फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Nainital News ›   Leopard left in the jungle with radio collar, first time in Kumaon to keep an eye on leopards

तेंदुए को रेडियो कॉलर लगाकर जंगल में छोड़ा, तेंदुओं पर नजर रखने के लिए कुमाऊं में पहली बार किया गया प्रयोग

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Mon, 09 Nov 2020 01:21 AM IST
विज्ञापन
Leopard left in the jungle with radio collar, first time in Kumaon to keep an eye on leopards
प्रतीकात्मक।
हल्द्वानी। मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने को लेकर कई कोशिश हो रही हैं, इसी के तहत पहली बार कुमाऊं में तेंदुए पर नजर रखने के लिए रेडियो कॉलर का इस्तेमाल किया गया है। रानीबाग रेस्क्यू सेंटर में बागेश्वर से पकड़े गए तेंदुए को रेडियो कॉलर लगाकर जंगल में छोड़ा गया है। इस तेंदुए के मूवमेंट पर रेडियो कॉलर से नजर रखी जा रही है।
विज्ञापन

बागेश्वर के मालता गांव में छह नवंबर को एक घर से वन विभाग की टीम ने तेंदुए को पकड़ा था। यह तेंदुआ करीब सात साल का है। बाद में इस तेंदुए को रानीबाग रेस्क्यू सेंटर में रखा गया। बाद में वन विभाग की टीम ने तेंदुए को रेडियो कालर लगाकर उसके प्राकृतिक वास स्थल में छोड़ने का फैसला किया। इसी के तहत हरिद्वार वन प्रभाग और वाइल्ड लाइफ इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया, देहरादून के विशेषज्ञ एंटीना (वीएचएस तकनीक पर आधारित) और सेटेलाइट पर काम करने वाले रेडियो कॉलर लेकर रानीबाग पहुंचे।
विज्ञापन

यहां पर रानीबाग रेस्क्यू सेंटर में तैनात पशु चिकित्सक डॉ. दीप्ती अरोरा, नैनीताल चिड़ियाघर के डॉ. हिमांशु पांगती, कार्बेट पार्क के डॉ. दुष्यंत शर्मा और तराई पूर्वी वन प्रभाग में तैनात डॉ. आयुष उनियाल की टीम ने तेंदुए को रेडियो कॉलर लगाया। डॉ. दीप्ती के अनुसार सेटेलाइट के माध्यम से तेंदुए की एक खास इलाके में होने की लोकेशन मिलेगी। जरूरत पड़ने पर एंटीना के जरिए सटीक लोकेशन पर भी पहुंचा जा सकेगा। अगर तेंदुए की लोकेशन मानव आबादी के करीब मिलती है, तो उसके इलाके के वन विभाग की टीम को सतर्क किया जा सकेगा। इससे इससे मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने में मदद मिलेगी। मुख्य वन संरक्षक कुमाऊं डॉ. तेजस्विनी पाटिल के अनुसार कुमाऊं में पहली बार किसी तेंदुए को रेडियो कॉलर लगाया गया है। इससे मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने में मदद मिलेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

बागेश्वर में मिले तेंदुए को रेडियो कॉलर लगाकर जंगल में छोड़ दिया है। प्रदेश में यह तीसरा और कुमाऊं का पहला तेंदुआ है, जिस पर रेडियो कॉलर लगाया गया है। इससे पहले हरिद्वार और पौड़ी में पकड़े गए तेंदुए को रेडियो कॉलर लगाकर जंगल में छोड़ा जा चुका है। - जेएस सुहाग, चीफ वाइल्ड लाइफ वार्डन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed