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नैनीताल में हवा के सिवा सब टैक्स के दायरे में: होटलों में पीने का पानी भी खरीदना मजबूरी, शौचालय पर भी कर

Mon, 28 Apr 2025 12:21 PM IST
हीरा मेहरा अमर उजाला नेटवर्क, नैनीताल
अमर उजाला नेटवर्क, नैनीताल Published by: हीरा मेहरा Updated Mon, 28 Apr 2025 12:21 PM IST
सार

नैनीताल घूमने आने वाले लोगों को हर कदम पर अपनी जेब ढीली करनी पड़ती है। इसका खामियाजा स्थानीय लोगों को भी उठाना पड़ रहा है। उन्हें बाइक खड़ी करने के लिए भी शुल्क देना पड़ता है। इसके अलावा ऐसे कई शुल्क हैं जो जेब पर खर्चों का बोझ बढ़ाते हैं। 
 

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People visiting Nainital should have to pay tax on everything
नैनीताल - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

पर्यटन स्थल नैनीताल में देश-दुनिया के लोग घूमने आते हैं। यहां उन्हें हर कदम पर जेब ढीली करनी पड़ती है। इसका खामियाजा यहां के आम लोगों को भी उठाना पड़ता है, उन्हें बाइक खड़ी करने के लिए भी शुल्क देना पड़ता है। यहां के लोग बिजली, पानी, सीवर, हाउस टैक्स तो देते ही हैं, इसके अलावा ऐसे कई शुल्क हैं जो जेब पर खर्चों का बोझ बढ़ाते हैं। 

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ऐसी है करों की घेराबंदी
लेकब्रिज शुल्क : अंग्रेजों ने शहर में आने वाले लोगों के लिए लेकब्रिज शुल्क शुरू किया। बाद में बारापत्थर और फांसी गधेरे के पास शुल्क वसूली शुरू की गई। कुछ वर्षों पहले लेकब्रिज शुल्क का मामला हाईकोर्ट पहुंचा तो बारापत्थर और फांसी गधेरे से टोल खत्म कर दिया गया था। अब वाहनों के दबाव को देखते हुए हाईकोर्ट के आदेश पर दोबारा तीनों स्थानों पर शुल्क लिया जा रहा है। यहां ऑनलाइन भुगतान पर 300 और कैश देने पर 500 रुपये लगते हैं।
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पार्किंग शुल्क : नैनीताल में बाहर से आने वाले लोग वाहन की पार्किंग के लिए 500 रुपये शुल्क देते हैं तो स्थानीय लोगों को वाहनों का मासिक पास बनवाना पड़ता है। प्रोइक के लिए भी पार्किंग शुल्क देना होता है।
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हल्द्वानी से बस का किराया 85, रुसी बाईपास से 60 रुपये
आम नागरिकों की सेवाओं का हाल यह है कि परिवहन निगम हल्द्वानी से नैनीताल के लिए 85 रुपये किराया लेता है। वहीं रूसी बाइपास से किसी को दूसरे वाहनों से शहर आना है तो प्रति सवारी 60 रुपये देने पड़ते हैं।

डेढ़ किमी. में आने-जाने के 30 रुपये : मल्लीताल में ई-रिक्शा की सवारी भी कम महंगी नहीं है। तीन किमी आने-जाने में एक व्यक्ति के 30 रुपये खर्च हो जाते हैं।

जू जाने के लिए एक किमी का 70 रुपये किराया : इंडिया होटल से चिड़ियाघर जाने के लिए एक व्यक्ति को ई-कॉमेट टैक्सी से 70 रुपये देने पड़ते हैं।

रेस्टोरेंट में मिलता है वोतलबंद पानी
केंद्र सरकार की गाइडलाइन के अनुसार, होटल, रेस्टोरेंट संचालक साफ पानी और शौचालय के प्रयोग का शुल्क नहीं लेंगे। इसके उलट नैनीताल के होटल व रेस्टोरेंट में बोतलबंद पानी मिलता है। इसके लिए ग्राहक 20-30 रुपये चुकाने पड़ते हैं।

शौचालय पर भी कर
शहर में आने वाले लोगों के लिए सामुदायिक शौचालय बने हैं, लेकिन यहां यूरिनल पर भी पांच रुपये देने होते हैं। इसके अलावा शौच जाने वालों को 10 रुपये खर्च करने पड़ते हैं।


घूमने पर भी पैसे
यहां वन विभाग चाइना पीक जाने वालों से पैसे लेता है। किलबरी में गेट पर 50 रुपये देने पड़ते हैं। टिफिन टॉप जाने वालों से वारापत्थर में पैसे लिए जाते हैं। यहां घोड़े वालों पर शुल्क लगता है।

छावनी क्षेत्र में जाने के लिए भी ढीली होगी जेब
छावनी क्षेत्र में जाने वाले लोगों को भी अब जेब ढीली करनी पड़ेगी। जू रोड जाने वाले कॉमर्शियल और निजी वाहनों पर छावनी स्थायित्व व सुधार शुल्क लागू कर दिया है। जू रोड पर सूर्या होटल कैंट के 19 नंबर पिलर से आगे बढ़ने पर चारपहिया वाहनों को 200 रुपये और बाइक सवारों को 50 रुपये शुल्क देना पड़ेगा। इसका आदेश छावनी परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी वरुण कुमार ने जारी कर दिया है। शुल्क दो मई से लिया जाएगा।

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