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पुलिस की कार के आगे लेटे एबीवीपी कार्यकर्ता
अमर उजाला ब्यूरो, रामनगर
Updated Fri, 12 Aug 2016 12:27 AM IST
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एबीवीपी कार्यकर्ता
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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पीएनजी पीजी कॉलेज में सुविधाएं बढ़ाने की मांग को लेकर आमरण अनशन पर बैठे छात्रनेता यतिन रौतेला की हालत बिगड़ गई, जिस पर उन्हें संयुक्त चिकित्सालय में भर्ती कराया गया है, जबकि पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष चंदन सिंह बिष्ट 48 घंटे के अनशन पर अडिग हैं। छात्रनेता को अस्पताल भेजते समय पुलिस, कार्यकर्ताओं के बीच नोकझोंक हुई। इससे गुस्साए छात्र नेताओं ने उच्च शिक्षा मंत्री के खिलाफ नारेबाजी की। कुछ कार्यकर्ता पुलिस की कार के आगे लेट गए।
पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष चंदन सिंह बिष्ट ने उच्च शिक्षा मंत्री पर झूठी घोषणाएं करने का आरोप लगाया। कहा कि 16 सितंबर 2015 को उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. इंदिरा हृदयेश ने कॉलेज में 2.38 करोड़ रुपये की लागत से नया पुस्तकालय भवन निर्माण आदि कार्यों समेत परास्नातक स्तर पर भौतिक, संस्कृत, इतिहास विषय की मौखिक स्वीकृति दी थी, लेकिन घोषणाएं पूरी नहीं हुईं। इससे कॉलेज के छात्र स्वयं को ठगा सा महसूस कर रहे हैं।
छात्रनेताओं ने कहा कि मांग पूरी होने तक अनशन जारी रहेगा। तकनीकी शिक्षा विद्यार्थी परिषद (टीएसयूपी) के जिला संयोजक नदीम अख्तर ने भी प्रशासन पर अनदेखी का आरोप लगाया। कहा कि आंदोलन को तीन दिन होने के बावजूद प्रशासन झांकने तक नहीं आया। विरोध, प्रदर्शन करने वालों में पूर्व अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह खाती, हेमंत रावत, दीप बेलवाल, कमलेश हर्बोला, शिखर भट्ट, सुमित जोशी, सूरज रावत आदि थे।
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पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष चंदन सिंह बिष्ट ने उच्च शिक्षा मंत्री पर झूठी घोषणाएं करने का आरोप लगाया। कहा कि 16 सितंबर 2015 को उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. इंदिरा हृदयेश ने कॉलेज में 2.38 करोड़ रुपये की लागत से नया पुस्तकालय भवन निर्माण आदि कार्यों समेत परास्नातक स्तर पर भौतिक, संस्कृत, इतिहास विषय की मौखिक स्वीकृति दी थी, लेकिन घोषणाएं पूरी नहीं हुईं। इससे कॉलेज के छात्र स्वयं को ठगा सा महसूस कर रहे हैं।
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छात्रनेताओं ने कहा कि मांग पूरी होने तक अनशन जारी रहेगा। तकनीकी शिक्षा विद्यार्थी परिषद (टीएसयूपी) के जिला संयोजक नदीम अख्तर ने भी प्रशासन पर अनदेखी का आरोप लगाया। कहा कि आंदोलन को तीन दिन होने के बावजूद प्रशासन झांकने तक नहीं आया। विरोध, प्रदर्शन करने वालों में पूर्व अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह खाती, हेमंत रावत, दीप बेलवाल, कमलेश हर्बोला, शिखर भट्ट, सुमित जोशी, सूरज रावत आदि थे।
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