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सेवानिवृत्ति के बाद संत्रांत लाभ देने की याचिका खारिज, एचएनबी केंद्रीय विश्वविद्यालय का मामला
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नैनीताल। हाईकोर्ट ने एचएनबी केंद्रीय विश्वविद्यालय के एक प्रोफेसर के 65 वर्ष की आयु में सेवानिवृत्ति के बाद संत्रांत लाभ दिए जाने के मामले में दायर याचिका को खारिज कर दिया है।
मुख्य न्यायाधीश आरएस चौहान एवं न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। मामले के अनुसार विश्वविद्यालय के प्रोफेसर नकली सिंह ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कहा था कि 65 वर्ष की आयु पूरी होने के बाद उन्हें दिसंबर 2020 में सेवानिवृत्त कर दिया गया है, जबकि उन्हें सत्रांत लाभ के तहत जून में समाप्त हो रहे सत्र तक सेवा का अवसर मिलना चाहिए।
इसके जवाब में विश्वविद्यालय के अधिवक्ता ने कोर्ट के समक्ष यूजीसी रेग्यूलेशन 2010 जो कि विश्वविद्यालय में भी लागू है, को पेश किया। इसमें सत्रांत लाभ देने की व्यवस्था नहीं है। पक्षों की सुनवाई के बाद इस आधार पर याचिका को खारिज कर दिया गया।
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मुख्य न्यायाधीश आरएस चौहान एवं न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। मामले के अनुसार विश्वविद्यालय के प्रोफेसर नकली सिंह ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कहा था कि 65 वर्ष की आयु पूरी होने के बाद उन्हें दिसंबर 2020 में सेवानिवृत्त कर दिया गया है, जबकि उन्हें सत्रांत लाभ के तहत जून में समाप्त हो रहे सत्र तक सेवा का अवसर मिलना चाहिए।
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इसके जवाब में विश्वविद्यालय के अधिवक्ता ने कोर्ट के समक्ष यूजीसी रेग्यूलेशन 2010 जो कि विश्वविद्यालय में भी लागू है, को पेश किया। इसमें सत्रांत लाभ देने की व्यवस्था नहीं है। पक्षों की सुनवाई के बाद इस आधार पर याचिका को खारिज कर दिया गया।
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