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पहले दिन पर्यटकों ने जी भर किया शिखा का दीदार, नैनीताल के चिड़ियाघर में करीब दो साल की बाघिन शिखा को पहली बार लोगों के देखने लिए रखा गया
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नैनीताल के जू में बंगाल टाइगर।
- फोटो : NAINITAL
नैनीताल। नगर स्थित चिड़ियाघर में पर्यटकों ने रविवार को करीब दो साल कि बाघिन शिखा के दीदार किए। यह पहली बार था जब लोगों को शिखा को देखने का मौका मिला। शिखा ने अपने सरल व्यवहार से पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित किया। पूरे दिन शिखा को देखने के लिए भीड़ लगी रही।
वन क्षेत्राधिकारी अजय रावत ने बताया कि पिछले साल पांच मई को तराई पूर्वी की किशनपुर रेंज से एक पांच माह की मादा बंगाल टाइगर को बचाया गया था। उसे घायल अवस्था में रानीबाग बचाव केंद्र में रखा था। जहां उसका नाम शिखा रखा गया। बीते दस अक्तूबर को शिखा को नैनीताल के चिड़ियाघर लाया गया। वाइल्ड लाइफ चीफ, देहरादून से अनुमति
मिलने पर रविवार को शिखा को एक बाड़े में पर्यटकों के देखने के लिए रखा गया।
पहले ही दिन शिखा को देखने के लिए भीड़ लग गई। पशु चिकित्सक डॉ. हिमांशु पांडे ने बताया कि शिखा बहुत ही शांत है। पांच माह की उम्र से ही वह इंसानों के बीच पली बढ़ी है इसलिए इंसानों को देखकर वह विचलित नहीं होती। आरओ अजय सिंह रावत ने बताया कि इससे पूर्व चिड़ियाघर में तीन बंगाल टाइगर थे। अब शिखा के आने के बाद यह संख्या चार हो गई। जिनमें से सिर्फ एक नर है व अन्य मादा।
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वन क्षेत्राधिकारी अजय रावत ने बताया कि पिछले साल पांच मई को तराई पूर्वी की किशनपुर रेंज से एक पांच माह की मादा बंगाल टाइगर को बचाया गया था। उसे घायल अवस्था में रानीबाग बचाव केंद्र में रखा था। जहां उसका नाम शिखा रखा गया। बीते दस अक्तूबर को शिखा को नैनीताल के चिड़ियाघर लाया गया। वाइल्ड लाइफ चीफ, देहरादून से अनुमति
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मिलने पर रविवार को शिखा को एक बाड़े में पर्यटकों के देखने के लिए रखा गया।
पहले ही दिन शिखा को देखने के लिए भीड़ लग गई। पशु चिकित्सक डॉ. हिमांशु पांडे ने बताया कि शिखा बहुत ही शांत है। पांच माह की उम्र से ही वह इंसानों के बीच पली बढ़ी है इसलिए इंसानों को देखकर वह विचलित नहीं होती। आरओ अजय सिंह रावत ने बताया कि इससे पूर्व चिड़ियाघर में तीन बंगाल टाइगर थे। अब शिखा के आने के बाद यह संख्या चार हो गई। जिनमें से सिर्फ एक नर है व अन्य मादा।
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