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रेखा आर्या के पति की गिरफ्तारी पर लगी रोक
अमर उजाला ब्यूरो, नैनीताल।
Updated Thu, 04 Aug 2016 11:49 PM IST
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हाईकोर्ट ने सोमेश्वर की पूर्व विधायक रेखा आर्या के पति गिरधारी लाल साहू के खिलाफ दर्ज धोखाधड़ी के मामले में गिरफ्तारी पर रोक लगाने वाली याचिका पर सुनवाई के बाद याचिकाकर्ता की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है। आदेशित किया है कि यदि वह उत्तराखंड से बाहर जाएंगे तो उन्हें कोर्ट से अनुमति लेनी होगी। कोर्ट ने याचिकाकर्ता को एक सप्ताह के भीतर जांच अधिकारी से मुलाकात कर जांच में सहयोग करने के निर्देश दिए हैं।
मामले के अनुसार 26 जुलाई 2016 को किच्छा निवासी सुंदर सिंह बिष्ट ने गिरधारी लाल साहू के खिलाफ एफआईआर लिखाई थी, जिसमें आरोप लगाया गया था कि प्रार्थी के नाम ग्राम चुटकी देवरिया में खसरा संख्या 107 की भूमि की रजिस्ट्री करने के लिए याचिकाकर्ता जीएल साहू के साथ इकरारनामा हुआ लेकिन बाद में याचिकाकर्ता जीएल साहू ने जमीन की रजिस्ट्री शिकायतकर्ता सुंदर सिंह के नाम करने के बजाय एक अन्य व्यक्ति महेंद्र सिंह के नाम कर दी थी।
एफआईआर में याची पर कई शर्तों के उल्लंघन का आरोप लगाया था। पूर्व में सुनवाई के दौरान सरकार ने कोर्ट को बताया था कि याचिकाकर्ता के खिलाफ बरेली और उधमसिंह नगर में हत्या, धोखाधड़ी के तीन दर्जन से अधिक केस दर्ज हैं। न्यायमूर्ति यूसी ध्यानी की एकलपीठ ने बृहस्पतिवार को इस प्रकरण पर पक्षों की सुनवाई के बाद याचिकाकर्ता की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी। कोर्ट ने याचिकाकर्ता को एक सप्ताह के भीतर जांच अधिकारी से मुलाकात कर जांच में सहयोग करने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने सरकार को कहा है कि यदि साहू खिलाफ कोई अपराध बनता है तो वह उन्हें गिरफ्तार कर सकती है।
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मामले के अनुसार 26 जुलाई 2016 को किच्छा निवासी सुंदर सिंह बिष्ट ने गिरधारी लाल साहू के खिलाफ एफआईआर लिखाई थी, जिसमें आरोप लगाया गया था कि प्रार्थी के नाम ग्राम चुटकी देवरिया में खसरा संख्या 107 की भूमि की रजिस्ट्री करने के लिए याचिकाकर्ता जीएल साहू के साथ इकरारनामा हुआ लेकिन बाद में याचिकाकर्ता जीएल साहू ने जमीन की रजिस्ट्री शिकायतकर्ता सुंदर सिंह के नाम करने के बजाय एक अन्य व्यक्ति महेंद्र सिंह के नाम कर दी थी।
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एफआईआर में याची पर कई शर्तों के उल्लंघन का आरोप लगाया था। पूर्व में सुनवाई के दौरान सरकार ने कोर्ट को बताया था कि याचिकाकर्ता के खिलाफ बरेली और उधमसिंह नगर में हत्या, धोखाधड़ी के तीन दर्जन से अधिक केस दर्ज हैं। न्यायमूर्ति यूसी ध्यानी की एकलपीठ ने बृहस्पतिवार को इस प्रकरण पर पक्षों की सुनवाई के बाद याचिकाकर्ता की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी। कोर्ट ने याचिकाकर्ता को एक सप्ताह के भीतर जांच अधिकारी से मुलाकात कर जांच में सहयोग करने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने सरकार को कहा है कि यदि साहू खिलाफ कोई अपराध बनता है तो वह उन्हें गिरफ्तार कर सकती है।
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