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लोगों का प्यार ही सबसे बड़ी पूंजी : माया
निशांत खनी/हल्द्वानी।
Updated Sun, 25 Sep 2016 11:23 PM IST
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माया
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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माया उपाध्याय कुमाऊं की सबसे लोेकप्रिय लोक गायकों में शुमार हैं। माया उपाध्याय ने कई सुपर हिट गीतों को अपनी आवाज दी है। युवाओं में माया का जबर्दस्त क्रेज है। उनकी सुरीली आवाज सुनकर युवा ही नहीं बच्चे और बूढ़े भी झूमने लगते हैं। माया की यही सबसे बड़ी शोहरत है। माया के मुताबिक आज के दौर में लोगों के दिलों में बसना ही सबसे बड़ी सफलता है।
मोतीनगर में आयोजित तराई भाबर महोत्सव में पहुंचीं माया उपाध्याय ने अमर उजाला से बातचीत में कहा कि ‘छिणा पाणि’ एलबम जल्द ही उनके चाहने वालों के लिए बाजार में आएगी। एलबम में आठ गीत होंगे और इसकी विडियो रिकार्डिंग भी शुरू हो गई हैं। उम्मीद है कि अन्य एलबमों की तरह प्रशंसकों को यह भी बेहद पसंद आएगी। माया के मुताबिक एलबम के आठों गीत समसामयिक हैं।
माया उपाध्याय अब तक पांच सौ से अधिक कुमाऊंनी गीतों को आवाज दे चुकी हैं। माया कहती हैं, लोकप्रिय कुमाऊंनी लोक गायक गोपाल बाबू उनके आदर्श हैं। गोपाल बाबू की तरह ही अपने गीतों से वह उत्तराखंड की संस्कृति और परंपराओं को जिंदा रखने की कोशिश करती हैं।
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सेल्फी के लिए उमड़े प्रशंसक
महोत्सव में पहुंचते ही माया उपाध्याय प्रशंसकों से घिर गईं। प्रशंसक उनके साथ सेल्फी के लिए उमड़ पड़े। माया ने भी अपने चाहने वालों को निराश नहीं किया और स्टेज शो से पहले प्रशंसकों के साथ सेल्फी खिंचवाई।
गांव का सामूहिक महोत्सव
तराई भाबर महोत्सव के आयोजन में ग्रामसभा फताबंगर ने अनूठी पहल शुरू की है। ग्रामसभा की तरफ से सामूहिक महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। इसमें न कोई व्यक्ति आयोजक है और न ही मेहमान। सभी लोगों की भागीदारी है। ग्राम प्रधान मोहन चंद्र लोशाली ने बरेली रोड के सभी 22 ग्राम प्रधानों और 10 क्षेत्र पंचायत सदस्यों के अलावा सभी राजनैतिक दलों के जनप्रतिनिधियों को आमंत्रित किया है। आमंत्रित अतिथि राजनैतिक प्रतिद्वंद्विता छोड़ ग्रामीण जनता के साथ बैठक महोत्सव में सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आनंद उठा रहे हैं।
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मोतीनगर में आयोजित तराई भाबर महोत्सव में पहुंचीं माया उपाध्याय ने अमर उजाला से बातचीत में कहा कि ‘छिणा पाणि’ एलबम जल्द ही उनके चाहने वालों के लिए बाजार में आएगी। एलबम में आठ गीत होंगे और इसकी विडियो रिकार्डिंग भी शुरू हो गई हैं। उम्मीद है कि अन्य एलबमों की तरह प्रशंसकों को यह भी बेहद पसंद आएगी। माया के मुताबिक एलबम के आठों गीत समसामयिक हैं।
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माया उपाध्याय अब तक पांच सौ से अधिक कुमाऊंनी गीतों को आवाज दे चुकी हैं। माया कहती हैं, लोकप्रिय कुमाऊंनी लोक गायक गोपाल बाबू उनके आदर्श हैं। गोपाल बाबू की तरह ही अपने गीतों से वह उत्तराखंड की संस्कृति और परंपराओं को जिंदा रखने की कोशिश करती हैं।
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सेल्फी के लिए उमड़े प्रशंसक
महोत्सव में पहुंचते ही माया उपाध्याय प्रशंसकों से घिर गईं। प्रशंसक उनके साथ सेल्फी के लिए उमड़ पड़े। माया ने भी अपने चाहने वालों को निराश नहीं किया और स्टेज शो से पहले प्रशंसकों के साथ सेल्फी खिंचवाई।
गांव का सामूहिक महोत्सव
तराई भाबर महोत्सव के आयोजन में ग्रामसभा फताबंगर ने अनूठी पहल शुरू की है। ग्रामसभा की तरफ से सामूहिक महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। इसमें न कोई व्यक्ति आयोजक है और न ही मेहमान। सभी लोगों की भागीदारी है। ग्राम प्रधान मोहन चंद्र लोशाली ने बरेली रोड के सभी 22 ग्राम प्रधानों और 10 क्षेत्र पंचायत सदस्यों के अलावा सभी राजनैतिक दलों के जनप्रतिनिधियों को आमंत्रित किया है। आमंत्रित अतिथि राजनैतिक प्रतिद्वंद्विता छोड़ ग्रामीण जनता के साथ बैठक महोत्सव में सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आनंद उठा रहे हैं।