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दो घंटे स्ट्रेचर पर पड़ा रहा मरीज, कोई देखने नहीं आया
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हल्द्वानी बुद्वपार्क में धरने पर बैठे उपनल कर्मी। अमर उजाला
- फोटो : HALDWANI
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हल्द्वानी। सुशीला तिवारी अस्पताल में उपनल कर्मियों की हड़ताल के चलते हालात बदतर होते जा रहे हैं। मरीजों को इलाज और जांचें कराने के लिए पसीना बहाना पड़ रहा है। बुधवार को एक मरीज स्ट्रेचर पर दो घंटे तक पड़ा रहा।
हड़ताल के चलते अस्पताल गंदगी से पट गया है। बुधवार को मुख्य गेट के पास ही जगह-जगह कूड़ा फैला था। सात दिनों की हड़ताल से एसटीएच में अब तक 150 से अधिक ऑपरेशन टल चुके हैं। 26 मार्च से अस्पताल में भर्ती एक मरीज का ओटी में गंदगी के चलते ऑपरेशन नहीं हो पा रहा है। वार्ड इंचार्ज नीतू ने बुधवार को झाड़ू लगाई। स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग के पीजी डॉक्टर एक गर्भवती महिला को स्ट्रेचर से ऑपरेशन थियेटर तक लेकर गए। प्राचार्य डॉ. सीपी भैसोड़ा ने बताया कि सफाई के लिए पर्यावरण मित्रों की व्यवस्था की है। उपनल से भी अतिरिक्त कर्मचारी मांगे हैं, मगर जवाब नहीं मिला है।
निजी कंपनी को दिया गया सफाई का ठेका
हल्द्वानी। सुशीला तिवारी अस्पताल में बुधवार को 15 पर्यावरण मित्र सफाई का जिम्मा संभालेंगे। डीएम धीराज सिंह गर्ब्याल के आदेश पर कार्यवाहक सिटी मजिस्ट्रेट एवं एसडीएम लालकुआं ऋचा सिंह ने एसटीएच में मोर्चा संभाल रखा है। बुधवार को एसडीएम विवेक राय और एसडीएम ऋचा सिंह ने राजकीय मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. सीपी भैसोड़ा और एसटीएच के एमएस डॉ. अरुण जोशी के साथ बैठक की। एसडीएम सिंह ने मेडिकल कॉलेज प्रबंधन का एक कंपनी से 15 दिन के लिए करार कराया। सिंह ने बताया कि कंपनी 15 पर्यावरण मित्रों को बृहस्पतिवार से एसटीएच में सफाई के लिए भेजेगी। पर्यावरण मित्र सुबह और शाम को साफ-सफाई का जिम्मा संभालेंगे।
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कर्मियों का उत्पीड़न हुआ तो आंदोलन करेंगे
हल्द्वानी। समान काम के लिए समान वेतन और नियमितीकरण की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे उपनल कर्मियों ने बुधवार को सातवें दिन भी बुद्ध पार्क में प्रदर्शन कर नारेबाजी की। उपनल कर्मियों के आंदोलन को कांग्रेस, आम आदमी पार्टी और देवभूमि सफाई कर्मचारी संगठन ने समर्थन दिया। कहा कि अगर कर्मियों को उत्पीड़न हुआ तो आंदोलन किया जाएगा। उपनल कर्मचारी महासंघ के मुख्य कार्यक्रम संयोजक महेश भट्ट, विजय राम, विनोद पंवार, राकेश सिंह राणा, वीरेंद्र बिष्ट, नरेंद्र बिष्ट और मनोज पांडे भी हड़ताल में शामिल हुए और आगे की रणनीत तय की। समर्थन देने वालों में एआईसीसी सदस्य सुमित हृदयेश, आप के प्रवक्ता समित टिक्कू और देवभूमि सफाई कर्मचारी संगठन के राहत मसीह थे। प्रदर्शन करने वालों में नीरज हेड़िया, चंदू कफल्टिया, मोहन रावत, मनमोहन पाटनी, जितेश क्वीरा, हेमा आर्या, प्रीति सिंह, उमा डांगी, अजय कुमार आदि थे।
हड़ताली कर्मियों के लिए काम नहीं तो वेतन नहीं का आदेश
हल्द्वानी। मांगों को लेकर कार्य बहिष्कार या हड़ताल करने वाले कर्मियों के खिलाफ शासन ने कड़ा रुख अख्तियार किया है। मुख्य सचिव ओम प्रकाश ने हड़ताल पर गए कर्मियों के संबंध में काम नहीं तो वेतन नहीं का आदेश जारी किया है। साथ ही अनुपस्थिति की अवधि और मार्च का वेतन अग्रिम आदेशों तक आहरित न करने के आदेश दिए हैं।
मुख्य सचिव ओम प्रकाश ने अपने आदेश में कहा कि विभिन्न सरकारी संगठन अपनी मांगों को लेकर हड़ताल या कार्य बहिष्कार करते हैं जिससे जनसामान्य को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। कर्मियों की ओर से की जाने वाली हड़ताल राज्य कर्मचारी आचरण नियमावली के तहत प्रतिबंधित है। हड़ताल या कार्य बहिष्कार के लिए कोई कार्मिक अगर अवकाश लेता है साथ ही अनिश्चितकालीन हड़ताल एवं आंदोलन कार्यक्रम में प्रतिभाग करेगा तो उसको स्वत: ही अनुपस्थित माना जाएगा। राजकीय मेडिकल कालेज के प्राचार्य डॉ. सीपी भैसोड़ा ने कहा कि उक्त आदेशों के अनुपालन में आंदोलित समस्त उपनल कर्मियों को सूचित किया जाता है की मेडिकल कॉलेज, कॉलेज के टीचिंग हॉस्पिटल डॉ. सुशीला तिवारी राजकीय चिकित्सालय एवं अन्य इकाइयों की सभी सेवाएं सुचारु रूप से शुरू करें।
