{"_id":"5ee7d8378ebc3e42fe276391","slug":"mining-stopped-in-nandhaur-after-heavy-rains-haldwani-news-hld3863952146","type":"story","status":"publish","title_hn":"भारी बारिश के बाद नंधौर में खनन बंद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
भारी बारिश के बाद नंधौर में खनन बंद
विज्ञापन
चोरगलिया (नैनीताल)। रविवार को पहाड़ों में हुई तेज बारिश के बाद नंधौर नदी में पानी बढ़ने से खनन कार्य बंद हो गया। वहीं मछली वन कच्चा बंधा और ट्रंच वियर निर्माण कार्य भी रुक गया है। नदी में पानी अधिक होने पर वन विकास निगम ने सभी उपखनिज गेटों को बंद कर दिया।
अनुभाग अधिकारी पीसी मठपाल ने बताया कि अगर बाढ़ का पानी मंगलवार को रुक जाता है तो ही खनन संभव होगा। उधर, सिंचाई विभाग ने 11 करोड़ की लागत से बनाई जाने वाली सिंचाई परियोजना ट्रंच वियर बाढ़ का पानी भरने से कार्य को रोकना पड़ा। ठेकेदार की सप्लाई मोटर बाढ़ के पानी की भेंट चढ़ गई। क्षेत्र में सिंचाई व्यवस्था के लिए बनाया गया बंदा भी बाढ़ की भेंट में चढ़ गया। चोरगलिया क्षेत्र की नहरें फिर से सुख गई हैं।
अधिशासी अभियंता तरुण बंसल और आनंद सिंह नेगी ने मौके पर पहुंचकर जायजा लिया। बंसल ने कहा कि नंधौर में बाढ़ ने कच्चे बंधे को बहा दिया है। बंदे को नए सिरे से बनाने में तीन से चार दिन का समय लग सकता है। ट्रंच वियर में जमा गाद को साफ कर निर्माण कार्य शुरू करने को कहा है।
विज्ञापन
इस मौके पर जेई रोहित जोशी, कन्नू पोखरिया, भूवन पोखरियार, पंकज भटनागर आदि थे।
विज्ञापन
अनुभाग अधिकारी पीसी मठपाल ने बताया कि अगर बाढ़ का पानी मंगलवार को रुक जाता है तो ही खनन संभव होगा। उधर, सिंचाई विभाग ने 11 करोड़ की लागत से बनाई जाने वाली सिंचाई परियोजना ट्रंच वियर बाढ़ का पानी भरने से कार्य को रोकना पड़ा। ठेकेदार की सप्लाई मोटर बाढ़ के पानी की भेंट चढ़ गई। क्षेत्र में सिंचाई व्यवस्था के लिए बनाया गया बंदा भी बाढ़ की भेंट में चढ़ गया। चोरगलिया क्षेत्र की नहरें फिर से सुख गई हैं।
विज्ञापन
अधिशासी अभियंता तरुण बंसल और आनंद सिंह नेगी ने मौके पर पहुंचकर जायजा लिया। बंसल ने कहा कि नंधौर में बाढ़ ने कच्चे बंधे को बहा दिया है। बंदे को नए सिरे से बनाने में तीन से चार दिन का समय लग सकता है। ट्रंच वियर में जमा गाद को साफ कर निर्माण कार्य शुरू करने को कहा है।
विज्ञापन
इस मौके पर जेई रोहित जोशी, कन्नू पोखरिया, भूवन पोखरियार, पंकज भटनागर आदि थे।