हल्द्वानी: एसटीएच में शाम पांच बजे तक चली ओपीडी, पीजी डॉक्टरों की हड़ताल सातवें दिन भी जारी रही
हल्द्वानी में स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर रेजीडेंट डॉक्टरों की हड़ताल सातवें दिन भी जारी रही। सुशीला तिवारी अस्पताल में धरने पर बैठे डॉक्टरों ने कहा कि मांग पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा।
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हल्द्वानी में स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग कर रहे रेजीडेंट डॉक्टरों की हड़ताल सातवें दिन भी जारी रही। सुशीला तिवारी अस्पताल में धरने पर बैठे डॉक्टरों ने कहा कि जब तक मांग पूरी नहीं होगी, आंदोलन जारी रहेगा। हालांकि अच्छी बात यह रही कि मंगलवार से अस्पताल में पीजी डॉक्टरों ने शिफ्टवाइज सहयोग शुरू कर दिया है। रात में डयूटी करने वाले डॉक्टर धरने पर बैठ रहे हैं जबकि सुबह की शिफ्ट वाले डयूटी दे रहे हैं। इससे वरिष्ठ डॉक्टरों व मरीजों को काफी राहत मिली। इस दौरान विधायक सुमित हृदयेश ने धरना स्थल पर पहुंचकर डॉक्टरों की मांगों का समर्थन किया।
डॉक्टरों के धरने के कारण इलेक्टिव ऑपरेशन अभी भी नहीं हो रहे हें लेकिन इमरजेंसी सेवाएं जारी हैं। एमएस के निर्देश पर मंगलवार को शाम पांच बजे तक डॉक्टर ओपीडी पर बैठे रहे। मंगलवार को विभिन्न विभागों में 1789 मरीज दिखाने पहुंचे। सबसे अधिक मेडिसिन में 402, स्किन एवं वीडी में 270 और नाक-कान-गला विभाग में 220 मरीज देखे गए। आंदोलित पीजी डाॅक्टरों का कहना है कि सरकार की ओर से सकारात्मक पहल हो रही है इसलिए वह भी मरीजों को शिफ्टवाइज देख रहे हैं। धरने पर डॉ. मोनिस खान, डॉ. राजदीप, डॉ. विकास, डॉ. स्वाति, डॉ. प्रभात, डाॅ. फर्णिका, डॉ. विक्की आदि रहे।
पैरामेडिकल इंटर्न ने उठाई 15 हजार मासिक मानदेय की मांग
पैरामेडिकल के इंटर्न सुबह 10 बजे से एसटीएच परिसर में धरने पर बैठ गए हैं। पैरामेडिकल के छात्रों के आंदोलन में उतरने के साथ ही अस्पताल प्रशासन ने एमबीबीएस इंटर्न के साथ ही नियमित कर्मियों को डयूटी पर तैनात कर दिया है।
पैरामेडिकल इंटर्न किरन भंडारी का कहना है कि 2022 से 2025 तक के छात्र-छात्राएं इंटर्नशिप कर चुकी हैं लेकिन उन्हें किसी प्रकार का मासिक मानदेय नहीं दिया जा रहा है। उन्हें प्रतिमाह 15 हजार रुपये मानदेय दिया जाए। कृष्णा आर्या ने बताया कि मुख्यमंत्री को भी ज्ञापन भेजा गया है। इस दौरान हरेंद्र सिंह रावत, समर्धी रावत, लोकेश, अनन्या, सौरभ आदि शामिल रहे।