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तेंदुए के दो शावको को जू में भेजा जाएगा
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रामनगर (नैनीताल)। दो सप्ताह पूर्व आमपोखरा रेंज के गोरखपुर गांव में मिले तेंदुए के दो बच्चों को अब जू भेजा जाएगा। जू भेजने के लिए डीएफओ ने चीफ वाइल्ड लाइफ वार्डन को पत्र लिखा है। अनुमति मिलने के बाद दोनों शावकों को नैनीताल या रानीबाग स्थित चिड़ियाघर भेजा जाएगा। वर्तमान में वन विभाग दोनों शावकों की देखरेख कर रहा है।
25 मार्च को गोरखपुर गांव के ग्रामीणों को नाले में तेंदुए के दो शावक मिले, जिनकी उम्र करीब 15 दिन होगी। ग्रामीणों ने दोनों शावकों को आमपोखरा रेंज के वन कर्मी को सौंप दिया। कॉर्बेट के पशु चिकित्सक डॉ. दुष्यंत शर्मा ने शावकों का उपचार किया। फिलहाल आमपोखरा रेंज के वन कर्मियों की देखरेख में दोनों शावक पल रहे हैं।
डीएफओ तराई पश्चिमी बलवंत शाही ने बताया कि दोनों शावकों को पहले उस स्थान पर छोड़ा गया, जहां वह मिले थे। काफी प्रयास करने के बाद भी मादा तेंदुआ शावकों को लेकर नहीं गई। पहले कॉर्बेट पार्क के ढेला रेस्क्यू सेंटर में भेजने की तैयारी थी लेकिन रेस्क्यू सेंटर अभी सुचारु नहीं है। ऐसे में वहां पर शावकों को रखने की अनुमति नहीं मिली।
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डीएफओ ने बताया कि अब चीफ वाइल्ड लाइफ वार्डन को पत्र लिखकर दोनों शावकों को जू में भेजने की अनुमति मांगी है। अनुमति मिलने के बाद दोनों को नैनीताल या फिर रानीबाग जू भेजा जाएगा।
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25 मार्च को गोरखपुर गांव के ग्रामीणों को नाले में तेंदुए के दो शावक मिले, जिनकी उम्र करीब 15 दिन होगी। ग्रामीणों ने दोनों शावकों को आमपोखरा रेंज के वन कर्मी को सौंप दिया। कॉर्बेट के पशु चिकित्सक डॉ. दुष्यंत शर्मा ने शावकों का उपचार किया। फिलहाल आमपोखरा रेंज के वन कर्मियों की देखरेख में दोनों शावक पल रहे हैं।
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डीएफओ तराई पश्चिमी बलवंत शाही ने बताया कि दोनों शावकों को पहले उस स्थान पर छोड़ा गया, जहां वह मिले थे। काफी प्रयास करने के बाद भी मादा तेंदुआ शावकों को लेकर नहीं गई। पहले कॉर्बेट पार्क के ढेला रेस्क्यू सेंटर में भेजने की तैयारी थी लेकिन रेस्क्यू सेंटर अभी सुचारु नहीं है। ऐसे में वहां पर शावकों को रखने की अनुमति नहीं मिली।
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डीएफओ ने बताया कि अब चीफ वाइल्ड लाइफ वार्डन को पत्र लिखकर दोनों शावकों को जू में भेजने की अनुमति मांगी है। अनुमति मिलने के बाद दोनों को नैनीताल या फिर रानीबाग जू भेजा जाएगा।