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पहाड़ समारोह में विषय विशेषज्ञों का लगा जमावड़ा
ब्यूरो /अमर उजाला, नैनीताल।
Updated Sun, 29 Nov 2015 01:38 AM IST
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पहाड़ टीम की ओर से शनिवार को नैनीताल क्लब में तीन सत्रों में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। कार्यक्रमों में विभिन्न क्षेत्रों के विषय विशेषज्ञों का जमावड़ा लगा रहा। इस मौके जनकवि गिरीश तिवारी गिर्दा पर केंद्रित पहाड़ के 19वें अंक का विमोचन किया गया।
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इतना ही नहीं अस्कोट-आराकोट अभियान 2014 में देखी गई आपदा, केदारनाथ के पुनर्निर्माण की चुनौतियां विषयक प्रस्तुतियों के साथ ही 15वें राहुल सांस्कृत्यायन स्मारक व्याख्यान समारोह का भी आयोजन हुआ।
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समारोह की शुरुआत में अस्कोट-आराकोट अभियान में वर्ष 1984, 1994 व 2014 में पूरी यात्रा कर चुके कमल जोशी ने अपने अनुभव सुनाए। पहाड़ के संपादक प्रो. शेखर पाठक ने अस्कोट-आराकोट मार्ग में दैवीय आपदा प्रभावित गांवों व जलविद्युत परियोजनाओं, नदियों में हो रहे भू कटाव को भी स्लाइड शो के माध्यम से दिखाया गया।
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इस सत्र में नेहरू पर्वतारोहण संस्थान (निम) के प्रमुख कर्नल अजय कोठियाल ने आपरेशन केदारनाथ पर अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि विषम परिस्थितियों में चार सौ से अधिक नेपाली मजदूरों के साथ ही स्थानीय युवाओं के केदारनाथ के पुनर्निर्माण में अहम भूमिका निभाई है।
पुनर्निर्माण कार्यों के लिए एमआई 26 विमान की लेंडिंग होने व भारी मशीनों के पहुंचने से कार्यों में तेजी आई है। इस सत्र की अध्यक्षता वरिष्ठ पत्रकार हरिश्चंद्र चंदोला, संचालन डा. गोविंद पंत राजू ने किया।
दूसरे सत्र में पहाड़ के 19वें अंक का विमोचन किया गया। इस अंक को गिरीश तिवारी गिर्दा की रचनात्मकता के विविध आयामों को समर्पित किया था।
इसमें 57 लेखकों ने गिर्दा पर अपने संस्मरण, मूल्यांकन, समीक्षाएं व कविताएं लिखी थी। इस सत्र की अध्यक्षता लोकगायक नरेंद्र सिंह नेगी ने की।
इस सत्र का संचालन प्रो.गिरजा पांडे ने किया। तीसरे सत्र में 15वां राहुल सांस्कृत्यायन स्मारक व्याख्यान हुआ। इसमें मु्ख्य वक्ता भारतीय उच्च अध्ययन संस्थान शिमला के पूर्व अध्येता प्रो.वीर भारत तलवार थे।
इस मौके पर राष्ट्रीय ग्रामीण विकास संस्थान के पूर्व निदेशक प्रो. भगवती प्रसाद मैठाणी, प्रो.मधु जोशी, प्रो. रघुवीर चंद, पूर्व सांसद प्रदीप टम्टा, वरिष्ठ साहित्यकार प्रो.लक्ष्मण सिंह बिष्ट बटरोही, वरिष्ठ पत्रकार राजीव लोचन साह, पूर्व विधायक डा. नारायण सिंह जंतवाल, डा. शमशेर सिह बिष्ट, प्रो. उमा भट्ट, डा. प्रयाग जोसी, डा. शीला रजवार, प्रो. नीरजा टंडन, प्रो. जीएल साह, जहूर आलम, अनूप साह, गीता गैरोला, डा.लज्जा भट्ट, डा. बसंती पाठक, प्रो. गिरधर सिंह नेगी, गोपाल दत्त भट्ट, डा. नवीन चंद्र कफल्टिया, अरूण रौतेला, चंपा उपाध्याय, मुन्नी तिवारी, राम सिंह गुसाई, हरीश पाठक, वीरेंद्र आदि मौजूद थे।