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हड़ताल के चलते अस्पताल गंदगी से पट गया है। बुधवार को मुख्य गेट के पास ही जगह-जगह कूड़ा फैला था। सात दिनों की हड़ताल से एसटीएच में अब तक 150 से अधिक ऑपरेशन टल चुके हैं। 26 मार्च से अस्पताल में भर्ती एक मरीज का ओटी में गंदगी के चलते ऑपरेशन नहीं हो पा रहा है। वार्ड इंचार्ज नीतू ने बुधवार को झाड़ू लगाई। स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग के पीजी डॉक्टर एक गर्भवती महिला को स्ट्रेचर से ऑपरेशन थियेटर तक लेकर गए। प्राचार्य डॉ. सीपी भैसोड़ा ने बताया कि सफाई के लिए पर्यावरण मित्रों की व्यवस्था की है। उपनल से भी अतिरिक्त कर्मचारी मांगे हैं, मगर जवाब नहीं मिला है।
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निजी कंपनी को दिया गया सफाई का ठेका
हल्द्वानी। सुशीला तिवारी अस्पताल में बुधवार को 15 पर्यावरण मित्र सफाई का जिम्मा संभालेंगे। डीएम धीराज सिंह गर्ब्याल के आदेश पर कार्यवाहक सिटी मजिस्ट्रेट एवं एसडीएम लालकुआं ऋचा सिंह ने एसटीएच में मोर्चा संभाल रखा है। बुधवार को एसडीएम विवेक राय और एसडीएम ऋचा सिंह ने राजकीय मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. सीपी भैसोड़ा और एसटीएच के एमएस डॉ. अरुण जोशी के साथ बैठक की। एसडीएम सिंह ने मेडिकल कॉलेज प्रबंधन का एक कंपनी से 15 दिन के लिए करार कराया। सिंह ने बताया कि कंपनी 15 पर्यावरण मित्रों को बृहस्पतिवार से एसटीएच में सफाई के लिए भेजेगी। पर्यावरण मित्र सुबह और शाम को साफ-सफाई का जिम्मा संभालेंगे।
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कर्मियों का उत्पीड़न हुआ तो आंदोलन करेंगे
हल्द्वानी। समान काम के लिए समान वेतन और नियमितीकरण की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे उपनल कर्मियों ने बुधवार को सातवें दिन भी बुद्ध पार्क में प्रदर्शन कर नारेबाजी की। उपनल कर्मियों के आंदोलन को कांग्रेस, आम आदमी पार्टी और देवभूमि सफाई कर्मचारी संगठन ने समर्थन दिया। कहा कि अगर कर्मियों को उत्पीड़न हुआ तो आंदोलन किया जाएगा। उपनल कर्मचारी महासंघ के मुख्य कार्यक्रम संयोजक महेश भट्ट, विजय राम, विनोद पंवार, राकेश सिंह राणा, वीरेंद्र बिष्ट, नरेंद्र बिष्ट और मनोज पांडे भी हड़ताल में शामिल हुए और आगे की रणनीत तय की। समर्थन देने वालों में एआईसीसी सदस्य सुमित हृदयेश, आप के प्रवक्ता समित टिक्कू और देवभूमि सफाई कर्मचारी संगठन के राहत मसीह थे। प्रदर्शन करने वालों में नीरज हेड़िया, चंदू कफल्टिया, मोहन रावत, मनमोहन पाटनी, जितेश क्वीरा, हेमा आर्या, प्रीति सिंह, उमा डांगी, अजय कुमार आदि थे।
हड़ताली कर्मियों के लिए काम नहीं तो वेतन नहीं का आदेश
हल्द्वानी। मांगों को लेकर कार्य बहिष्कार या हड़ताल करने वाले कर्मियों के खिलाफ शासन ने कड़ा रुख अख्तियार किया है। मुख्य सचिव ओम प्रकाश ने हड़ताल पर गए कर्मियों के संबंध में काम नहीं तो वेतन नहीं का आदेश जारी किया है। साथ ही अनुपस्थिति की अवधि और मार्च का वेतन अग्रिम आदेशों तक आहरित न करने के आदेश दिए हैं।
मुख्य सचिव ओम प्रकाश ने अपने आदेश में कहा कि विभिन्न सरकारी संगठन अपनी मांगों को लेकर हड़ताल या कार्य बहिष्कार करते हैं जिससे जनसामान्य को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। कर्मियों की ओर से की जाने वाली हड़ताल राज्य कर्मचारी आचरण नियमावली के तहत प्रतिबंधित है। हड़ताल या कार्य बहिष्कार के लिए कोई कार्मिक अगर अवकाश लेता है साथ ही अनिश्चितकालीन हड़ताल एवं आंदोलन कार्यक्रम में प्रतिभाग करेगा तो उसको स्वत: ही अनुपस्थित माना जाएगा। राजकीय मेडिकल कालेज के प्राचार्य डॉ. सीपी भैसोड़ा ने कहा कि उक्त आदेशों के अनुपालन में आंदोलित समस्त उपनल कर्मियों को सूचित किया जाता है की मेडिकल कॉलेज, कॉलेज के टीचिंग हॉस्पिटल डॉ. सुशीला तिवारी राजकीय चिकित्सालय एवं अन्य इकाइयों की सभी सेवाएं सुचारु रूप से शुरू करें।