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हरिद्वार डीईओ के खिलाफ दायर याचिका निस्तारित, सरकार ने कोर्ट को बताया कि डीईओ को निलंबित कर दिया गया है
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नैनीताल। हाईकोर्ट ने हरिद्वार के जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) ब्रह्मपाल सैनी के खिलाफ पद के दुरुपयोग मामले में दायर जनहित याचिका को सरकार की ओर से दिए गए जवाब के आधार पर निस्तारित कर दिया है। सरकार ने कोर्ट को बताया कि याचिकाकर्ता के आरोपों के आधार पर डीईओ को निलंबित कर दिया गया है। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में पेश हुए।
कोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ता ने जिन आरोपों के आधार पर जिला शिक्षा अधिकारी के खिलाफ वाद दायर किया है, उस आधार पर जनहित याचिका दायर नहीं हो सकती है। ये आरोप सर्विस मामलों में आते हैं। इस पर याचिकाकर्ता ने कोर्ट से माफी मांगी। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश रवि कुमार मलिमथ एवं न्यायमूर्ति एनएस धानिक की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई।
हरिद्वार निवासी पदम कुमार ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा था कि जिला शिक्षा अधिकारी ब्रह्मपाल सैनी ने अपने पद का दुरुपयोग कर कई शिक्षकों को नियम विरुद्ध तरीके से लाभ दिया है। याचिकाकर्ता का आरोप था कि सैनी नियमावली के विरुद्ध अपने गृह जनपद में तैनात हैं। इसकी शिकायत उन्होंने राज्य सरकार और जिलाधिकारी से भी की थी, जिसकी जांच भी की गई। जांच में सैनी पर लगाए गए आरोप साबित भी हुए लेकिन उनके खिलाफ कोई विभागीय कार्रवाई नहीं की गई।
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कोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ता ने जिन आरोपों के आधार पर जिला शिक्षा अधिकारी के खिलाफ वाद दायर किया है, उस आधार पर जनहित याचिका दायर नहीं हो सकती है। ये आरोप सर्विस मामलों में आते हैं। इस पर याचिकाकर्ता ने कोर्ट से माफी मांगी। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश रवि कुमार मलिमथ एवं न्यायमूर्ति एनएस धानिक की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई।
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हरिद्वार निवासी पदम कुमार ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा था कि जिला शिक्षा अधिकारी ब्रह्मपाल सैनी ने अपने पद का दुरुपयोग कर कई शिक्षकों को नियम विरुद्ध तरीके से लाभ दिया है। याचिकाकर्ता का आरोप था कि सैनी नियमावली के विरुद्ध अपने गृह जनपद में तैनात हैं। इसकी शिकायत उन्होंने राज्य सरकार और जिलाधिकारी से भी की थी, जिसकी जांच भी की गई। जांच में सैनी पर लगाए गए आरोप साबित भी हुए लेकिन उनके खिलाफ कोई विभागीय कार्रवाई नहीं की गई।
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