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Nainital News: अस्पताल में नहीं मिली दवा तो बाहर से महंगी खरीदी

Wed, 19 Nov 2025 02:18 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल Updated Wed, 19 Nov 2025 02:18 AM IST
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If the medicine was not available in the hospital, then it was purchased from outside at an expensive price.
हल्द्वानी। मौसम के करवट बदलने का असर सेहत पर पड़ने लगा है। सरकारी अस्पताल में ओपीडी की लंबी होती लाइन इसका प्रमाण है कि औसतन हर दूसरे घर में बच्चे-बुजुर्ग सर्दी, जुख़ाम और बुखार से पीड़ित हैं। मगर बढ़ रहे मरीजों के सापेक्ष दवा की पूर्ति कम पड़ने लगी है।
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सुशीला तिवारी अस्पताल में मंगलवार को डॉक्टर से परामर्श लेने के बाद पर्चे पर लिखी दवाएं कई मरीजों को अस्पताल से उपलब्ध नहीं हो पाईं। इस पर कई मरीज वापस डाक्टर के पास पहुंचे तो पता चला कि पर्चे में लिखी सारी दवाओं में से अधिकतर उपलब्ध नहीं हैं। लिहाजा विकल्प के तौर पर बाहर की दवाएं लिखी गईं। कुछ मरीजों ने तो जेनेरिक दवाओं की राह पकड़ ली और कुछ ने मजबूरन बाहर से महंगे दामों पर दवाएं ख़रीदीं।
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मरीजों की जुबानी …

वयोवृद्ध पिता को पिछले तीन दिन से खाना नहीं पच रहा है। लगातार अपच के कारण अस्पताल पहुंचे तो अब यहां दवा नहीं मिली। पिता को बिठाकर बाहर से महंगे दाम पर दवा खरीदकर लाया हूं। -कैलाश जोशी निवासी बनभूलपुरा
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जनरल मेडिसिन में तकरीबन 40 मिनट लाइन में लगने के बाद नंबर आया। डॉक्टर की ओर से लिखी छह में से चार दवाएं नहीं मिलीं। इनमें से एक जेनेरिक में जन औषधि केंद्र से मिल गई। शेष दोनों दवाएं प्राइवेट मेडिकल स्टोर से ख़रीदनी पड़ीं। -संदीप पराशर, निवासी गौलापार


मां तसलीमा की जांच रिपोर्ट के आधार पर डॉक्टर ने जो दवाएं लिखीं, उनमें से तीन नहीं मिलीं और ये तीनों मेडिसिन काफ़ी महंगी हैं। ऐसा पहली बार नहीं हो रहा है, इससे पहले भी पूरी दवा नहीं मिली थी। -मुस्तकीम, निवासी इंदिरानगर हल्द्वानी






ओपीडी की दवाओं के स्टॉक का नियमित मिलान किया जाता है। अमूमन हमारे पास सभी दवाएं उपलब्ध रहती हैं। ऐसी दवाएं जो खत्म होने वाली होती हैं, उन्हें एडवांस में ऑर्डर देकर मंगा लिया जाता है। यदि मरीजों को असुविधा हुई है तो स्टॉक का गंभीरता से मिलान कराया जाएगा। - डॉ. अरुण जोशी, चिकित्सा अधीक्षक
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