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जमरानी परियोजना के लिए निवेश की मंजूरी
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देहरादून/ हल्द्वानी। दशकों से लंबित जमरानी बांध बहुउद्देशीय परियोजना की राह खुल गई है। केंद्र सरकार से परियोजना निर्माण के निवेश को मंजूरी दे दी गई है। 2584.10 करोड़ की लागत से बनने वाली इस परियोजना का निर्माण कृषि सिंचाई योजना के तहत होगा। राज्य को इसमें 10 प्रतिशत अंशदान देना होगा और केंद्र सरकार 90 प्रतिशत धनराशि खर्च करेगी।
सिंचाई सचिव हरिचंद्र सेमवाल के मुताबिक शुक्रवार को केंद्रीय सचिव जल संसाधन की अध्यक्षता एवं नीति आयोग व केंद्रीय जल आयोग के अधिकारियों की उपस्थिति में बैठक हुई। बैठक में परियोजना को प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत 90:10 अनुपात के तहत निवेश की मंजूरी मिली है। सिंचाई सचिव ने कहा कि बैठक में पश्चिम बंगाल, मणिपुर, महाराष्ट्र एवं उत्तराखंड की योजनाएं निवेश मंजूरी के लिए इन्वेस्टमेंट क्लीयरेंस की 17वीं बैठक में प्रस्तुत की गई। बैठक में उत्तराखंड की जमरानी बांध परियोजना लागत 2584.10 करोड़ के संबंध में निर्णय लिया गया। परियोजना को प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत 90:10 अनुपात में निवेश की मंजूरी मिली। सचिव ने कहा कि निवेश की मंजूरी मिलने के बाद जमरानी बांध परियोजना पर शीघ्र पुनर्वास सहित निर्माण कार्यों को शुरू किया जाएगा।
2027 तक पूरा करना का है लक्ष्य
परियोजना को वर्ष 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके तहत 57065 हेक्टेयर अतिरिक्त सिंचाई के साथ-साथ हल्द्वानी शहर को वर्ष 2055 तक 42 एमसीएम पेयजल उपलब्ध कराये जाने की व्यवस्था है। परियोजना से हर साल 63 मिलियन यूनिट बिजली पैदा होगी।
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कैबिनेट में आएगी पुनर्वास की नीति
सचिव सिंचाई के मुताबिक, परियोजना से प्रभावितों के पुनर्वास के लिए शीघ्र ही पुनर्वास नीति कैबिनेट की मंजूरी के लिए रखी जाएगी। पुनर्वास एवं पुनर्व्यवस्थापन अधिनियम 2013 की व्यवस्था के अनुसार प्रभावित ग्रामवासियों का सम्यक रूप से पुनर्वास किया जाएगा।
टेंडर प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश
हल्द्वानी। केंद्रीय रक्षा एवं पर्यटन राज्यमंत्री अजय भट्ट ने बताया कि प्रोजेक्ट हेड प्रशांत विश्नोई को टेंडर प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं। केंद्रीय जल संसाधन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत से मिलकर आगे की प्रक्रिया को जल्द शुरू कराने की बात कही है। उन्होंने कहा कि जमरानी बांध महत्वाकांक्षी परियोजना है। जिससे लाखों लोगों का हित जुड़ा है। इसके लिए समय- समय पर केंद्र और राज्य सरकार से वार्ता, पत्राचार के माध्यम से परियोजना के संदर्भ में तेजी से काम करने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।
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सिंचाई सचिव हरिचंद्र सेमवाल के मुताबिक शुक्रवार को केंद्रीय सचिव जल संसाधन की अध्यक्षता एवं नीति आयोग व केंद्रीय जल आयोग के अधिकारियों की उपस्थिति में बैठक हुई। बैठक में परियोजना को प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत 90:10 अनुपात के तहत निवेश की मंजूरी मिली है। सिंचाई सचिव ने कहा कि बैठक में पश्चिम बंगाल, मणिपुर, महाराष्ट्र एवं उत्तराखंड की योजनाएं निवेश मंजूरी के लिए इन्वेस्टमेंट क्लीयरेंस की 17वीं बैठक में प्रस्तुत की गई। बैठक में उत्तराखंड की जमरानी बांध परियोजना लागत 2584.10 करोड़ के संबंध में निर्णय लिया गया। परियोजना को प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत 90:10 अनुपात में निवेश की मंजूरी मिली। सचिव ने कहा कि निवेश की मंजूरी मिलने के बाद जमरानी बांध परियोजना पर शीघ्र पुनर्वास सहित निर्माण कार्यों को शुरू किया जाएगा।
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2027 तक पूरा करना का है लक्ष्य
परियोजना को वर्ष 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके तहत 57065 हेक्टेयर अतिरिक्त सिंचाई के साथ-साथ हल्द्वानी शहर को वर्ष 2055 तक 42 एमसीएम पेयजल उपलब्ध कराये जाने की व्यवस्था है। परियोजना से हर साल 63 मिलियन यूनिट बिजली पैदा होगी।
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कैबिनेट में आएगी पुनर्वास की नीति
सचिव सिंचाई के मुताबिक, परियोजना से प्रभावितों के पुनर्वास के लिए शीघ्र ही पुनर्वास नीति कैबिनेट की मंजूरी के लिए रखी जाएगी। पुनर्वास एवं पुनर्व्यवस्थापन अधिनियम 2013 की व्यवस्था के अनुसार प्रभावित ग्रामवासियों का सम्यक रूप से पुनर्वास किया जाएगा।
टेंडर प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश
हल्द्वानी। केंद्रीय रक्षा एवं पर्यटन राज्यमंत्री अजय भट्ट ने बताया कि प्रोजेक्ट हेड प्रशांत विश्नोई को टेंडर प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं। केंद्रीय जल संसाधन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत से मिलकर आगे की प्रक्रिया को जल्द शुरू कराने की बात कही है। उन्होंने कहा कि जमरानी बांध महत्वाकांक्षी परियोजना है। जिससे लाखों लोगों का हित जुड़ा है। इसके लिए समय- समय पर केंद्र और राज्य सरकार से वार्ता, पत्राचार के माध्यम से परियोजना के संदर्भ में तेजी से काम करने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।