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बेस में रैबीज का इंजेक्शन नहीं
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 30 Dec 2016 01:54 AM IST
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कुत्ते का भौंकना
- फोटो : डेमो फोटो
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बेस अस्पताल में रैबीज के इंजेक्शन न होने से मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्हें बाजार से इंजेक्शन खरीदना पड़ रहा है। कुमाऊं के स्वास्थ्य विभाग के सबसे बड़े अस्पताल सोबन सिंह जीना बेस चिकित्सालय में कुछ दवाओं के साथ ही रैबीज के इंजेक्शन का टोटा हो गया है। हल्द्वानी के अलावा पर्वतीय क्षेत्रों के लोग भी कुत्ते के काटने से पीड़ित होने पर बेस अस्पताल ही आते हैं।
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लेकिन, कई दिनों से रैबीज का इंजेक्शन न होने से लोगों को बाहर से जाकर खरीदकर लगवाना पड़ रहा है। बाजार में रैबीज का इंजेक्शन करीब करीब 375 के आसपास का पड़ता है, जबकि अस्पताल में निशुल्क लगाया जाता है। बताते हैं अस्पताल में कुत्ता काटने से पीड़ित 15 से 20 लोग रोजना आते हैं।
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बेस अस्पताल में इंजेक्शन न होने की वजह से निर्धन लोगों को सबसे अधिक परेशानी हो रही है तथा इंजेक्शन महंगा होने के कारण वे इंजेक्शन लगवाए बगैर ही चले जा रहे हैं। इसके अलावा अस्पताल में दर्द निवारक जेल भी उपलब्ध नहीं है। प्रमुख अधीक्षक डॉ. एमएस बोहरा ने बताया कि कोई भी दवा खत्म होने पर उसे सीधे बाजार से खरीदने पर शासन से रोक है। इसलिए रैबीज इंजेक्शन और अन्य दवाओं की आपूर्ति के महानिदेशक स्वास्थ्य विभाग को लिखा गया है। इंजेक्शन जल्द आने की उम्मीद है। ब्यूरो
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