Nainital: चार महीने बाद पिंजरे में कैद हुआ तेंदुआ, सलाखों के पीछे फंसने के बाद रेस्क्यू सेंटर भेजा; राहत
नैनीताल जिले के ग्राम पंचायत भियालगांव में चार महीने से ग्रामीणों के लिए मुसीबत बना तेंदुआ आखिरकार सोमवार को वन विभाग के लगाए पिंजरे में फंस ही गया। वन विभाग की टीम ने तेंदुए को रानीबाग रेस्क्यू सेंटर भेज दिया है।
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धानाचूली के रामगढ़ ब्लॉक की ग्राम पंचायत भियालगांव में चार महीने से ग्रामीणों के लिए मुसीबत बना तेंदुआ आखिरकार सोमवार को वन विभाग के लगाए पिंजरे में फंस ही गया। वन विभाग की टीम ने तेंदुए को रानीबाग रेस्क्यू सेंटर भेज दिया है। तेंदुए के पकड़े जाने के बाद से ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है।
क्षेत्र के समाजसेवी जगदीश चंद्र ने बताया कि गांव में तेंदुए की दहशत के चलते ग्रामीण घरों से बाहर नहीं निकल पा रहे थे। साथ ही महिलाएं मवेशियों के लिए चारा लाने जंगल नहीं जा पा रही थीं। उन्होंने कहा कि तेंदुआ लगातार आबादी क्षेत्र में दिखाई देने के साथ मवेशियों का शिकार कर रहा था। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों की शिकायत पर वन विभाग की ओर से क्षेत्र में पिंजरा लगाया गया था। सोमवार को तेंदुआ पिंजरे में फंस गया।
रेंजर प्रमोद कुमार ने बताया कि तेंदुए को रानीबाग रेस्क्यू सेंटर भेजा गया है। साथ ही अभी भी ग्रामीणों को सतर्क रहने के लिए कहा गया है। सुरक्षा की दृष्टि से वन कर्मियों की ओर से नियमित गश्त के साथ लोगों को जागरूक किया जाएगा। वहां किशन राम, धरमपाल, राजेंद्र प्रसाद, बहादुर सिंह, किशन सिंह, मनोज सिंह, सुरेश चंद्र, सुभाष, पनीराम आदि थे।
ओखलढूंगा और सिलौटी में बाघ ले चुका है दो की जान
भीमताल के नौकुचियाताल स्थित सिलौटी गांव में 25 नवंबर 2024 को बाघ के हमले में लीला देवी की जान चली गई थी। वहीं, बेतालघाट ब्लॉक के ओखलढूंगा में बीती सात जनवरी को बाघ के हमले में शांति देवी को जान गंवानी पड़ी थी। साथ ही 19 जनवरी को हल्ड्यानी गांव में बाघ के हमले से दयाकिशन घायल हो गए थे। सिलौटी में महिला को मारने वाले बाघ को वन विभाग ने पिंजरा लगाकर पकड़ लिया था। साथ ही सिलौटी से भी एक तेंदुए को भी पकड़ा गया था। वहीं, ओखलढूंगा में भी हमलावर बाघ को वन विभाग की टीम की ओर से पकड़ लिया गया था।