फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Nainital News ›   Janglat lured the dead bull and then the tiger came under control.

Nainital News: जंग्लात ने मरे बैल का लालच दिलाया फिर बाघ काबू में आया

Wed, 27 Dec 2023 01:52 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल Updated Wed, 27 Dec 2023 01:52 AM IST
विज्ञापन
Janglat lured the dead bull and then the tiger came under control.
प्रतीकात्मक
हल्द्वानी/भीमताल। चार डिग्री तापमान में कड़ाके की सर्दी के बीच गांव में नरभक्षी का खौफ। जंगलियागांव के वीरान मकान में 15 वनकर्मियों की टीम योजना के तहत बाघ के इंतजार कर रही है। बाघ अपने बचे शिकार (बैल) की तलाश में रात 12:30 बजे उसी जगह पहुंचता है। इसी बीच टीम उसे दूसरा मौका दिए बगैर ट्रैंक्यूलाइज कर लेती है।
विज्ञापन


हिंसक वन्यजीव के मूवमेंट को जानने के लिए वन विभाग की टीम ने भीमताल के विभिन्न क्षेत्रों में 100 कैमरा ट्रैप लगाए थे। इसमें जंगलियागांव में करीब 15 कैमरा ट्रैप थे। कैमरा ट्रैप में बाघ की फोटो कैप्चर होने के बाद जंगलात को एक लीड मिली थी। टीम को पता चला कि बाघ ने 24 दिसंबर को ग्रामीणों का एक बैल मारा है। विशेषज्ञों को भरोसा था कि बाघ अपने शिकार को खाने के लिए दोबारा आएगा। ऐसे में बाघ के शिकार वाले स्थान से 20 मीटर की दूरी पर जाल बिछाया गया। यहां पर एक वीरान भवन था जहां ट्रैंक्यूलाइज करने वाली टीम पांच घंटे से डटी थी। रात 12:30 बजे बाघ अपने शिकार की तलाश करता हुआ पहुंचा। जैसे ही वह मरे बैल के पास पहुंचा ही था कि टीम ने उसे ट्रैंक्यूलाइज कर लिया। बाघ के बेहोश होने के बाद तत्काल टीम उसके पास पहुंची।
विज्ञापन





दो घंटे में बाघ को लादकर मार्ग तक लाए

हल्द्वानी। नैनीताल वन प्रभाग के प्रभागीय वनाधिकारी चंद्रशेखर जोशी कहते हैं कि मोटर मार्ग पर रेस्क्यू वाहन खड़ा था। रेस्क्यू स्थल से सड़क तक पहुंचने में करीब दो घंटे का समय लगा। इस दौरान 110 किलो के बाघ को स्ट्रेचर पर रखकर लाया गया। पिंजरे में रखकर उसे रानीबाग रेस्क्यू सेंटर भेज दिया। फिलहाल उसकी हालत ठीक है। माई सिटी रिपोर्टर
विज्ञापन
विज्ञापन






रानीबाग रेस्क्यू सेंटर में बाघ रखने के लिए बाड़े नहीं

हल्द्वानी। रानीबाग रेस्क्यू सेंटर में बाघों की संख्या तीन हो गई है लेकिन उन्हें रखने के लिए बाड़े नहीं है। अब बाघों को दूसरी जगह शिफ्ट करने पर विचार किया जा रहा है। इसके लिए नेशनल टाइगर कंजरवेशन अथॉरिटी से अनुमति मांगी गई है। रानीबाग में रेस्क्यू सेंटर बनाया गया है लेकिन यहां बाघों के लिए बाड़ा नहीं है। यहां बाघ के लिए बनाए दो बाड़े जंगलात को हैंडओवर नहीं हो पाएं हैं। इसके अलावा तराई पश्चिम वन प्रभाग के आमपोखरा रेंज में करीब एक साल पहले बाघ के दो शावक मिले थे, उन्हें तेंदुओं के बाड़े में रखा गया है। भीमताल से लाए बाघ के लिए आमपोखरा वाले शावकों को शिफ्ट करने की तैयारी है। इस संबंध में प्रमुख वन संरक्षक वन्यजीव समीर सिन्हा का कहना है कि बाघों को दूसरी जगह भेजने के विकल्प पर विचार किया जा रहा है। इस संबंध में एनटीसीए से भी अनुमति मांगी है। वाइल्ड लाइफ इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया ने भीमताल क्षेत्र से जुड़ी रिपोर्ट जंगलात को सौंप दी है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed