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पांडेनवाड़ के एएनएम ट्रेनिंग सेंटर के खाली भवन में घुसा तेंदुआ, खलबली
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हल्द्वानी। पांडेनवाड़ स्थित अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में स्थित खाली एएनएम ट्रेनिंग सेंटर में शनिवार शाम तेंदुआ घुस गया। ग्रामीणों की सूचना पर वन विभाग, पुलिस, अग्निशमन की टीम पहुंची और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया, घंटों तेंदुए को पकड़ने की कोशिश गई लेकिन सफलता नहीं मिली। मौके पर तराई केंद्रीय वन प्रभाग की कई रेंजों की टीमों ने डेरा डाला हुआ है।
दो अप्रैल की शाम करीब सवा छह बजे वन विभाग को एएनएम ट्रेनिंग सेंटर के भवन में तेंदुआ घुसने की सूचना मिली थी। इसके बाद वन विभाग और पशु चिकित्सक तेंदुए को बेहोश करने के लिए गए। जहां से तेंदुआ भवन में घुसा था, उसी टूटे दरवाजे के पास पिंजरा भी लगाया गया लेकिन तेंदुआ फंस नहीं सका है। मौके पर भाखड़ा रेंज, गदगगिदया रेंज और हल्द्वानी रेंज से कई वन कर्मी पहुंचे। रविवार सुबह नए सिरे से ऑपरेशन शुरू किया गया। इसके लिए दमकल की टीम से भी मदद मांगी गई और तीन मंजिला भवन में सीढ़ियों से तेंदुए की मूवमेंट को देखने के साथ ही बेहोश करने के लिए निशाना लगाने की कोशिश की गई लेकिन सफलता नहीं मिली। ड्रोन की मदद से भी मूवमेंट जानने का प्रयास किया गया। वनाधिकारियों के अनुसार दो-तीन बार तेंदुआ दिखा, उसके बाद से मूवमेंट का पता नहीं चल रहा है। डीएफओ चंद्रशेखर जोशी ने बताया कि तेंदुए को रेस्क्यू करने के लिए प्रयास किया जा रहा है।
भवन में तीस से अधिक कमरे
हल्द्वानी। जिस तीन मंजिला भवन में तेंदुआ घुसा है उसमें तीस से अधिक कमरे हैं। ऐसे में किस कमरे में तेंदुआ होगा, उसका पता लगाना चुनौतीपूर्ण है। खबर लिखी जाने तक टीम मौके पर जुटी थी, लेकिन तेंदुआ बाहर नहीं लिखा था। यह सेंटर सालों पहले बना था, पर उसका इस्तेमाल नहीं हो रहा है।
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भारी संख्या में लोग जुटे
हल्द्वानी। भवन में तेंदुए के घुसने की सूचना के बाद बड़ी संख्या में लोग वहां पहुुंच गए। वन दरोगा विपिन पलड़िया ने बताया कि लोगों से भवन से दूूर रहने का अनुरोध किया गया। आसपास के लोगों को भी सतर्क रहने के लिए कहा गया है। काफी कोशिश की गई लेकिन तेंदुआ पकड़ा नहीं जा सका। स्थानीय निवासी अनिल चौहान ने बताया कि पीएचसी से कुछ दूरी पर ही जंगल है, तेंदुआ वहीं से आया होगा। स्थानीय निवासी भवान बिष्ट का कहना था कि कई दिनों से इलाके में तेंदुए की मूवमेंट हो रही थी। इसकी जानकारी जंगलात को दी गई थी।
निशाना लगाया, सफलता नहीं मिली
हल्द्वानी। रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान वन विभाग की टीम को एक बार तेंदुआ दिखाई दिया। पशु चिकित्सकों की टीम ने तेंदुए पर निशाना भी लगाया लेकिन निशाना चूक गया।
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दो अप्रैल की शाम करीब सवा छह बजे वन विभाग को एएनएम ट्रेनिंग सेंटर के भवन में तेंदुआ घुसने की सूचना मिली थी। इसके बाद वन विभाग और पशु चिकित्सक तेंदुए को बेहोश करने के लिए गए। जहां से तेंदुआ भवन में घुसा था, उसी टूटे दरवाजे के पास पिंजरा भी लगाया गया लेकिन तेंदुआ फंस नहीं सका है। मौके पर भाखड़ा रेंज, गदगगिदया रेंज और हल्द्वानी रेंज से कई वन कर्मी पहुंचे। रविवार सुबह नए सिरे से ऑपरेशन शुरू किया गया। इसके लिए दमकल की टीम से भी मदद मांगी गई और तीन मंजिला भवन में सीढ़ियों से तेंदुए की मूवमेंट को देखने के साथ ही बेहोश करने के लिए निशाना लगाने की कोशिश की गई लेकिन सफलता नहीं मिली। ड्रोन की मदद से भी मूवमेंट जानने का प्रयास किया गया। वनाधिकारियों के अनुसार दो-तीन बार तेंदुआ दिखा, उसके बाद से मूवमेंट का पता नहीं चल रहा है। डीएफओ चंद्रशेखर जोशी ने बताया कि तेंदुए को रेस्क्यू करने के लिए प्रयास किया जा रहा है।
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भवन में तीस से अधिक कमरे
हल्द्वानी। जिस तीन मंजिला भवन में तेंदुआ घुसा है उसमें तीस से अधिक कमरे हैं। ऐसे में किस कमरे में तेंदुआ होगा, उसका पता लगाना चुनौतीपूर्ण है। खबर लिखी जाने तक टीम मौके पर जुटी थी, लेकिन तेंदुआ बाहर नहीं लिखा था। यह सेंटर सालों पहले बना था, पर उसका इस्तेमाल नहीं हो रहा है।
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भारी संख्या में लोग जुटे
हल्द्वानी। भवन में तेंदुए के घुसने की सूचना के बाद बड़ी संख्या में लोग वहां पहुुंच गए। वन दरोगा विपिन पलड़िया ने बताया कि लोगों से भवन से दूूर रहने का अनुरोध किया गया। आसपास के लोगों को भी सतर्क रहने के लिए कहा गया है। काफी कोशिश की गई लेकिन तेंदुआ पकड़ा नहीं जा सका। स्थानीय निवासी अनिल चौहान ने बताया कि पीएचसी से कुछ दूरी पर ही जंगल है, तेंदुआ वहीं से आया होगा। स्थानीय निवासी भवान बिष्ट का कहना था कि कई दिनों से इलाके में तेंदुए की मूवमेंट हो रही थी। इसकी जानकारी जंगलात को दी गई थी।
निशाना लगाया, सफलता नहीं मिली
हल्द्वानी। रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान वन विभाग की टीम को एक बार तेंदुआ दिखाई दिया। पशु चिकित्सकों की टीम ने तेंदुए पर निशाना भी लगाया लेकिन निशाना चूक गया।