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सर्राफा दुकानें खुलीं, 42 दिन बाद लौटी रौनक
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, हल्द्वानी।
Updated Wed, 13 Apr 2016 10:50 PM IST
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सर्राफा व्यापारी
- फोटो : अमर उजाला
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42 दिन बाद सर्राफा की दुकानें खुलने से बाजार में रौनक लौट आई। बड़ी संख्या में लोगों ने दुकानों में पहुंचकर खरीदारी की। केंद्र सरकार द्वारा गोल्ड के कारोबार पर एक प्रतिशत एक्साइज ड्यूटी लगाए जाने के विरोध में ग्रीन सिटी सर्राफा एवं स्वर्णकार एसोसिएशन के आह्वान पर सर्राफा व्यवसायी दो मार्च से आंदोलनरत थे। आंदोलन की शुुरुआत से सर्राफा बाजार की दुकानों में ताले पड़े थे।
प्रांतीय उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्याम बिहारी मिश्र ने सर्राफा व्यवसायियों की मांगों के समर्थन में प्रदेश बंद भी किया गया। बावजूद इसके केंद्र सरकार ने सर्राफा कारोबार से एक प्रतिशत एक्साइज ड्यूटी वापस नहीं ली। स्वर्णकार एसोसिएशन ने राष्ट्रीय नेतृत्व के निर्देश पर 13 अप्रैल से 24 अप्रैल तक आंदोलन स्थगित किया है। इसका निर्णय मंगलवार को एसोसिएशन की बैठक में लिया गया।
स्वर्णकार एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रदीप वर्मा और कुमाऊं महामंत्री दिगंबर वर्मा ने बताया कि आंदोलन दोबारा शुरू करने के विषय में राष्ट्रीय नेतृत्व 25 अप्रैल को फैसला लेगा, उसी के अनुरूप आंदोलन होगा। 15 अप्रैल से शुरू हो रहे सहालग को लेकर जिन लोगों ने आभूषणों की बुकिंग कराई थी, दुकानदार उन्हें तैयार कराने में लग गए हैं।
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‘बायां पैर’ की हुई खरीदारी
हल्द्वानी। सर्राफा बाजार में बुधवार को दुकानें खुलने पर सबसे ज्यादा ‘बायां पैर’ की खरीदारी हुई। चांदी के तार से बनने वाले इस ‘बायां पैर’ का इस्तेमाल लोग हिंदू नव वर्ष शुरू होने पर ग्रहदशा के लिए करते हैं।
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बातचीत मय फोटो
-लंबे समय बाद सर्राफा बाजार खुला है। इसलिए रुटीन पर आने में दो-तीन दिन तो लगेंगे ही। एक्साइज ड्यूटी को लेकर चल रहा आंदोलन अभी समाप्त नहीं हुआ है। अगली रणनीति 25 अप्रैल को तय होगी। - प्रदीप वर्मा, अध्यक्ष स्वर्णकार एसोसिएशन
-रेडीमेड आभूषण बेचने वाले सर्राफा दुकानदारों ने बंद के दौरान अंदरखाने लोगों को बुलाकर माल दे दिया, इस कारण लोगों में सुनारों की दुकानें खुलने पर कोई खास उत्सुकता नहीं है। जिसने आर्डर बुक किया है, केवल वही आ रहे हैं। - दिंगबर वर्मा, कुमाऊं महामंत्री स्वर्णकार एसोसिएशन
-42 दिन बाद बाजार खुला है, कारोबार को पटरी पर आने में तीन चार दिन लगेंगे। सहालग को लेकर जिन लोगों ने आर्डर पहले से दिए हुए थे, उनके आभूषण तैयार कराने पर पूरा जोर है, ताकि लोगों को परेशानी न हो।
- अंकुर अग्रवाल, सुरेश ज्वैलर्स
-सर्राफा बाजार खुलने की अभी लोगों को पूरी तरह जानकारी भी नहीं हो सकी है। पहाड़ के लोगों को पता लगने पर एक दो दिन में लोग आने लगेंगे। आर्डर के आभूषण लोग लेने आने लगे हैं। - नवीन वर्मा, पहाड़पानी वाले ज्वैलर्स
-सर्राफ की दुकानें बंद होने से परेशानी तो थी ही। रिश्तेदारी में भांजे की शादी है, आभूषण कैसे दें, इसको लेकर चिंता थी। आज बाजार खुलने की खबर मिलने पर खरीदारी करने आए हैं।
-बीडी उपाध्याय, शांतीपुरी
