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Nainital News: दुष्कर्म के आरोपी व्यापार मंडल अध्यक्ष नरेश पांडे को नहीं मिली जमानत
Wed, 07 Oct 2026 03:01 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
Updated Wed, 07 Oct 2026 03:01 AM IST
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नैनीताल। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश एफटीएससी (पॉक्सो एक्ट) सुधीर तोमर की अदालत से शादी का झांसा देकर शारीरिक संबंध बनाने के आरोपी भवाली व्यापार मंडल अध्यक्ष नरेश पांडे की जमानत अर्जी को खारिज दिया गया। न्यायालय ने आरोपी के आपराधिक इतिहास और एक अन्य नाबालिग से दुष्कर्म के आधार पर जमानत न देने से मना किया।
अभियोजन के मुताबिक 14 मई को मल्लीताल कोतवाली में पीड़िता ने आरोपी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करवाई। आरोप लगाया कि आरोपी ने अपने विवाह की बात छिपाकर उसे युवती को शादी का झांसा दिया और कई बार शारीरिक संबंध बनाए। जमानत प्रार्थना पत्र पर सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने आरोपी को सामाजिक प्रतिष्ठा वाला व्यक्ति बताते हुए जमानत देने की मांग की और कहा कि राजनीतिक दबाव में उसे झूठा फंसाया गया है। आरोपी आठ अगस्त 2026 से न्यायिक अभिरक्षा में है और मामले में आरोप पत्र भी दाखिल हो चुका है।
अभियोजक (पॉक्सो एक्ट) ने जमानत का विरोध करते हुए आरोपी का आपराधिक इतिहास बताया। उसके खिलाफ गुंडा एक्ट समेत आठ मुकदमे दर्ज हैं। आरोपी एक अन्य नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में भी न्यायिक अभिरक्षा में निरुद्ध है। सभी पक्षों को सुनने के बाद न्यायालय ने जमानत प्रार्थना पत्र निरस्त कर दिया।
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अभियोजन के मुताबिक 14 मई को मल्लीताल कोतवाली में पीड़िता ने आरोपी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करवाई। आरोप लगाया कि आरोपी ने अपने विवाह की बात छिपाकर उसे युवती को शादी का झांसा दिया और कई बार शारीरिक संबंध बनाए। जमानत प्रार्थना पत्र पर सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने आरोपी को सामाजिक प्रतिष्ठा वाला व्यक्ति बताते हुए जमानत देने की मांग की और कहा कि राजनीतिक दबाव में उसे झूठा फंसाया गया है। आरोपी आठ अगस्त 2026 से न्यायिक अभिरक्षा में है और मामले में आरोप पत्र भी दाखिल हो चुका है।
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अभियोजक (पॉक्सो एक्ट) ने जमानत का विरोध करते हुए आरोपी का आपराधिक इतिहास बताया। उसके खिलाफ गुंडा एक्ट समेत आठ मुकदमे दर्ज हैं। आरोपी एक अन्य नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में भी न्यायिक अभिरक्षा में निरुद्ध है। सभी पक्षों को सुनने के बाद न्यायालय ने जमानत प्रार्थना पत्र निरस्त कर दिया।
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