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Hindi News ›   Uttarakhand ›   Nainital News ›   Permanent public courts in five districts of the state will be opened

प्रदेश के पांच जिलों में खोली जाएंगी स्थायी लोक अदालतें

Sun, 20 Dec 2015 02:03 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, नैनीताल।
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, नैनीताल। Updated Sun, 20 Dec 2015 02:03 AM IST
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उत्तराखंड राज्य में आम जनता को त्वरित न्याय दिलाने के लिए राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण ने प्रयास तेज कर दिए हैं। प्राधिकरण की 14वीं बोर्ड बैठक में राज्य के नैनीताल, हरिद्वार, टिहरी, अल्मोड़ा व पौड़ी में स्थायी लोक अदालतें स्थापित करने का निर्णय लिया गया। ज्ञात रहे कि देहरादून तथा ऊधमसिंह नगर में स्थायी लोक अदालत खोले जाने का निर्णय बोर्ड की पूर्व बैठक में ही लिया जा चुका है।

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वरिष्ठ न्यायाधीश वीके बिष्ट की अध्यक्षता हुई बैठक में 11 अहम बिंदुओं पर चर्चा की गई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य एनजीओ के माध्यम से दुर्गम क्षेत्रों में नि:शुल्क विधिक सेवाओं का संचालन करना रहा। विधिक सेवा प्राधिकरण की बैठक में उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश केएम जोसफ और न्यायमूर्ति यूसी ध्यानी सदस्य के रूप में मौजूद रहे।
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 बैठक में प्रमुख सचिव न्याय रामसिंह, समाज कल्याण सचिव भूपेंदर कौर, राजस्व सचिव डीएस गर्ब्याल, वित्त सचिव अमित नेगी, एडीजी पुलिस राम सिंह मीणा, हाईकोर्ट रजिस्ट्रार जनरल डीपी गैरोला, जिला जज कुमकुम रानी, राज्य महिला आयोग अध्यक्ष सरोजनी कैंत्यूरा, मुख्य सचिव विधायी जेडी सिंह, सीनियर एडवोकेट एसएन बाबुलकर, विभागाध्यक्ष लॉ डीएवी पीजी कालेज देहरादून डा. मो. रऊफ, इंडिया रेड क्रास सोसायटी ऊधमसिंह नगर के अध्यक्ष डा. संजीव शुक्ला, अधिवक्ता देहरादून केपी काला, चाइल्ड वेलफेयर कमेटी हरिद्वार कलमा जोशी समेत कुछ अन्य सदस्यों ने शिरकत की ।
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शनिवार की बैठक में देहरादून में बीती 25 जनवरी को हुई बैठक के निर्णयों पर भी विचार विमर्श किया गया। प्राधिकरण के अध्यक्ष न्यायाधीश  वीके बिष्ट ने बताया कि बैठक में यह निर्णय लिया गया है कि इच्छुक एनजीओ जो बिना  शुल्क लिए हुए विधिक सेवा से जुड़ना चाहते हैं उन्हें राज्य और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से जोड़ा जाएगा और हर गांव तक विधिक सेवा पहुंचाई जाएगी।


जस्टिस वीके बिष्ट ने बताया कि विधिक सेवा के लिए टोल फ्री नंबर 1800-180-4000 पर जरूरतमंद लोग जानकारी ले सकते हैं। लोक अदालतों को राज्य के 5 अन्य जिलों में भी प्रारंभ किया जाएगा जिनमें नैनीताल, हरिद्वार, टिहरी, पौड़ी व अल्मोड़ा शामिल हैं। बैठक में कानूनी अधिकारों के प्रति दूरदर्शन तथा रेडियो के माध्यम से जागरूकता फैलाए जाने का भी निर्णय लिया गया।  


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