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....हम लड़ते रैयां भुला, हम लड़ते रूंलो
अमर उजाला ब्यूरो नैनीताल
Updated Tue, 23 Aug 2016 12:28 AM IST
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जनकवि गिरीश तिवारी गिर्दा की छठीं पुण्यतिथि पर सोमवार को गिर्दा की स्मृतियों को जीवंत किया गया। इसमें गिर्दा रचित और गिर्दा द्वारा गाए गीत गाते हुए माल रोड में सांस्कृतिक जुलूस निकाला गया।
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जुलूस सीआरएसटी इंटर कॉलेज में संपन्न हुआ। कॉलेज सभागार में देर रात तक सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रंखला में पंचायत में पांचाली और चर्खुल्ली की धार नाटकों का मंचन किया गया।
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गिर्दा स्मृति मंच के कार्यक्रम के तहत विभिन्न सांस्कृतिक मंचों के लोग भारी बारिश के बाद भी तल्लीताल क्रांति चौक मेें एकत्र और सांस्कृतिक जुलूस निकाला।
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संस्कृति कर्मियों ने ‘उत्तराखंड मेरी जन्म भूमि मेरी पितृ भूमि तेरी जैजैकारा जै जै हिमाला....., हम ओढ़ बारुड़ी ल्वार कुल्ली कबाड़ी...., आज हिमाल तुमनकें धत्यूंछौ...., ततुक नि लगा उदेख घुटन मुनई नि टेक, जैंता एक दिन तो आलो उ दिन यो दुनि में...., ....हम लड़ते रैयां भुला, हम लड़ते रूंलो आदि कई जनगीत गाए।
जुलूस के बाद सीआरएसटी इंटर कॉलेज सभागार में दीपक तिरुवा द्वारा लिखित व निर्देशित नाटक पंचायत में पांचाली तथा डॉ. अनिल कार्की की कहानी पर आधारित व सुभाष चंद्रा द्वारा निर्देशित नाटक चर्खुल्ली की धार का मंचन किया, जिसे दर्शकों ने काफी सराहा।
इससे पूर्व सर्वजीत द्वारा गिर्दा की दो रचनाएं प्रस्तुत की गईं। इस मौके पर पद्मश्री प्रो. शेखर पाठक ने गिर्दा के जीवन वृत्त पर चर्चा की। गिर्दा स्मृति मंच के मुख्य संयोजक महेश जोशी के नेतृत्व में आयोजित कार्यक्रमों में विधायक सरिता आर्या, जहूर आलम, डॉ. नारायण सिंह जंतवाल, हेमंत बिष्ट, राजीव लोचन साह, मुन्नी तिवारी, प्रो. लक्ष्मण सिंह बिष्ट बटरोही, हेमलता तिवारी, तुहिनांशु तिवारी, मिथिलेश पांडे, राजा साह, मंजूर हुसैन, पवन कुमार, मनोज कुमार पांडे, इदरीश मलिक आदि संस्कृति कर्मी मौजूद थे।