{"_id":"5877e6134f1c1bc156ba9584","slug":"indranagar-nandur-valley-crossing-road-capturing-stray","type":"story","status":"publish","title_hn":"इंद्रानगर क्रॉसिंग से नंधौर वैली रोड तक हटेगा कब्जा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
इंद्रानगर क्रॉसिंग से नंधौर वैली रोड तक हटेगा कब्जा
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 13 Jan 2017 01:54 AM IST
विज्ञापन
court shimla
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रेलवे ने कब्जा हटाने की रणनीति को अंतिम रूप दे दिया है। इसमें चरणबद्ध तरीके से कब्जा हटाया जाएगा। सूत्रों के अनुसार पहले चरण में इंद्रानगर रेलवे क्रॉसिंग से नंधौर वैली रोड तक कब्जा हटाने की योजना है। बाद में अन्य जगहों का सीमांकन कर कब्जा हटाने का काम होगा। रेलवे ने कब्जा हटाने को लेकर तारीख और फोर्स की मांग भी पुलिस, प्रशासन से की है।
विज्ञापन
रेलवे की 60 हेक्टेयर जमीन पर कब्जा है। हल्द्वानी रेलवे स्टेशन से चार किमी की लंबाई का एरिया (करीब गौजाजाली तक) अतिक्रमण की जद में आ रहा है। हाईकोर्ट ने चार सप्ताह में कब्जा खाली कराने का आदेश दिया है। रेलवे ने कब्जा हटाने के लिए चरणबद्ध योजना बनाई है, इसकी शुरुआत 14 और 15 जनवरी से करने की योजना बनाई है।
विज्ञापन
इसके तहत इंद्रानगर रेलवे क्रासिंग से नंधौर वैली रोड तक कब्जा हटाने की योजना (करीब एक किमी एरिया) है। इसके बाद सीमांकन और कब्जा हटाने का सतत कार्य चलेगा। रेलवे आरपीएफ और आरपीएसएफ का विशेष प्रशिक्षित दस्ता समेत दूसरे रेल कर्मियों को अभियान में शामिल करेगा। कार्रवाई की योजना आदि को लेकर पुलिस, प्रशासन को भी पत्र लिखा है।
विज्ञापन
आप ही बताओ सर्दी में बच्चों को लेकर कहां जाएं
रेलवे की अतिक्रमित भूमि से कब्जा खाली कराने को लेकर नवंबर से प्रक्रिया चल रही है। ऐसे में कब्जेदारों का हर दिन चिंता और मुश्किलों के बीच निकल रहा है। कोई भी पहुंचता है, तो उस पर सवालों की झड़ी लगा देते हैं। आप ही बताओ कि इस सर्दी में बच्चों को लेकर कहां जाएं? ढोलक बनाकर बेचते थे, दिहाड़ी का काम था, वह भी बंद हो गया है। सुबह उठते हैं तो भरोसा नहीं होता है, जो कच्ची छत है वह भी रहेगी भी या नहीं।
गफूर बस्ती के रहने वाले मोअज्जम कहते हैं कि रोजगार बंद हो चुका है। हर दिन डर से गुजर रहा है। बस एक ही चिंता है कि अगर छत छिनी तो बच्चों को लेकर कहां जाएंगे। कलीम और शब्बू की भी की कमोबेश यही फिक्र है, कहते हैं कि वोटर कार्ड, आधार कार्ड सब कुछ है। अब रेलवे कह रहा है कि इलाका खाली करो।
30 साल से रह रहे हैं, अब कहा जाएं। हुस्ना कहती हैं कि बदतर स्थिति में रहते हैं, किसी तरह जीवन काट रहे हैं और अब छत छिनने की बात हो रही है। नियाजी कहते हैं कि राज्य बनाने में संघर्ष किया था, अब बेघर होने की नौबत आ रही है। कुछ इसी तरह का दर्द अब्बास का भी है।
गफूर बस्ती हटाने को एसएसपी ने मांगी नौ कंपनी फोर्स
एसएसपी ने गफूर बस्ती से अतिक्रमण हटाने के लिए डीपीजी से नौ कंपनी अर्धसैनिक बलों की मांग की है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि 14 को उत्तरायणी पर्व के मौके पर शोभायात्रा निकलेगी, जिसमें सुरक्षा के लिए पुलिस भी तैनात रहेगी। ऐसे में अगली तिथि पर पुलिस फोर्स अतिक्रमण हटाने को तैयार होगी।
हाईकोर्ट की तल्ख टिप्पणी के बाद जिला पुलिस के अधिकारियों के होश उड़ गए हैं। एसएसपी जन्मेजय खंडूरी का कहना है कि हाईकोर्ट के आदेश का पालन करने के लिए पहले से तैयार हैं। रेलवे से सामंजस्य बनाकर गफूर बस्ती को खाली कराया जाएगा। जिला पुलिस ने बस्ती को खाली कराने के लिए सीआरपीएफ की पांच कंपनी, आरएएफ की दो महिला और दो पुरुष कंपनी, पीएसी की आठ पुरुष और दो महिला कंपनियों की मांग डीजीपी से की है।
इसके अलावा डीआईजी रेंज भी जिला पुलिस को फोर्स मुहैया कराएगी। फायर ब्रिगेड, टीयर गैस सहित अन्य टीमें भी मौजूद रहेंगी। एसपी सिटी यशवंत सिंह चौहान का कहना है कि जिला प्रशासन के अधिकारियों से भी मदद मांगी गई है।