अक्षय तृतीया और परशुराम जयंती आज: उच्च राशि में विचरण करेंगे चंद्र, सूर्य और शुक्र ग्रह बना रहे विशेष योग
Parshuram Jayanti 2025: आज अक्षय तृतीया है। अक्षय तृतीया पर इस बार सूर्य अपने उच्चतम राशि मेष, चंद्र वृषभ और शुक्र मीन राशि में प्रवेश करेंगे।
विस्तार
अक्षय तृतीया पर इस बार सूर्य अपने उच्चतम राशि मेष, चंद्र वृषभ और शुक्र मीन राशि में प्रवेश करेंगे। इसके अलावा रोहिणी, रवि, शोभन, गजकेसरी, सर्वाथ सिद्धि, लक्ष्मी नारायण, की युति से चतुर्थ ग्रहों का योग भी बन रहा है। ज्योतिषशास्त्र के अनुसार इस दिन किए गए कार्यों से अक्षय फलों की प्राप्ति होती है। इस दिन विवाह और मांगलिक कार्यों के लिए अबूझ और श्रेष्ठ मुहूर्त है।
धार्मिक मान्यतानुसार अक्षय तृतीया के दिन से ही त्रेता युग का आरंभ माना जाता है। ज्योतिष डॉ. मंजु जोशी ने बताया कि वैशाख माह भगवान विष्णु का सबसे प्रिय माह माना जाता है और तृतीया तिथि को अक्षय तृतीया कहा जाता है। इस दिन सूर्य और चंद्रमा दोनों की सम्मिलित कृपा का फल अक्षय हो जाता है। अक्षय तृतीया के दिन ही भगवान विष्णु के छठे अवतार माने जाने वाले भगवान परशुराम का भी जन्म हुआ था। इस दिन भगवान विष्णु की उपासना और परशुराम की पूजा का भी विधान है। अक्षय तृतीया दोपहर 02:15 बजे तक विद्यमान रहेगी। इस दिन सोना, जेवर आदि खरीदना भी बेहद शुभ माना जाता है।
दान पुण्य का भी विशेष दिन
पूजा स्थल पर अखंड ज्योति प्रज्वलित करें। भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की प्रतिमा को शुद्ध जल से स्नान और वस्त्र आभूषण प्रदान करने के बाद आसन प्रदान करें। पूजन सामग्री के साथ उनका उनके नाम का जाप करें। अक्षय तृतीया के अवसर पर सामर्थानुसार दान करना शुभ माना जाता है। अन्न, वस्त्रइत्यादि का दान करें, गाय को भोजन कराएं, जौ, तिल,भेंट पितरों के निमित्त दान करें।