फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Nainital News ›   Mining will be stopped in the district from today

जिले में आज शाम से बंद हो जाएगी खनन की खन-खन

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Sun, 31 May 2020 02:24 AM IST
विज्ञापन
Mining will be stopped in the district from today
हल्द्वानी। प्रदेश को सबसे अधिक राजस्व देने वाली गौला नदी में आज शाम से खनन बंद हो जाएगा। 31 मई को खनन सत्र बंद होने से नंधौर और शारदा नदी के खनन गेटों को भी बंद कर दिया जाएगा। लॉकडाउन के कारण इस सत्र में वन विकास निगम किसी भी नदी से खनन लक्ष्य को पूरा नहीं कर पाया।
विज्ञापन

प्रदेश में अक्तूबर से मई तक खनन सत्र चलता है। गौला से 18 लाख घनमीटर उपखनिज निकासी के लक्ष्य को वन विकास निगम ने मार्च तक पूरा कर लिया। अन्य वर्षों की अपेक्षा लक्ष्य कम होने से शासन ने एक और सर्वे कराया जिसमें गौला से 13.69 लाख, नंधौर से 6.94 और शारदा से 4.44 लाख घनमीटर उपखनिज निकासी का लक्ष्य रखा गया। मार्च से खनन फिर शुरू हुआ तो लॉकडाउन के चलते 22 मार्च से 30 अप्रैल तक खनन बंद कर दिया गया। इसके बाद एक महीने के कुल 43.54 लाख लक्ष्य में से निगम सिर्फ 31.90 लाख घनमीटर के लक्ष्य को ही पूरा कर पाया। इससे सरकार को कुल डेढ़ अरब रुपए का राजस्व मिला।
विज्ञापन

वन विकास निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक डॉ. जीसी पंत ने कहा कि लक्ष्य पूरा न होने के कारण खनन सत्र को एक महीने बढ़ाने की मांग की गई है लेकिन अभी इस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है। लॉकडाउन में नदी बंद होने के कारण पिछले वर्ष की अपेक्षा इस वर्ष लक्ष्य पूरा नहीं हो सका है।
विज्ञापन
विज्ञापन

पिछले सत्र में 48 लाख घनमीटर हुई निकासी
पिछले साल गौला, नंधौर और शारदा से वन विकास निगम ने 48.61 लाख घनमीटर उपखनिज की निकासी की। इससे सरकार को दो अरब 42 लाख का राजस्व प्राप्त हुआ था।
सात हजार श्रमिक, दस हजार गाड़ी मालिकों को मिला रोजगार
इस वर्ष भी खनन से करीब सात हजार श्रमिकों को रोजगार मिला। तीनों नदियों में दस हजार वाहन चले जिससे करीब 25 हजार लोग रोजगार से जुड़े इसमें वाहन स्वामी, चालक, परिचालक, गाड़ी मिस्त्री और गाड़ी भरने वाले श्रमिक शामिल थे।
स्थानीय दो हजार श्रमिक हुए बेरोजगार
लॉकडाउन के बीच खनन खुलने से करीब सात हजार श्रमिकों को रोजगार मिला था इसमें करीब दो हजार स्थानीय मजदूर थे। स्थानीय मजदूरों में कुछ पूर्व से ही गौला में काम करते आए हैं लेकिन लॉकडाउन में बाहरी श्रमिकों के लौटने से कुछ स्थानीय श्रमिकों को भी काम दिया गया था।
आरटीओ कार्यालय में बढ़ेगा काम
गौला, नंधौर और शारदा में करीब 10 हजार वाहन खनन कार्य में जुटे थे। खनन बंद होने पर अब वाहनों को सरेंडर करना होगा। वाहनों की फिटनेस और टैक्स जमा करने के लिए वाहन स्वामियों को आरटीओ दफ्तर जाना होगा।
खनन सत्र बढ़ाने की मांग
गौला सहित अन्य नदियों से वन विकास निगम को अभी 12 लाख घनमीटर उपखनिज की और निकासी करनी है लेकिन खनन सत्र समाप्त होने के कारण निगम अब 31 मई के बाद निकासी नहीं कर सकता है। लक्ष्य अनुसार बचे हुए उपखनिज की निकासी के लिए वन विकास निगम ने सत्र को 30 जून तक बढ़ाने के लिए वन विकास निगम के एमडी को प्रस्ताव भेजा है।
लॉकडाउन से 17 लाख की चपत
लॉकडाउन बीच भी वन विकास निगम ने सरकार को खनन से राजस्व दिया लेकिन निगम को ही करीब 17 लाख रुपए की चपत लग गई। निगम से मिले आंकडों के अनुसार राशन वितरण में करीब 15 लाख रुपए का खर्च आया। खनन के दौरान सेनिटाइजर मशीन, थर्मल स्कैनर, मास्क और सेनिटाइजर की खरीद में भी करीब दो लाख रुपए का बजट लगा।
साप्ताहिक अवकाश के अतिरिक्त नहीं मिली छुट्टी
खनन कार्य में जुटे वन विकास निगम और वन विभाग के कर्मचारी इस सत्र में साप्ताहिक अवकाश के अलावा अन्य राजकीय अवकाशों में भी काम करते रहे। शनिवार को खनन के लिए साप्ताहिक अवकाश होता है। अन्य राजकीय अवकाश में कर्मचारियों, अधिकारियों को छुट्टी नहीं दी गई।
अब टिंबर से मिलेगा राजस्व
हल्द्वानी। वन विकास निगम खनन के साथ ही टिंबर से भी सरकार को करोड़ों का राजस्व देता है। सत्र पूरा होने से खनन थम गया है लेकिन वन विकास निगम ने अब टिंबर की निलामी शुरू कर दी है। अब तक निगम को टिंबर की नीलामी से एक करोड़ 80 लाख रुपए का राजस्व मिला है।
वन विकास निगम जंगलों में लकड़ी का कटान कर उसे डिपो में जमा करने के बाद उसकी नीलामी करता है। निगम के माध्यम से निलाम की गई लकड़ी प्लाईवुड, गत्ता, फलपेटी उद्योग के साथ ही निमार्ण कारोबार के लिए लोगों को सस्ती दरों पर उपलब्ध हो जाती है। लकड़ी भंडारण के लिए निगम के पास कुमाऊं के रामनगर, हल्द्वानी, लालकुआं, कालाढूंगी, खटीमा और टनकपुर में 12 डिपो हैं। निगम लकड़ी लॉट में गोल लकड़ी, चिरान की लकड़ी, जड़ और जलौनी लकड़ी की नीलामी करता है। लॉकडाउन के कारण लकड़ी नीलामी और उसके परिवहन में कुछ प्रभाव पड़ा लेकिन भंडारण की गई लकड़ी खराब न हो और बरसात में जंगलों में डंप पड़ी लकड़ी भी नष्ट न हो इसके लिए शासन ने लॉकडाउन के बीच वन विकास निगम को लकड़ी ढुलान की अनुमति दी थी जिससे निगम को कुछ हद तक राहत मिली।

इधर, वन विकास निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक डॉ. जीसी पंत ने कहा कि कुमाऊं के सभी डिपो में क्रम के अनुसार टिंबर नीलामी की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। अभी तक एक करोड़ अस्सी लाख रुपए का राजस्व लकड़ी नीलामी से मिला है। नीलामी की प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी जिससे अधिक से अधिक राजस्व जुटाया जा सके।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed