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Nainital News: स्वदेशी मालाएं रोशन करेंगी इस बार दिवाली
Thu, 09 Nov 2023 12:18 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
Updated Thu, 09 Nov 2023 12:18 AM IST
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नैनीताल। चीन के उत्पादों के बहिष्कार और स्वदेशी को प्रोत्साहन की देश व्यापी मुहिम अब रंग लाने लगी है। इस बार दिवाली पर बाजार आकर्षक बिजली की मालाओं से रोशन हैं। लेकिन खुशी की बात यह है कि बहुसंख्यक बिजली उत्पाद भारतीय हैं। चीन के उत्पाद इस बार लगभग गायब हो गया है।
दीपावली पर्व पर एक दशक पूर्व तक भारतीय लीची, मिर्च व इसी तरह की मालाओं का प्रचलन था। कुछ वर्ष पूर्व चीन से चल रहे प्रतिकूल हालात के बाद देश भर में चीन के उत्पादों का विरोध शुरू हुआ। बहुसंख्यक परिक्षेत्र में दखल के चलते हालांकि इससे निजात नहीं मिल पाई है। लेकिन दीप पर्व पर बिजली की रोशनी के 80 फीसदी उत्पाद पर भारतीय का कब्जा है।
दुकानदार राजेंद्र मनराल का कहना है कि पहले मालाओं में चीन उत्पाद हावी थे, लेकिन इस बार भारतीय उत्पादों से बाजार रोशन है। अजय वर्मा का कहना है कि बिजली के भारतीय उत्पाद की गुणवत्ता में चीन से बेहतर हैं, दरें भी ठीक हैं। शाहदान का कहना है कि वह करीब दो दशक से बिजली का कारोबार कर रहे हैं।
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चीन की मालाओं के चलते भारतीय लीची की माला चलन से बाहर हो गई थी। लेकिन वर्तमान में 80 फीसदी बिजली के बाजार में स्वदेशी उत्पाद का कब्जा है। बिजली उत्पाद बेच रहे राहुल व आरिस की दुकान में भी भारतीय उत्पाद जगमगा रहे हैं। वह भी स्वदेशी उत्पादों के प्रभावी दखल से खुश हैं।
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दीपावली पर्व पर एक दशक पूर्व तक भारतीय लीची, मिर्च व इसी तरह की मालाओं का प्रचलन था। कुछ वर्ष पूर्व चीन से चल रहे प्रतिकूल हालात के बाद देश भर में चीन के उत्पादों का विरोध शुरू हुआ। बहुसंख्यक परिक्षेत्र में दखल के चलते हालांकि इससे निजात नहीं मिल पाई है। लेकिन दीप पर्व पर बिजली की रोशनी के 80 फीसदी उत्पाद पर भारतीय का कब्जा है।
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दुकानदार राजेंद्र मनराल का कहना है कि पहले मालाओं में चीन उत्पाद हावी थे, लेकिन इस बार भारतीय उत्पादों से बाजार रोशन है। अजय वर्मा का कहना है कि बिजली के भारतीय उत्पाद की गुणवत्ता में चीन से बेहतर हैं, दरें भी ठीक हैं। शाहदान का कहना है कि वह करीब दो दशक से बिजली का कारोबार कर रहे हैं।
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चीन की मालाओं के चलते भारतीय लीची की माला चलन से बाहर हो गई थी। लेकिन वर्तमान में 80 फीसदी बिजली के बाजार में स्वदेशी उत्पाद का कब्जा है। बिजली उत्पाद बेच रहे राहुल व आरिस की दुकान में भी भारतीय उत्पाद जगमगा रहे हैं। वह भी स्वदेशी उत्पादों के प्रभावी दखल से खुश हैं।