{"_id":"58e547a04f1c1b084a5b486e","slug":"locked-lock-in-the-school-of-chandrakot-village-for-13-days","type":"story","status":"publish","title_hn":" 13 दिनों से चंद्रकोट गांव के स्कूल में लटका है ताला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
13 दिनों से चंद्रकोट गांव के स्कूल में लटका है ताला
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, भीमताल (नैनीताल)।
Updated Thu, 06 Apr 2017 01:08 AM IST
विज्ञापन
स्कूल
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
बेतालघाट ब्लॉक के ग्रामसभा चंद्रकोट के तोक सोनली में स्थित पूर्व माध्यमिक विद्यालय पिछले 13 दिनों से बंद पड़ा है और स्कूल के मुख्य द्वार पर ताले लटके हुए हैं। ऐसे में अभिभावक न तो अपने बच्चों का इस स्कूल में दाखिला करा पा रहे हैं और न ही उन्हें टीसी आदि मिल रही है। इससे अभिभावकों में भारी गुस्सा है।
ग्रामीणों ने बताया कि सोनली स्कूल में वर्तमान में 13 बच्चे अध्ययनरत हैं जिन्हें पढ़ाने के लिए एकमात्र शिक्षक तैनात है। ग्रामीणों ने बताया कि बीती 24 मार्च से स्कूल में ताले लटके हुए हैं। अभिभावकों का कहना है कि ब्लाक का दूरस्थ तोक होने के कारण कुछ साल पहले यहां स्कूल खोला गया था। आरोप है कि दूरस्थ तोक में स्थित इस स्कूल में न तो विभागीय अधिकारी पहुंचते हैं और न ही कोई प्रशासनिक अधिकारी। जिसके चलते हमेशा अव्यवस्था हावी रहती है।
अभिभावकों का कहना है कि स्कूल बंद होने के कारण वह न तो यहां नए एडमिशन करा पा रहे हैं और न ही अपने पाल्यो को दूसरे स्कूल में दाखिले के लिए उन्हें टीसी ही मिल रही है। अभिभावकों का कहना है कि स्कूल बंद होने की जानकारी विभागीय अधिकारियों को दी गई लेकिन उसके बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई है। अभिभावक संघ के अध्यक्ष कैलाश डार्बी, ग्राम प्रधान भागुली देवी, जगदीश चंद्र, बहादुर राम, कुंदन सिंह, राजू, प्रेमा देवी आदि ने विभागीय अधिकारियों से बंद पड़े स्कूल को खुलवाने और पठन पाठन सुचारु कराने की मांग की है।
विज्ञापन
राजकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय सोनली के कई दिनों से बंद होने की कोई सूचना उन्हें नहीं मिली है। पूर्व में ग्रामीणों ने शिक्षक के न आने की शिकायत की थी जिसके बाद जितवापीपल स्थित स्कूल के प्रधानाचार्य को दो बार सोनली भेजा गया लेकिन तब वहां शिक्षक ड्यूटी पर मौजूद मिला था। यदि स्कूल लंबे समय से बंद है तो इसकी जांच कराई जाएगी और शिकायत सही मिलने पर कार्रवाई होगी।
एके वर्मा, बीईओ, बेतालघाट
ग्रामीणों ने बताया कि सोनली स्कूल में वर्तमान में 13 बच्चे अध्ययनरत हैं जिन्हें पढ़ाने के लिए एकमात्र शिक्षक तैनात है। ग्रामीणों ने बताया कि बीती 24 मार्च से स्कूल में ताले लटके हुए हैं। अभिभावकों का कहना है कि ब्लाक का दूरस्थ तोक होने के कारण कुछ साल पहले यहां स्कूल खोला गया था। आरोप है कि दूरस्थ तोक में स्थित इस स्कूल में न तो विभागीय अधिकारी पहुंचते हैं और न ही कोई प्रशासनिक अधिकारी। जिसके चलते हमेशा अव्यवस्था हावी रहती है।
विज्ञापन
अभिभावकों का कहना है कि स्कूल बंद होने के कारण वह न तो यहां नए एडमिशन करा पा रहे हैं और न ही अपने पाल्यो को दूसरे स्कूल में दाखिले के लिए उन्हें टीसी ही मिल रही है। अभिभावकों का कहना है कि स्कूल बंद होने की जानकारी विभागीय अधिकारियों को दी गई लेकिन उसके बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई है। अभिभावक संघ के अध्यक्ष कैलाश डार्बी, ग्राम प्रधान भागुली देवी, जगदीश चंद्र, बहादुर राम, कुंदन सिंह, राजू, प्रेमा देवी आदि ने विभागीय अधिकारियों से बंद पड़े स्कूल को खुलवाने और पठन पाठन सुचारु कराने की मांग की है।
विज्ञापन
राजकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय सोनली के कई दिनों से बंद होने की कोई सूचना उन्हें नहीं मिली है। पूर्व में ग्रामीणों ने शिक्षक के न आने की शिकायत की थी जिसके बाद जितवापीपल स्थित स्कूल के प्रधानाचार्य को दो बार सोनली भेजा गया लेकिन तब वहां शिक्षक ड्यूटी पर मौजूद मिला था। यदि स्कूल लंबे समय से बंद है तो इसकी जांच कराई जाएगी और शिकायत सही मिलने पर कार्रवाई होगी।
एके वर्मा, बीईओ, बेतालघाट