एसटीएच में मरीजों का हाल बेहाल
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उपनल कर्मियों की हड़ताल के कारण सुशीला तिवारी अस्पताल की व्यवस्था चरमरा गई है। भर्ती मरीज परेशान हैं। कैश काउंटर, ओटी, आईसीयू, तकनीशियन, लैब असिस्टेंट, सफाई कर्मियों के नहीं होने से मरीजों का बुरा हाल है। भर्ती मरीजों के परिजनों को ही आपरेशन आदि के लिए स्ट्रेचर से मरीजों को आपरेशन थियेटर में ले जाना पड़ रहा है।
आईसीयू में भी तीमारदार ही मरीज को लेकर जा रहे हैं। नए मरीज भर्ती करने बंद कर दिए गए हैं। अस्पताल की अव्यवस्थाओं से अजीज आकर लोग मरीजों को दूसरे अस्पतालों में ले जाने को विवश हैं। शनिवार को कई मरीजों को भर्ती करने से मना कर दिया गया।
सितारगंज से आए मुकेश पुत्र मयंगनाथ सिंह को रीढ़ की हड्डी संबंधी परेशानी के चलते परिजन एसटीएच लाए थे। लेकिन डाक्टर नहीं होने के चलते उसे लौटा दिया गया। तीमारदार स्ट्रेचर से मरीज को वापस वाहन में ले गया।
स्टाफ की कमी के कारण अस्पताल की व्यवस्थाएं चरमराई हैं। सफाई नहीं हो पा रही है। न ही कोई पर्ची काटने वाला है। स्ट्रेचर में मरीज को लाने ले जाने के लिए भी कोई कर्मचारी नहीं है। लैब कर्मी, स्वच्छक आदि भी नहीं हैं। तीमारदार को ही सभी कामों में अपने मरीज की देखभाल करनी पड़ रही है। आपरेशन थियेटर में सामान ले जाने के लिए भी उसे ही जाना पड़ रहा है। ऐसी स्थिति में नए मरीजों को भर्ती करने में समस्या हो रही है।
- डॉ. एके पांडे, चिकित्सा अधीक्षक।