फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Nainital News ›   Hrisrnm hand drawn people to Ramlila

हरिशरणम् जन ने रामलीला कराने से खींचा हाथ

Tue, 30 Aug 2016 01:20 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो हल्द्वानी
अमर उजाला ब्यूरो हल्द्वानी Updated Tue, 30 Aug 2016 01:20 AM IST
विज्ञापन
Hrisrnm hand drawn people to Ramlila
बैठक - फोटो : अमर उजाला

श्री रामलीला कमेटी में चल रहा धमासान अभी थमा नहीं। रामलीला मंचन के लिए सिटी मजिस्ट्रेट द्वारा बुलाई गई बैठक में एक बार फिर कमेटी के दो पुराने सदस्यों का गुबार फूट पड़ा। उन्होंने हरिशरणम् जन के माध्यम से रामलीला कराने का विरोध किया।

विज्ञापन


इससे नाराज हरिशरणम् जन ने रामलीला कराने से खुद को किनारा कर लिया। इसके बाद शहर की प्रमुख रामलीला के मंचन को लेकर ही सवाल उठने लगे हैं। मसलन रामलीला कौन कराएगा इसकी तस्वीर भी साफ नहीं है।
विज्ञापन


श्री रामलीला कमेटी में वित्तीय अनियमितताओं को लेकर कुछ सदस्यों ने मोर्चा खोल दिया था। कई दिन तक चले आंदोलन के बाद सिटी मजिस्ट्रेट ने  रामलीला कमेटी को भंग कर दिया था। उन्होंने नई कमेटी के माध्यम से रामलीला कराने की बात कही थी।
विज्ञापन
विज्ञापन


इसके लिए दस सदस्यीय कमेटी की रूपरेखा भी बनी। इसके बाद शुक्रवार को रामलीला के मंचन की जिम्मेदारी हरिशरणम् जन संस्था को दी गई। इसी क्रम में आगे सोमवार को सिटी मजिस्ट्रेट हरबीर सिंह ने रामलीला मंचन की तैयारियों के लिए रामलीला ग्राउंड में बैठक बुलाई।

बैठक के दौरान हरिशरणम् जन के प्रमुख स्वामी राम गोविंद दास भाई जी और रामलीला कमेटी के पूर्व सदस्य मौजूद थे। व्यापार मंडल के एक पूर्व पदाधिकारी और उसके साथी ने हरिशरणम् जन के माध्यम से रामलीला कराए जाने का विरोध किया।

उनका तर्क था कि धार्मिक संस्था कैसे रामलीला कराएगी। विरोध का स्वर सभी लोगों को नागवार गुजरा। बैठक में मौजूद लोगों का कहना था कि विरोध करने वाला व्यक्ति पहले से विवादित रहा है। इसके बाद हरिशरणम् जन के प्रमुख ने विचार विमर्श के लिए अपनी संस्था के सदस्यों की बैठक बुलाई।

हरिशरणम् जन के सदस्यों का कहना था कि भव्य रामलीला कराई जा सकती है लेकिन कुछ लोगों के विरोध से रामलीला का मजा खराब हो जाएगा। हरिशरणम् जन ने विवाद से बचने के लिए रामलीला मंचन कराने से इंकार कर दिया।

संस्था की मार्मिक अपील रास नहीं आई

सिटी मजिस्ट्रेट से जिम्मेदारी मिलने पर हरिशरणम् जन प्रमुख ने पंफ्लेट के माध्यम से अपील की थी। उन्होंने बताया कि वह भी इसी शहर में पले और बढ़े हैं। संस्था के कार्य करने पर अनेक समर्थक बने तो आलोचक भी पैदा हुए।

समर्थकों ने धार्मिक कार्यों को आगे बढ़ाया तो आलोचकों ने पीछे रहकर जागरूक भी किया। ठाकुर जी की कृपा से नगर का गौरव और हमारे पूर्वजों की धरोहर श्री रामलीला मंचन कराना सौभाग्य की बात है। उन्होंने सभी लोगों से रामलीला के लिए सहयोग करने की अपील की थी लेकिन यह अपील चंद लोगों को रास नहीं आई।

