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Nainital News: 42 बेड के पिडियाट्रिक कक्ष में आइसोलेशन वार्ड बनेगा
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हल्द्वानी। कोरोना के नए वैरिएंट पर सतर्कता शुरू हो गई है। राजकीय मेडिकल कॉलेज के अधीन सुशीला तिवारी अस्पताल में हाल ही में तैयार 42 बेड के पिडियाट्रिक कक्ष (शिशु वार्ड) को कोरोना के लिए आइसोलेशन वार्ड बनाया जाएगा। साथ ही कोविड से बचाव के लिए दिशा-निर्देश जारी किए गए।
मेडिसिन, बाल रोग विभाग के विभागाध्यक्ष समेत कई विभागीय और नोडल अधिकारियों की मौजूदगी में कोविड-19 को लेकर जारी हुई गाइडलाइन के तहत कार्य करने का निर्णय लिया गया। इसमें अस्पताल में अनावश्यक भीड़ न लगाने, सामाजिक दूरी बनाने के लिए लोगों को सचेत करने, खांसी, जुकाम और निमोनिया से पीड़ित मरीजों के संबंध में जागरूक रहने के अलावा निमोनिया आदि से पीड़ित संदिग्ध मरीजों को जांच के बाद आइसोलेशन वार्ड में भर्ती करने पर सहमति बनी। आइसोलेशन वार्ड में मरीज के भर्ती होने पर संबंधित डॉक्टर को पीपीई किट पहनकर जाना अनिवार्य होगा। पिडियाट्रिक वार्ड में पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन के साथ पीपीई किट भी है।
नए पिडियाट्रिक वार्ड में 20 बेड में कोविड के संदिग्ध मरीजों को रखा जाएगा। अस्पताल में जरूरी किट समेत पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन उपलब्ध है। जैसे-जैसे गाइडलाइन आएंगी, उसी अनुसार कार्य किया जाएगा। लोगों को सामाजिक दूरी बनाने और मास्क पहनने की आदत डालनी होगी। किसी व्यक्ति में लक्षण दिखाई देते हैं तो उसे तुरंत जांच करानी चाहिए।
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डॉ. अरुण जोशी, प्राचार्य राजकीय मेडिकल कॉलेज
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मेडिसिन, बाल रोग विभाग के विभागाध्यक्ष समेत कई विभागीय और नोडल अधिकारियों की मौजूदगी में कोविड-19 को लेकर जारी हुई गाइडलाइन के तहत कार्य करने का निर्णय लिया गया। इसमें अस्पताल में अनावश्यक भीड़ न लगाने, सामाजिक दूरी बनाने के लिए लोगों को सचेत करने, खांसी, जुकाम और निमोनिया से पीड़ित मरीजों के संबंध में जागरूक रहने के अलावा निमोनिया आदि से पीड़ित संदिग्ध मरीजों को जांच के बाद आइसोलेशन वार्ड में भर्ती करने पर सहमति बनी। आइसोलेशन वार्ड में मरीज के भर्ती होने पर संबंधित डॉक्टर को पीपीई किट पहनकर जाना अनिवार्य होगा। पिडियाट्रिक वार्ड में पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन के साथ पीपीई किट भी है।
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नए पिडियाट्रिक वार्ड में 20 बेड में कोविड के संदिग्ध मरीजों को रखा जाएगा। अस्पताल में जरूरी किट समेत पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन उपलब्ध है। जैसे-जैसे गाइडलाइन आएंगी, उसी अनुसार कार्य किया जाएगा। लोगों को सामाजिक दूरी बनाने और मास्क पहनने की आदत डालनी होगी। किसी व्यक्ति में लक्षण दिखाई देते हैं तो उसे तुरंत जांच करानी चाहिए।
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डॉ. अरुण जोशी, प्राचार्य राजकीय मेडिकल कॉलेज