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लालकुआं सीट पर पड़े सर्वाधिक नोटा वोट

Sun, 12 Mar 2017 12:10 AM IST
अमर उजाला, हल्द्वानी।
अमर उजाला, हल्द्वानी। Updated Sun, 12 Mar 2017 12:10 AM IST
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Most unpopular votes on Lalu's seat
NOTA in PU Election - फोटो : अमर उजाला
 अलग उत्तराखंड राज्य के लिए गठित उत्तराखंड क्रांति दल को प्रदेश की जनता पूरी तरह नकार चुकी है। कभी पूरे प्रदेश की प्रमुख क्षेत्रीय पार्टी की पहचान बनाने वाली पार्टी उक्रांद अपनी नीतियों और अति महत्वाकांक्षा के आपसी झगड़े के कारण अस्तित्व खो चुकी है। विधानसभा चुनाव के नतीजों ने साफ कर दिया है कि अब जनता का इस पार्टी पर कोई विश्वास नहीं रहा। कुमाऊं भर में उक्रांद के निराशाजनक प्रदर्शन से पार्टी को नए सिरे से सोचने के लिए मजबूर कर दिया है। कुमाऊं भर में उक्रांद से ज्यादा वोट नोटा को पड़े हैं। मतदाताओं ने उक्रांद के बजाए नोटा का विकल्प चुना। उक्रांद के शीर्ष नेता काशी सिंह ऐरी और केंद्रीय अध्यक्ष पुष्पेश त्रिपाठी समेत सभी नेताओं को हार का मुंह देखना पड़ा है। 
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 जिले की लालकुआं सीट पर सर्वाधिक नोटा वोट पड़े। लोगों ने उक्रांद, कम्युनिस्ट पार्टी और निर्दलीय प्रत्याशियों से ज्यादा नोटा का बटन दबाना उचित समझा। जिले की लालकुआं विधानसभा सीट पर सर्वाधिक 1214 मतदाताओं ने वोटा विकल्प चुना। भीमताल में 918, नैनीताल में 899, हल्द्वानी में 651 और कालाढूंगी में 1111 मतदाताओं ने नोटा विकल्प चुना है। इन सीटों पर चुनाव लड़े उक्रांद, भाकपा माले, उपपा समेत एक दो को छोड़कर दो तीन को छोड़कर शेष निर्दलीय प्रत्याशी में नोटा के बराबर मत नहीं ले पाए। लालकुआं सीट पर  बसपा के राजीव मोहन 962, उक्रांद की दीपा भट्ट 221, कम्युनिस्ट पार्टी आफ इंडिया के पुरुषोत्तम शर्मा 792, शिवसेना के चंदन सिंह राणा 407 मतों पर सिमट गए। उक्रांद प्रत्याशी को तो निर्दलीय राजेंद्र सिंह बिष्ट 238 और विजय जोशी 592 से भी कम मत मिले हैं। भीमताल में लोक शाही पार्टी के कमल पाठक 438, उक्रांद के नवीन चंद्र 265 मत पर सिमट गए। यहां भी निर्दलीय प्रत्याशी नोटा के बराबर वोट नहीं ला पाए। नैनीताल सीट में जरूर बसपा 997 और केएल आर्य 1035 जरूर नोटा से कुछ अधिक मत मिले। हल्द्वानी सीट पर उक्रांद के भुवन जोशी को 266, शिवसेना के ललित मोहन जोशी को 225 मत मिले। कालाढूंगी में भी जहां नोटा को 1111 मत पड़े वहीं उक्रांद के डा. सुरेश डालाकोटी को 1095 मत ही मिले। रामनगर में नोटा के 887 मत मिले। यहां उक्रांद ने कोई प्रत्याशी मैदान में नहीं उतारा था। निर्दलीय प्रत्याशियों को यहां भी मामूली वोट पड़े हैं। पिथौरागढ़ जिले की डीडीहाट सीट से उक्रांद के काशी सिंह ऐरी स्थानीय मुद्दों पर चुनाव लड़े थे। उन्हें मात्र 2896 मत मिले। जिले की चारों सीटों पर उक्रांद ने प्रत्याशी उतारे थे। पिथौरागढ़ से सुषमा बिष्ट को मात्र 304, धारचूला से लाल सिंह खंपा 883, गंगोलीहाट सुरक्षित से हरीश प्रसाद 550 मत ही प्राप्त कर सके। यूकेडी के लिए फिर से प्रमुख स्थानीय पार्टी के रूप में स्थापित करने की बड़ी चुनौती है।  
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