कोषाध्यक्ष को रिकवरी नोटिस जारी

सिटी मजिस्ट्रेट ने बताया कि रामलीला कमेटी के कोषाध्यक्ष मनोज चौहान को रिकवरी नोटिस जारी किया गया है। नोटिस में बताया गया कि कोषाध्यक्ष द्वारा करीब 1.37 लाख रुपये दिए जाने हैं। एक सप्ताह में पैसा जमा नहीं किया गया तो आरसी काटी जाएगी।   

प्रशासन को खुद करानी चाहिए रामलीला

शहर के संभ्रांत नागरिक कर्नल बीडी कांडपाल ने कहा कि रामलीला कमेटी भंग होने पर सिटी मजिस्ट्रेट को खुद लीला करानी चाहिए। इससे पहले भी समय-समय एकाउंट की जांच नहीं होने पर कमेटी भंग की गई थी।

इस बार जिला प्रशासन द्वारा रामलीला कराने के बाद अगले वर्ष के लिए नई कमेटी गठित करना उचित होगा। हरिशरणम जन के लोगों का निर्णय उचित है।   

प्रशासन के लिए सिरदर्द बना रामलीला का घमासान

रामलीला कमेटी के चंद लोगों की वजह से प्रशासन के लिए रामलीला मंचन सिरदर्द बन गया है। प्रशासन ने सोचा था कि धार्मिक संस्था को मंचन की जिम्मेदारी देने से विवाद कुछ दिनों के लिए शांत हो जाएगा लेकिन दो व्यक्तियों के विरोध के चलते प्रशासन सोचने पर मजबूर हो गया।

प्रशासनिक अधिकारियों का मानना है कि रामलीला में खलल डालने वालों पर शिकंजा कसा जा सकता है। चुनाव नजदीक आने से कोई कड़ा फैसला लेना ठीक नहीं होगा। इस मामले में राजनीतिक हस्तक्षेप बढ़ जाएगा। इसी कारण प्रशासन भी कड़ा हथकंडा अपनाना नहीं चाहता है। प्रशासनिक अधिकारी हर कदम फूंक-फूंक कर रख रहे हैं।     

कोषाध्यक्ष को रिकवरी नोटिस जारी

सिटी मजिस्ट्रेट हरबीर सिंह ने बताया कि रामलीला कमेटी के कोषाध्यक्ष मनोज चौहान को रिकवरी नोटिस जारी किया गया है। नोटिस में बताया गया कि कोषाध्यक्ष द्वारा करीब 1.37 लाख रुपये दिए जाने हैं। एक सप्ताह में पैसा जमा नहीं करने पर  प्रशासन द्वारा वसूली के लिए आरसी जारी की जाएगी।  

बता दें कि निवर्तमान महामंत्री अमित कबडवाल ने रामलीला कमेटी में गबन के खुलासे की मांग को लेकर पिछले पखवाड़े आमरण अनशन शुरू किया था। प्रशासन ने जबरन अस्पताल में भर्ती कराकर उसका अनशन समाप्त कराया।

इसके बाद प्रशासन ने कमेटी अध्यक्ष और कोषाध्यक्ष से आयव्यय का हिसाब तलब किया। आय व्यय में अनियमितता मिलने पर प्रशासन ने कमेटी को भंग कर दिया। इसी क्रम में सिटी मजिस्ट्रेट ने कोषाध्यक्ष से वसूली करने का निर्णय लिया है। अभी रामलीला कमेटी के अनियमितता की जांच प्रशासन द्वारा जारी है।


 

अभी हरिशरणम् जन से अधिकारिक तौर पर रामलीला मंचन से हटने की जानकारी नहीं मिली है। संस्था द्वारा रामलीला मंचन नहीं किए जाने पर वह आम लोगों से विचार विमर्श कर रामलीला मंचन कराएंगे।

 - हरबीर सिंह सिटी मजिस्ट्रेट हल्द्वानी


संस्था जिला प्रशासन का आभार जताती है। प्रशासन ने उनकी संस्था पर रामलीला कराने के लिए भरोसा जताया। विरोध के बीच रामलीला मंचन कराना संभव नहीं है। सदस्यों से विचार विमर्श कर रामलीला कराने की जिम्मेदारी नहीं लेने का फैसला किया है।

हरिशरणम् जन के प्रमुख स्वामी राम गोविंद दास भाई जी    

 


 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed