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Election 2024: नैनीताल सीट पर टेंडर और चैलेंज वोट का खाता रहा शून्य, नोट का भी इस्तेमाल; जानें इसका मतलब

Mon, 15 Apr 2024 01:15 PM IST
हीरा मेहरा अमर उजाला नेटवर्क, नैनीताल
अमर उजाला नेटवर्क, नैनीताल Published by: हीरा मेहरा Updated Mon, 15 Apr 2024 01:15 PM IST
सार

नैनीताल-ऊधम सिंह नगर संसदीय सीट पर वर्ष-2014 में 1101435 लोगों ने मतदान किया। पर चुनाव में किसी ने टेंडर और चैलेंज वोट का इस्तेमाल नहीं किया। इस चुनाव में केवल एक टेंडर वोट पड़ा। पर चैलेंज वोट का खाता शून्य रहा।

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Lok sabha election 2024 Uttarakhand: Account of tender and challenge votes remained zero on Nainital seat
प्रतीकात्मक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

लोकसभा चुनाव में लाखों मतदाता अपने मतों का प्रयोग करते हैं। इसके अलावा मतदाता बड़ी संख्या में नोट का भी इस्तेमाल करते हैं, पर मतदान में टेंडर और चैलेंज वोट की व्यवस्था होती है। नैनीताल-ऊधम सिंह नगर संसदीय सीट पर इन दोनों का इस्तेमाल नहीं हुआ है।

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नैनीताल-ऊधम सिंह नगर संसदीय सीट पर वर्ष-2014 में 1101435 लोगों ने मतदान किया। पर चुनाव में किसी ने टेंडर और चैलेंज वोट का इस्तेमाल नहीं किया। वर्ष-2019 के लोकसभा चुनाव में 12,58,570 लोगों ने मतदान किया। इस चुनाव पिछले चुनाव की तुलना में वोट देने वालों में इजाफा रहा। पर इस चुनाव में भी किसी ने टेंडर और चैलेंज वोट का इस्तेमाल नहीं किया। अल्मोड़ा- पिथौरागढ़ संसदीय सीट पर वर्ष-2014 में 656934 लोगों ने मतदान किया। यहां पर केवल एक व्यक्ति ने टेंडर वोट का इस्तेमाल किया। पर चैलेंज वोट कोई भी नहीं पड़ा। वर्ष-2019 लोकसभा चुनाव में 699807 लोगों ने मतदान किया। इस चुनाव में केवल एक टेंडर वोट पड़ा। पर चैलेंज वोट का खाता शून्य रहा।
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क्या होता है टेंडर और चैलेंज वोट
निर्वाचन अधिकारियों के अनुसार अगर कोई मतदाता का वोट किसी अन्य व्यक्ति ने डाल दिया है, तो वह पीठासीन अधिकारी को अपने अभिलेखों के माध्यम से संतुष्ट करके टेंडर वोट की मांग करता है। इसके बाद बैलेट पेपर के माध्यम से टेंडर वोट दिया जाता है। जब हार-जीत का अंतर कम होता है तो टेंडर वोट का महत्व बढ़ जाता है। इसी तरह किसी मतदान केंद्र पर कोई मतदाता पहुंचता है, तो वहां के बूथ पर मौजूद एजेंट संबंधित व्यक्ति की पहचान को लेकर आपत्ति करता है कि जो नाम और पहचान व्यक्ति बता रहा है वह नहीं है उसे चैलेंज वोट कहा जाता है। एजेंट पीठासीन अधिकारी के पास दो रुपये की रसीद कटवाने के बाद चैलेंज वोट की प्रक्रिया को पूरी करता है। इसके बाद पीठासीन अधिकारी सरसरी तौर पर जांच करता है। अगर मतदाता यह साबित करने में असफल हो जाता है कि जिसका वोट देने आया है वही मतदाता है तो पीठासीन अधिकारी उसे पुलिस को सौंपेगा।

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वीडियोग्राफी के साथ करें वाहनों की चेकिंग
पहाड़पानी क्षेत्र में तैनात स्टेटिक सर्विलांस टीम (एसएसटी) का रविवार को व्यय प्रेक्षक टी संकर ने निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की जानकारी ली। उन्होंने एसएसटी टीमों के सदस्यों को चुनाव को प्रभावित करने वाली सामग्री, मादक पदार्थ और किसी भी प्रकार की नकदी को रोकने के लिए गहनता से वाहनों की तलाशी वीडियोग्राफी के साथ करने को कहा। उन्होंने कहा कि चुनाव में कुछ दिन ही शेष बचे हैं ऐसे में अब और सख्ती से जांच करें। उन्होंने कसियालेख में एफएसटी टीम और धानाचूली में एसएसटी टीम का भी निरीक्षण किया। इस दौरान समन्यवक अधिकारी कमल किशोर जोशी, संतोष जोशी, पूरन मेलकानी, त्रिलोक मपवाल, ललित भौर्याल, दिनेश गोस्वामी, रमेश चंद्र, किशन सिंह आदि मौजूद रहे।

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