{"_id":"5d7ff2fc8ebc3e93c6337f38","slug":"people-convicted-in-housing-scam-why-not-take-action-against-the-guilty-haldwani-news-hld356955248","type":"story","status":"publish","title_hn":"आवास घोटाले में दोषी लोगों दोषी लोगों पर क्यों नहीं हो रही कार्रवाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आवास घोटाले में दोषी लोगों दोषी लोगों पर क्यों नहीं हो रही कार्रवाई
विज्ञापन
Ghotala
नैनीताल। हाईकोर्ट ने ऊधमसिंह नगर की नगर पंचायत शक्तिगढ़ में राजीव आवास घोटाले के मामले में दायर जनहित याचिका पर सुनवाई के बाद सरकार व जिला प्रशासन से पूछा है कि दोषी लोगों पर कार्रवाई क्यों नहीं की गई। अदालत ने आवंटियों के खाते में गलत तरीके से सरकारी पैसा डालने के मामले में कार्रवाई की जानकारी 25 सितंबर तक देने को कहा है। जिला प्रशासन ने कोर्ट में गलत आवंटन के दायरे में आए 17 लोगों की सूची पेश की है।
मुख्य न्यायाधीश रमेश रंगनाथन एवं न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। मामले के अनुसार शक्तिगढ़ ऊधमसिंह नगर निवासी रमेश राय और प्रेम अरोरा ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा था कि नगर पंचायत शक्तिगढ़ ने 2016 में राजीव आवास योजना के तहत 504 गरीबों के लिए मकान मंजूर किए थे। इसमें टाइप ए आवास के लिए 3.88 लाख, टाइप बी के लिए 3.68 लाख रुपये मंजूर किए गए। इसमें नगर पंचायत को करीब नौ करोड़ का बजट मिला। नगर पंचायत ने यहां 298 आवास बनाए हैं जिसमें बहुत अनियमितता की गई है। योजना के तहत लाभार्थी को खुद निर्माण कराना होता है लेकिन नगर पंचायत ने काम ठेकेदारों से करवा दिया। लाभार्थियों के चेकबुक और पासबुक खुद रख लिए। डीएम के निर्देश पर एसडीएम ने जांच की और रिपोर्ट में बताया कि चेयरमैन समेत 17 लोग दोषी पाए गए हैं, लेकिन मामले में आगे कार्यवाई नहीं हो रही है। कोर्ट ने सुनवाई के दौरान सरकार से पूछा कि आखिर 17 लोगों को दोषी पाए जाने के बाद सरकार के स्तर से कार्रवाई क्यों नहीं हो रही है।
-------------
जांच के बाद दोषी पाए गए 17 लोग
नगर पंचायत अध्यक्ष सुकांत ब्रह्मा, तत्कालीन अधिशासी अधिकारी जयवीर सिंह राठी, वर्तमान ईओ सरिता राणा, लिपिक सुरेश सिंह, तत्कालीन जेई रावेंद्र पाल सिंह, सभासद शगुन गुप्ता, उपेंद्र सिंह, मीना सरकार, काला चांद दास, ठेकेदार संजीव गुप्ता, कैलाश चंद माहेश्वरी, रमेश मिश्रा, जसविदर सिंह, सुनील अरोरा, हर विलास, अशोक कुमार व बैंक मैनेजर सिद्धार्थ कुमार शामिल है।
विज्ञापन
विज्ञापन
मुख्य न्यायाधीश रमेश रंगनाथन एवं न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। मामले के अनुसार शक्तिगढ़ ऊधमसिंह नगर निवासी रमेश राय और प्रेम अरोरा ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा था कि नगर पंचायत शक्तिगढ़ ने 2016 में राजीव आवास योजना के तहत 504 गरीबों के लिए मकान मंजूर किए थे। इसमें टाइप ए आवास के लिए 3.88 लाख, टाइप बी के लिए 3.68 लाख रुपये मंजूर किए गए। इसमें नगर पंचायत को करीब नौ करोड़ का बजट मिला। नगर पंचायत ने यहां 298 आवास बनाए हैं जिसमें बहुत अनियमितता की गई है। योजना के तहत लाभार्थी को खुद निर्माण कराना होता है लेकिन नगर पंचायत ने काम ठेकेदारों से करवा दिया। लाभार्थियों के चेकबुक और पासबुक खुद रख लिए। डीएम के निर्देश पर एसडीएम ने जांच की और रिपोर्ट में बताया कि चेयरमैन समेत 17 लोग दोषी पाए गए हैं, लेकिन मामले में आगे कार्यवाई नहीं हो रही है। कोर्ट ने सुनवाई के दौरान सरकार से पूछा कि आखिर 17 लोगों को दोषी पाए जाने के बाद सरकार के स्तर से कार्रवाई क्यों नहीं हो रही है।
विज्ञापन
-------------
जांच के बाद दोषी पाए गए 17 लोग
नगर पंचायत अध्यक्ष सुकांत ब्रह्मा, तत्कालीन अधिशासी अधिकारी जयवीर सिंह राठी, वर्तमान ईओ सरिता राणा, लिपिक सुरेश सिंह, तत्कालीन जेई रावेंद्र पाल सिंह, सभासद शगुन गुप्ता, उपेंद्र सिंह, मीना सरकार, काला चांद दास, ठेकेदार संजीव गुप्ता, कैलाश चंद माहेश्वरी, रमेश मिश्रा, जसविदर सिंह, सुनील अरोरा, हर विलास, अशोक कुमार व बैंक मैनेजर सिद्धार्थ कुमार शामिल है।
विज्ञापन