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यमदूत डंपर ने चचेरे भाइयों को रौंदा, दोनों की मौत

Fri, 17 Apr 2015 02:20 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला,बिंदुखत्ता
ब्यूरो/अमर उजाला,बिंदुखत्ता Updated Fri, 17 Apr 2015 02:20 AM IST
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Lord of Death dumper defeated the cousins, both dead

छोटे भाई को खटीमा की बस में बैठाकर लालकुआं से बाइक पर लौट रहे युवक और उसके चचेरे भाई को उपखनिज लेकर आ रहे यमदूत डंपर ने रौंद दिया। दोनों के सिरों के चिथड़े उड़ गए और मौके पर ही दोनों ने दम तोड़ दिया। घटना के बाद चालक डंपर छोड़कर फरार हो गया। हादसे से गुस्साए लोगों ने शवों को घेर कर डंपरों की गति नियंत्रित करने की मांग को लेकर करीब एक घंटे तक जाम लगा दिया। मौके पर पहुंची पुलिस ने बमुश्किल लोगों को शांत कराकर शवों को पोस्टमार्टम के लिए हल्द्वानी भेज डंपर को कब्जे में लिया है। युवकों ने हेलमेट भी नहीं पहना था। समाचार लिखे जाने तक केस दर्ज नहीं हुआ था।

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संजय नगर द्वितीय निवासी संजय पलडिया (21) पुत्र दुर्गादत्त पलडिया बृहस्पतिवार दोपहर को अपने छोटे भाई चंद्रशेखर को खटीमा जाने वाली बस में बैठाने के लिए चचेरे भाई जगदीश (17) पुत्र हरीश पलडिया के साथ बाइक (यूके 06 के 1695) से कोतवाली चौराहा आया था। चंद्रशेखर को बस में बैठाने के बाद दोनों घर लौट रहे थे। दोपहर करीब दो बजे दोनों अभी घर से करीब डेढ़ किलोमीटर पहले ही पहुंचे थे कि गौला लिंक मार्ग पर कार चौराहे के पास सामने से आ रहे उपखनिज से लदे तेज रफ्तार डंपर एचआर 55ए 2630 ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी, जिससे संजय और जगदीश सड़क पर गिर गए और डंपर उनके सिरों को रौंदता हुआ निकल गया।
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दोनों नौजवानों की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद चालक डंपर छोड़कर मौके से फरार हो गया। घटनास्थल पर सैकड़ों लोगों की भीड़ लग गई। गुस्साए लोगों ने शवों को घेरकर यमदूत डंपरों की गति नियंत्रित करने की मांग करते हुए लिंक मार्ग पर जाम लगा दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने बमुश्किल ग्रामीणों को समझाकर शांत कराया। इधर, घटनास्थल पर पहुंचे मृतकों के दादा पदमादत्त पलडिया, पिता दुर्गादत्त, भाई नरेश और त्रिलोक शवों की स्थिति देखकर बेसुध हो गए। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए हल्द्वानी भेजते हुए डंपर को कब्जे में ले लिया।
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थोड़ी देर बाद घटनास्थल पर पहुंचे तहसीलदार भुवन चंद्र कांडपाल, सीओ बचन सिंह राणा, कोतवाल विपिन चंद्र पंत ने दुर्घटना की जांच के आदेश दिए। ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन से डंपरों की गति नियंत्रित कराए जाने, अनफिट वाहनों के संचालन पर रोक लगाने और डंपर चालकों के लाइसेंस चेक कराए जाने की मांग की।

हेलमेट पहना होता तो बच सकती थी जान
हादसे में जान गंवाने वाले दोनों युवकों की मौत की मुख्य वजह सिर कुचलना रहा। यदि युवकों ने हेलमेट पहना होता तो हो सकता है कि उनकी जान बच गई होती। गौला लिंक मार्ग से सैकड़ों बड़े वाहन रोजाना गुजरते हैं, ऐसे में जरूरी है कि दो पहिया वाहन से यदि यात्रा कर रहे हैं, तो चालक के साथ-साथ पीछे बैठने वाली सवारी को भी हेलमेट अवश्य ही पहनना चाहिए।


सेना में भर्ती होकर देश की सेवा करना चाहता था संजय
डंपर की चपेट में आकर हुई दोनों नौजवानों की मौत से जहां परिजन बेसुध हैं, वहीं संजय नगर द्वितीय गांव शोक में डूबा है। नैनीताल दुग्ध संघ के नैनीताल स्थित कार्यालय में गार्ड के पद पर तैनात दुर्गादत्त पलडिया का पुत्र संजय सेना में भर्ती होकर देश की सेवा करना चाहता था। इसके लिए वह खूब तैयारी भी कर रहा था। दो माह पहले बनबसा में हुई सेना भर्ती में संजय पास भी हो गया था। अब उसे 18 मई को अल्मोड़ा स्थित सेना कार्यालय में कागजी कार्रवाई के लिए जाना था, लेकिन उससे पहले ही वह काल का गाल बन गया। संजय चार भाइयों में तीसरे नंबर का था। वहीं, मृतक जगदीश चार बहनों का इकलौता भाई और घर में सबसे छोटा था और 10वीं में पढ़ रहा था। उसके पिता हरीश पलडिया हल्दूचौड़ के एक निजी स्कूल में बस चालक हैं।

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