- रिश्तेदारी में देने के लिए कुछ सोने का आइटम देना है, उसे खरीदने के लिए ही बाजार आई हूं। पहली बार इतने दिनों तक सुनारों की दुकानें बंद होने से परेशानी हुई। - ज्योति बिष्ट, आदर्शनगर
- परिवार में शादी ब्याह है। पहले से आर्डर देने के बावजूद आभूषण मिलने को लेकर चिंता बनी थी कि क्या होगा। बुधवार को सर्राफा दुकानें खुलने से यह परेशानी दूर हो गई। - नरसिंह सम्भल, हैड़ाखान
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प्रांतीय उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्याम बिहारी मिश्र ने सर्राफा व्यवसायियों की मांगों के समर्थन में प्रदेश बंद भी किया गया। बावजूद इसके केंद्र सरकार ने सर्राफा कारोबार से एक प्रतिशत एक्साइज ड्यूटी वापस नहीं ली। स्वर्णकार एसोसिएशन ने राष्ट्रीय नेतृत्व के निर्देश पर 13 अप्रैल से 24 अप्रैल तक आंदोलन स्थगित किया है। इसका निर्णय मंगलवार को एसोसिएशन की बैठक में लिया गया।
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स्वर्णकार एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रदीप वर्मा और कुमाऊं महामंत्री दिगंबर वर्मा ने बताया कि आंदोलन दोबारा शुरू करने के विषय में राष्ट्रीय नेतृत्व 25 अप्रैल को फैसला लेगा, उसी के अनुरूप आंदोलन होगा। 15 अप्रैल से शुरू हो रहे सहालग को लेकर जिन लोगों ने आभूषणों की बुकिंग कराई थी, दुकानदार उन्हें तैयार कराने में लग गए हैं।
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‘बायां पैर’ की हुई खरीदारी
हल्द्वानी। सर्राफा बाजार में बुधवार को दुकानें खुलने पर सबसे ज्यादा ‘बायां पैर’ की खरीदारी हुई। चांदी के तार से बनने वाले इस ‘बायां पैर’ का इस्तेमाल लोग हिंदू नव वर्ष शुरू होने पर ग्रहदशा के लिए करते हैं।
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बातचीत मय फोटो
-लंबे समय बाद सर्राफा बाजार खुला है। इसलिए रुटीन पर आने में दो-तीन दिन तो लगेंगे ही। एक्साइज ड्यूटी को लेकर चल रहा आंदोलन अभी समाप्त नहीं हुआ है। अगली रणनीति 25 अप्रैल को तय होगी। - प्रदीप वर्मा, अध्यक्ष स्वर्णकार एसोसिएशन
-रेडीमेड आभूषण बेचने वाले सर्राफा दुकानदारों ने बंद के दौरान अंदरखाने लोगों को बुलाकर माल दे दिया, इस कारण लोगों में सुनारों की दुकानें खुलने पर कोई खास उत्सुकता नहीं है। जिसने आर्डर बुक किया है, केवल वही आ रहे हैं। - दिंगबर वर्मा, कुमाऊं महामंत्री स्वर्णकार एसोसिएशन
-42 दिन बाद बाजार खुला है, कारोबार को पटरी पर आने में तीन चार दिन लगेंगे। सहालग को लेकर जिन लोगों ने आर्डर पहले से दिए हुए थे, उनके आभूषण तैयार कराने पर पूरा जोर है, ताकि लोगों को परेशानी न हो।
- अंकुर अग्रवाल, सुरेश ज्वैलर्स
-सर्राफा बाजार खुलने की अभी लोगों को पूरी तरह जानकारी भी नहीं हो सकी है। पहाड़ के लोगों को पता लगने पर एक दो दिन में लोग आने लगेंगे। आर्डर के आभूषण लोग लेने आने लगे हैं। - नवीन वर्मा, पहाड़पानी वाले ज्वैलर्स
-सर्राफ की दुकानें बंद होने से परेशानी तो थी ही। रिश्तेदारी में भांजे की शादी है, आभूषण कैसे दें, इसको लेकर चिंता थी। आज बाजार खुलने की खबर मिलने पर खरीदारी करने आए हैं।
-बीडी उपाध्याय, शांतीपुरी
- रिश्तेदारी में देने के लिए कुछ सोने का आइटम देना है, उसे खरीदने के लिए ही बाजार आई हूं। पहली बार इतने दिनों तक सुनारों की दुकानें बंद होने से परेशानी हुई। - ज्योति बिष्ट, आदर्शनगर
- परिवार में शादी ब्याह है। पहले से आर्डर देने के बावजूद आभूषण मिलने को लेकर चिंता बनी थी कि क्या होगा। बुधवार को सर्राफा दुकानें खुलने से यह परेशानी दूर हो गई। - नरसिंह सम्भल, हैड़ाखान