नैनीताल। हाईकोर्ट ने ऋषिकेश में कार्यरत फार्मेसिस्ट देव सिंह असवाल का स्थानांतरण टिहरी गढ़वाल स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र करने के मामले में यथास्थिति बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने स्वास्थ्य महानिदेशक को याचिकाकर्ता के प्रत्यावेदन को तीन हफ्ते में निस्तारित करने के भी निर्देश दिए हैं।
न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी की एकलपीठ के समक्ष इस मामले की सुनवाई हुई। ऋषिकेश में कार्यरत फार्मेसिस्ट देव सिंह असवाल ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कहा था कि स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण महानिदेशक ने आठ जुलाई 2022 को एक आदेश पारित कर उनका स्थानांतरण प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र टिहरी गढ़वाल में कर दिया था, जो गलत है। याचिकाकर्ता का कहना था कि वह पूर्व में दस साल तक दुर्गम क्षेत्रों में सेवाएं दे चुके हैं। वर्तमान में उन्हें सुगम क्षेत्र में कार्य करते हुए केवल तीन साल ही हुए हैं। ऐसे में उनका स्थानांतरण गलत है। याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया था कि चार साल तक की अवधि में यदि याचिकाकर्ता सुगम क्षेत्र में रहे तो स्थानांतरण किया जा सकता है, जबकि उन्हें केवल तीन साल ही हुए हैं। दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट की एकलपीठ ने मामले में यथास्थिति बनाए रखने के निर्देश देते हुए स्वास्थ्य महानिदेशक को याचिकाकर्ता के प्रत्यावेदन को तीन हफ्ते में निस्तारित करने के निर्देश दिए हैं।