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छोटे कारोबारियों को खत्म करना चाहती है मोदी सरकार: तुलसी

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Wed, 06 Oct 2021 02:42 AM IST
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Modi government wants to eliminate small businessmen: Tulsi
हल्द्वानी। राज्यसभा सदस्य और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता केटीएस तुलसी ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार देश के छोटे दुकानदारों के साथ ही सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमियों के कारोबार को खत्म करने पर तुली हुई है। मोदी सरकार की शह पर अमेजन जैसी बहुराष्ट्रीय कंपनियां तेजी से अपनी जड़ें जमा रही हैं। पिछले डेढ़ साल में 14 करोड़ नौकरियां चली गई हैं। छोटे दुकानदार और छोटे व्यवसायियों की आजीविका बंद हो गई है।
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स्वराज आश्रम में पत्रकारों से बातचीत में तुलसी ने कहा कि एक रिपोर्ट में भारत में करोड़ों दुकानदारों, छोटे व्यवसायों और युवाओं की आजीविका के नुकसान के वास्तविक कारणों का खुलासा हुआ है। अमेरिकी ई-कॉमर्स कंपनी अमेजन ने कथित तौर पर कानूनी शुल्क के रूप में दो वर्षों में 8,546 करोड़ रुपये का भुगतान किया है। खुलासे से सामने आया है कि यह बड़ी राशि कथित रिश्वत के रूप में दी गई थी। अमेजन ने भी इसको आंशिक रूप से स्वीकार किया है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार बताए कि किन राजनेताओं, उच्च अधिकारियों और राजनीतिक दलों को अमेजन से 8,546 करोड़ रुपये मिले हैं। उन्होंने कहा कि अमेजन द्वारा दी जाने वाली वस्तुओं की कीमत खुले बाजार की तुलना में 30 से 50 फीसदी कम है। इसकी अपनी लॉजिस्टिक कंपनी भी है जो माल को अंतिम ग्राहक तक ले जाती है लेकिन इतनी कम कीमतों पर सामान उपलब्ध कराने की अंतिम लागत कौन वहन कर रहा है, यह समझ से बाहर है।
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तुलसी के अनुसार 2020 में अमेजन ने घोषणा की थी कि वह 2025 तक 10 मिलियन एमएसएमई को डिजिटल बनाने में मदद करने के लिए भारत में एक बिलियन का निवेश करेगा। अखिल भारतीय व्यापारियों के परिसंघ (सीएआईटी) ने भी इस तरह का ज्ञापन एफसीपीए के प्रमुख को भेजा था। इसके बावजूद मोदी सरकार इस तरह के गंभीर भ्रष्टाचार के आरोपों से जुड़े ऐसे मामले की जांच नहीं करा रही है। लखीमपुर खीरी कांड में केंद्र सरकार को आड़े हाथों लेते हुए उन्होंने कहा कि सरकार ने नरसंहार का तांडव करने के आरोपी युवक के मंत्री पिता को अभी तक बर्खास्त नहीं किया है। इस मामले की सुप्रीम कोर्ट की देखरेख में एसआईटी जांच होनी चाहिए।
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