सिर्फ फाइलों में बनकर रह गए सब-वे
बढ़ते वाहनों के दबाव और अतिक्रमण से सिकुड़ते चौराहों पर राहगीरों के लिए सब-वे और फुट ओवर ब्रिज बनाने की योजना भी सिर्फ फाइलों तक सीमित रही। नगर निगम ने शहर के प्रमुख चौराहों पर सब-वे और फुट ओवर ब्रिज बनाने की डीपीआर भी तैयार कर ली थी। योजना धरातल पर उतरने से पहले ही इसकी फाइल बंद हो गई।
शहर में पैदल चलना सबसे बड़ी समस्या है। फुटपाथों पर दुकानदारों का कब्जा है। अधिकांश चौराहे अतिक्रमण से घिरे हैं। वाहनों का जाम लगने से पैदल चलने वालों को परेशान होना पड़ता है। बुजुर्गों को सबसे ज्यादा परेशानी होती है। नगर निगम ने शहर में बुनियादी ढांचागत सुविधाओं में सब-वे और फुट ओवर ब्रिज बनाने की कार्ययोजना तैयार की थी।
प्रमुख चौराहों का निरीक्षण कर सब-वे और फुट ओवर ब्रिज बनाने के लिए नापजोख भी की। इसी के बाद डीपीआर तैयार हुई और डीपीआर को हरी झंडी भी मिल गई।
बजट जारी होकर इनका निर्माण शुरू हो पाता, इससे पहले ही नेताओं के अस्तित्व की लड़ाई और शासन स्तर पर भारत सरकार में पैरवी नहीं होने से हल्द्वानी नगर निगम को अर्बन इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट स्कीम फार स्माल एंड मीडियम टाउन से बजट जारी नहीं हुआ। बजट के अभाव में निगम की यह योजना भी दम तोड़ गई।