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नैनीताल जू हुआ आॅनलाइन

Fri, 18 Dec 2015 12:26 AM IST
भूपेंद्र मोहन रौतेला/अमर उजाला ब्यूरो, नैनीताल।
भूपेंद्र मोहन रौतेला/अमर उजाला ब्यूरो, नैनीताल। Updated Fri, 18 Dec 2015 12:26 AM IST
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Nainital Zoo is online

देश-विदेश में रहने वाले लोगों के लिए खुशखबरी है। अब उन्हें नैनीताल आने पर चिड़ियाघर में टिकट लेने के लिए लाइन पर खड़ा नहीं होना पड़ेगा। अब वह घर बैठे चिड़ियाघर घूमने के लिए आनलाइन टिकट हासिल कर सकते हैं।

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 इतना ही नहीं चिड़ियाघर के उच्च स्थलीय वन्य प्राणियों से प्रेम भाव रखने वाले पशु प्रेमी भी अब आनलाइन ही चिड़ियाघर की ओर से चलाई गई वन्य जीव अंगीकरण योजना का लाभ उठा सकते हैं। आनलाइन योजना शुरू होते ही दिल्ली के एक पशु प्रेमी ने आनलाइन योजना के तहत चिड़ियाघर में मौजूद गोल्डन फीजेंट के एक जोड़े का एक वर्ष के लिए अंगीकरण कर लिया है।
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नैनीताल में समुद्र सतह से 2100 मीटर की ऊंचाई पर 4.693 हेक्टेयर क्षेत्रफल में शेर का डांडा पहाड़ी में स्थित चिड़ियाघर की स्थापना का कार्य 1984 में हुआ था जबकि इसे दर्शकों के लिए अवलोकनार्थ 1 जून 1995 को खोला गया था। इसका प्रबंधन 1 मार्च 2002 से भारत रत्न पंडित गोविन्द बल्लभ पंत उच्च स्थलीय प्राणि उद्यान प्रबंध सोसायटी की ओर से किया जा रहा है।
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वर्तमान में जू में 250 वन्य प्राणि हैं जिसमें से अकेले विभिन्न प्रजातियों के 170 से ज्यादा रंग-बिरंगी पक्षियां शामिल हैं। जू में मौजूद रायल बंगाल टाइगर, हिमालयन काला भालू, रेड पांडा, ब्लू शिप, पाकिस्तान का राष्ट्रीय पशु मारखोर समेत वन्य प्राणियों की खासियत भी यह है कि वह अपनी अनोखी अदाओं से देश विदेश से आने वाले पर्यटकों को बार-बार यहां आने का आमंत्रण देते हैं।

यह इस बात से भी साफ जाहिर हो जाता है कि वर्ष 1995-96 में जू मेें 2543 पर्यटक आए थे लेकिन वर्ष 2014-15 में यह आकंड़ा 226747 (31 मार्च 2015 तक) पहुंच चुका है। जू प्रबंधन की ओर से पर्यटकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए अब आनलाइन की सुविधा भी शुरू कर दी है। अब आप देश या विदेश में कहीं भी बैठे हो औैर नैनीताल आने पर यहां जू देखने के इच्छुक हों तो आपको जू की वेबसाइट डब्लूडब्लूडब्लू डाट नैनीताल जू डाट ओआरजी डाट इन में क्लिक कर आनलाइन बुकिंग कर सकते हैं।

इतना ही नहीं जू प्रबंधन की ओर से चलायी गयी वन्य जीव अंगीकरण योजना का भी आनलाइन से लाभ उठाया जा सकता है। इसके लिए जू के वेबसाइट खोलकर एडोपटेंशन को क्लिक करना होगा। उसमें वन्य प्राणि से संबंधित सभी जानकारी तथा अंगीकरण की धनराशि आदि का विवरण होगा। आनलाइन योजना शुरू के बाद से द्वारिकापूरी नई दिल्ली में रहने वाले पशु प्रेमी अतुल शर्मा ने अपने पुत्र अक्षत शर्मा के नाम से गोल्डन फीजेंट के एक जोड़े को एक वर्ष के लिए 4400 रुपया देकर अंगीकृत किया है।


जू में अंगीकरण योजना के तहत वर्तमान में 34 वन्य प्राणियों को पशु प्रेमियों, विभिन्न संस्थाओं ने अंगीकृत किया है। योजना के तहत जो भी जिस वन्य प्राणि को अंगीकृत करता है उस वन्य प्राणि के बाड़े के समक्ष जू प्रबंधन उसके नाम का बोर्ड लगाता है तथा एक वर्ष तक उसकी ओर से दी गई धनराशि से संबंधित वन्य प्राणी की खान पान की व्यवस्था होती है।

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