{"_id":"652465eab9eab922810fd1d4","slug":"officials-should-identify-traditional-craftsmen-dm-nainital-news-c-238-1-ntl1002-64-2023-10-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"पारंपरिक शिल्पकारों को चिह्नित करें अधिकारी : डीएम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पारंपरिक शिल्पकारों को चिह्नित करें अधिकारी : डीएम
Tue, 10 Oct 2023 02:13 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
Updated Tue, 10 Oct 2023 02:13 AM IST
विज्ञापन
सोमवार को नैनीताल में अधिकारियों के साथ बैठक करती डीएम वंदना सिंह। फोटो सूचना विभाग
नैनीताल। डीएम वंदना ने खंड विकास अधिकारियों और निकायों के अधिशासी अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वह अपने अपने क्षेत्र में पारंपरिक शिल्प से जुड़े लोगों और कारीगरों को चिह्नित कर उन्हें पीएम विश्वकर्मा योजना का लाभ दिलाएं।
सोमवार को डीएम ने कलेक्ट्रेट सभागार में एमएसएमई की जिला स्तरीय क्रियान्वयन समिति की बैठक में कहा कि इस योजना का मुख्य उद्देश्य पारंपरिक शिल्पकार और कारीगरों को आर्थिक सहायता प्रदान करना है।
डीएम ने ब्लॉक स्तर पर मॉडल क्लस्टर विकसित करने के निर्देश दिए। उद्योग विभाग के जीएम सुनील पंत ने कहा कि योजना के तहत 18 पारंपरिक व्यवसाय जैसे ताला बनाने वाले, हथौड़ा और टूल किट निर्माता, सुनार, कुम्हार, मूर्तिकार, मोची, राज मिस्त्री, डलिया बनाने वाले, चटाई बनाने वाले, झाडू बनाने वाले, पारंपरिक गुड़िया और खिलौने बनाने वाले आदि को शामिल किया गया है।
विज्ञापन
बताया कि योजना के तहत कारीगरों और शिल्पकारों को सरकार की ओर से तीन लाख रुपये तक का ऋण दिया जाएगा।
बैठक में डीडीओ गोपाल गिरी, खादी ग्राम अधिकारी केएस कंबोज, दिवाकर विजेता, डीएस भंडारी, कमल जोशी, ललित मोहन आर्या, मोहन सिंह मेहरा, नवीन शर्मा, संजय सिंह मनराल, संजय कुमार, तनवीर अंसारी, सुरेश प्रकाश, विशाल शर्मा मौजूद थे।
विज्ञापन
सोमवार को डीएम ने कलेक्ट्रेट सभागार में एमएसएमई की जिला स्तरीय क्रियान्वयन समिति की बैठक में कहा कि इस योजना का मुख्य उद्देश्य पारंपरिक शिल्पकार और कारीगरों को आर्थिक सहायता प्रदान करना है।
विज्ञापन
डीएम ने ब्लॉक स्तर पर मॉडल क्लस्टर विकसित करने के निर्देश दिए। उद्योग विभाग के जीएम सुनील पंत ने कहा कि योजना के तहत 18 पारंपरिक व्यवसाय जैसे ताला बनाने वाले, हथौड़ा और टूल किट निर्माता, सुनार, कुम्हार, मूर्तिकार, मोची, राज मिस्त्री, डलिया बनाने वाले, चटाई बनाने वाले, झाडू बनाने वाले, पारंपरिक गुड़िया और खिलौने बनाने वाले आदि को शामिल किया गया है।
विज्ञापन
बताया कि योजना के तहत कारीगरों और शिल्पकारों को सरकार की ओर से तीन लाख रुपये तक का ऋण दिया जाएगा।
बैठक में डीडीओ गोपाल गिरी, खादी ग्राम अधिकारी केएस कंबोज, दिवाकर विजेता, डीएस भंडारी, कमल जोशी, ललित मोहन आर्या, मोहन सिंह मेहरा, नवीन शर्मा, संजय सिंह मनराल, संजय कुमार, तनवीर अंसारी, सुरेश प्रकाश, विशाल शर्मा मौजूद थे।