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लीसे की दो फैक्ट्रियों में लगी आग
अमर उजाला ब्यूरो, हल्द्वानी।
Updated Mon, 11 Jul 2016 12:15 AM IST
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अाग
- फोटो : अमर उजाला
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ग्राम पंचायत हरिपुर जमन सिंह चांदनी चौक गरवाल स्थित लीसे की दो फैक्ट्रियों में रविवार की सुबह आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। आग की लपटों को देखते ही कर्मचारी भाग खड़े हुए। ग्रामीणों ने फैक्ट्री के अंदर घुसकर आठ परिवारों को सामान के साथ बाहर निकालकर बचाया। कर्मचारियों का कहना था कि लीसा पकाते समय आग लग गई। फैक्ट्री से उठते धुएं से आसमान काला हो गया था। फायर ब्रिगेड के जवानों ने साढ़े सात घंटे के प्रयास के बाद आग को काबू में किया। हादसे के चलते दोनों फैक्ट्रियों में रखा करोड़ों रुपये का सामान जलकर नष्ट हो गया।
शांतिपुरम भोटिया पड़ाव निवासी कैलाश तिवारी की चांदनीचौक गरवाल गांव के समीप लीसे की दो फैक्ट्रियां एक दूसरे से सटी हैं। रविवार की सुबह आठ बजे कर्मचारी लीसा पकाने के लिए डाल रहे थे। इस बीच कुछ लीसे में आग में पड़ गई और तेज लपटों के साथ लीसे का कड़ाही पलट गई। आग के तेजी से फैलते ही कर्मचारी मौके से भाग खड़े हुए। देखते ही देखते एक फैक्ट्री की आग दूसरी फैक्ट्री तक पहुंच गई और उसमें भी आग लग गई। जानकारी मिलने पर गांव के लोगों ने फैक्ट्री में घुसकर आठ परिवारों के 41 लोगों को बाहर निकालकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया।
घटना की सूचना मिलने के बाद हवलदार अमर सिंह अधिकारी और गोपाल सिंह मेहता के नेतृत्व में फायर फाइटर्स ने आग बुझाना शुरू किया लेकिन आग काबू में आने की जगह बढ़ती जा रही थी। फैक्ट्री के धुएं से आसमान काला पड़ गया और अंधेरा छाने लगा। हिम्मत बांधकर कुछ कर्मचारियों ने 70 ड्रम लीसा एक फैक्ट्री से बाहर कर दिया। आनन फानन में रुद्रपुर, रामनगर, लालकुआं से फायर ब्रिगेड की चार गाड़ियां मंगाई र्गइं। घटना की सूचना मिलने के बाद सिटी मजिस्ट्रेट हरबीर सिंह मौके पर पहुंचे।
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फायर ब्रिगेड कर्मचारियों ने जब आग पर फोम डालना शुरू किया तो करीब 11 बजे एक फैक्ट्री की आग काबू में होने लगी। वहीं दूसरी फैक्ट्री की आग बेकाबू होने लगी। अग्निकांड को देखने के लिए समीप के ग्रामीण मौके इकट्ठा हो गए। पुलिस के पूछने पर पता चला कि फैक्ट्री मालिक अपनी बीमार मां का इलाज कराने के लिए दिल्ली गए हैं। काफी प्रयास के बाद दोपहर साढ़े तीन बजे फायर ब्रिगेड के कर्मचारियों ने आग को पूरी तरह काबू कर लिया। लोगों का अनुमान है कि अग्निकांड में करोड़ों की क्षति पहुंची लेकिन फैक्ट्री का कोई कर्मचारी घटना के बाबत बताने को तैयार नही है।
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शांतिपुरम भोटिया पड़ाव निवासी कैलाश तिवारी की चांदनीचौक गरवाल गांव के समीप लीसे की दो फैक्ट्रियां एक दूसरे से सटी हैं। रविवार की सुबह आठ बजे कर्मचारी लीसा पकाने के लिए डाल रहे थे। इस बीच कुछ लीसे में आग में पड़ गई और तेज लपटों के साथ लीसे का कड़ाही पलट गई। आग के तेजी से फैलते ही कर्मचारी मौके से भाग खड़े हुए। देखते ही देखते एक फैक्ट्री की आग दूसरी फैक्ट्री तक पहुंच गई और उसमें भी आग लग गई। जानकारी मिलने पर गांव के लोगों ने फैक्ट्री में घुसकर आठ परिवारों के 41 लोगों को बाहर निकालकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया।
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घटना की सूचना मिलने के बाद हवलदार अमर सिंह अधिकारी और गोपाल सिंह मेहता के नेतृत्व में फायर फाइटर्स ने आग बुझाना शुरू किया लेकिन आग काबू में आने की जगह बढ़ती जा रही थी। फैक्ट्री के धुएं से आसमान काला पड़ गया और अंधेरा छाने लगा। हिम्मत बांधकर कुछ कर्मचारियों ने 70 ड्रम लीसा एक फैक्ट्री से बाहर कर दिया। आनन फानन में रुद्रपुर, रामनगर, लालकुआं से फायर ब्रिगेड की चार गाड़ियां मंगाई र्गइं। घटना की सूचना मिलने के बाद सिटी मजिस्ट्रेट हरबीर सिंह मौके पर पहुंचे।
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फायर ब्रिगेड कर्मचारियों ने जब आग पर फोम डालना शुरू किया तो करीब 11 बजे एक फैक्ट्री की आग काबू में होने लगी। वहीं दूसरी फैक्ट्री की आग बेकाबू होने लगी। अग्निकांड को देखने के लिए समीप के ग्रामीण मौके इकट्ठा हो गए। पुलिस के पूछने पर पता चला कि फैक्ट्री मालिक अपनी बीमार मां का इलाज कराने के लिए दिल्ली गए हैं। काफी प्रयास के बाद दोपहर साढ़े तीन बजे फायर ब्रिगेड के कर्मचारियों ने आग को पूरी तरह काबू कर लिया। लोगों का अनुमान है कि अग्निकांड में करोड़ों की क्षति पहुंची लेकिन फैक्ट्री का कोई कर्मचारी घटना के बाबत बताने को तैयार नही है।