फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Nainital News ›   NGT's case reached the forest occupation

एनजीटी तक पहुंचा जंगल में कब्जे का मामला

Wed, 06 May 2015 01:47 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला,हल्द्वानी
ब्यूरो/अमर उजाला,हल्द्वानी Updated Wed, 06 May 2015 01:47 AM IST
विज्ञापन

नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) में जंगल में कब्जे को लेकर एक गैर सरकारी संगठन ने केस किया है। मामले में एनजीटी ने शासन समेत संबंधित जगह के डीएफओ को शपथ पत्र दाखिल करने का निर्देश दिया है। मामले में आठ मई को सुनवाई होनी है।

विज्ञापन


जंगल में अंधेरगर्दी हो रही है। ताकत, रसूख और कथित तौर पर नेताओं के संरक्षण के दम पर रामनगर जैसे इलाके में दबंग जंगल में अवैध सड़क बना रहे हैं, जिससे खुलेआम रेता, बजरी निकाला जा रहा है। ऐसे कई जगह मामले हैं, जहां पर वन भूमि पर कब्जा किया गया है। इसको लेकर सेंटर फार इनवायरमेंटल लिटिगेशन नामक संस्था ने एनजीटी में केस किया है।
विज्ञापन


इसमें नैनीताल, राजाजी नेशनल पार्क, बागेश्वर और रामनगर में जंगल की जमीन पर कब्जे की बात कही। मामले में एनजीटी ने संबंधित जगहों के निदेशक, डीएफओ को शपथ पत्र देने को कहा है, जिसको लेकर वनाधिकारियों की नींद उड़ी हुई है। वहीं, गौला में भी खनन को लेकर वन्यजीवों के संरक्षण के लिए कार्य करने वाले दिनेश पांडे ने भी एनजीटी में केस किया हुआ है। ऐसे में अवैध खनन, अराजकता को लेकर एनजीटी कोई कड़ा फैसला ले सकती है।
विज्ञापन
विज्ञापन


जांच कराने का करेंगे अनुरोध : बलूनी
हल्द्वानी। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता अनिल बलूनी उत्तराखंड की राज्य सरकार के संरक्षण में अवैध और अवैज्ञानिक खनन हो रहा है। सरकार के उच्च पदस्थ पदों पर आसीन लोग अवैध खनन से जुड़े हैं। अवैध खनन हो रहा है, उससे वैध खनन पर प्रभाव पड़ सकता है। भारत सरकार के केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय से वैज्ञानिक अध्ययन और जांच दोनों कराने का अनुरोध किया जाएगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed