{"_id":"57d859004f1c1bb53dd481bd","slug":"or-god-make-peace-in-the-country","type":"story","status":"publish","title_hn":"या खुदा! मुल्क में बना रहे अमन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
या खुदा! मुल्क में बना रहे अमन
अमर उजाला ब्यूरो हल्द्वानी
Updated Wed, 14 Sep 2016 01:22 AM IST
विज्ञापन
बारगाहे इलाही में झुके सिर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
या खुदा, मुल्क में अपनी रहमत और नेमत बरसा, ताकि खुशहाली आए। अमन बना रहे, सभी की तरक्की हो और मुल्क के दुश्मनों को पस्त कर दे। इन्हीं दुआओं के साथ मंगलवार को ईदगाह में ईद-उल-अजहा की नमाज अदा की गई। उसके बाद शुरू हुआ कुरबानी का सिलसिला, जो बृहस्पतिवार शाम तक चलेगा।
विज्ञापन
हल्द्वानी में ईदगाह में हजारों लोगों ने नमाज के दौरान बारगाहे इलाही में एक साथ सजदा किया। यहां जामा मस्जिद के पेश मुफ्ती शाहिद अजहरी ने नमाज पढ़ाई। नमाज से पहले लोगों को खिताब करते हुए उन्होंने कहा कि ईद परवरदिगार का खास तोहफा है। यह कुरबानी की कुबूलियत की खुशी का दिन है।
विज्ञापन
कुरबानी हजरत इब्राहीम अलैहिस्सलाम की सुन्नत है। कुरबानी हर उस शख्स के लिए जरूरी है जिसके पास साढे़ बावन तौला चांदी या उसकी कीमत मौजूद है। घर में जितने साहिबे हैसियत हैं उन्हें कुर्बानी करने का हुक्म है। नमाज के बाद दुआ हुई और ईद का खास खुतबा पढ़ा गया।
विज्ञापन
मस्जिद बंजारान में पेश इमाम मौलाना अब्दुल बासित ने नमाज पढ़ाई। उन्होंने कुरबानी की फजीलत बताई। कहा कुरबानी का जानवर ताकतवर और सेहतमंद हो। विकलांग, बीमार और कम उम्र जानवर की कुरबानी नहीं हो सकती है। खुले में कुरबानी न करें।
कुरबानी के जानवर के अवशेष खुले में न डालें, जमीन में दबा दें। तीनों दिन प्रशासन का सहयोग करें। इनके अलावा मस्जिद बिलाली में मौलाना मोहम्मद आसिम, सुनहरी में मुफ्ती निजामुद्दीन, कुरैशियान में मौलाना कमर अशरफ, ख्वाजा मस्जिद में मौलाना मौलाना सलीम, मस्जिद चिराग अली शाह बाबा में मौलाना हयातुल्ला खां ने नमाज पढ़ाकर दुआ कराईं।
मस्जिद लाल में मौलाना अब्दुल रऊफ, मस्जिद गफ्फारी में मौलाना मौलाना रईस अहमद, ताज मस्जिद में मौलाना फुरकान कासमी, बड़ी मस्जिद इंदिरा नगर में मौलाना सय्यद इरफान रसूल, मदीना मस्जिद में मौलाना अब्दुल हक, नमरा में मौलाना अकरम, मस्जिद उमर में मौलाना मुकीम कासमी, आयशा में मौलाना हाकिम, मस्जिद रजा में मौलाना शाहिद रजा ने नमाज पढ़ाई।
नेट पर न डालें कुरबानी की फोटो
नमाज के दौरान उलेमा ने लोगों से अपील की कि कुरबानी की फोटो इंटरनेट पर न डालें। कुरबानी के दौरान फोटो खींचने से भी बचें। एक-दूसरे के साथ भाईचारा और सांप्रदायिक सद्भाव बनाते हुए त्यौहार मनाएं।