हें जला देना चाहिए। - डॉ. विनिता निखुर्पा, फिजिशियन एसटीएच

जल्द ही चित्रशिला घाट के आसपास सफाई अभियान चलाया जाएगा। इसके लिए सफाई निरीक्षक को निर्देश जारी किए गए हैं। - परितोष वर्मा, नगर आयुक्त
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