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Nainital News: टैक्स देने से पहले मकान स्वामियों को दिखाने होंगे जमीन के कागजात
Mon, 14 Sep 2026 01:31 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
Updated Mon, 14 Sep 2026 01:31 AM IST
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हल्द्वानी। नगर निगम में शामिल नए वार्डों में कर निर्धारण की कवायद शुरू कर दी गई है। गांवों से शहर में बदले 27 वार्डों में निजी संपत्ति का जीआईएस मैपिंग से सर्वेक्षण पूरा होने के बाद कर निर्धारण किया गया है। निगम प्रशासन की ओर से मकान स्वामियों को नोटिस जारी कर 20 दिन के भीतर आपत्ति मांगी गई है। इन वार्डों में सर्वे में करीब 37 हजार मकान सामने आए हैं।
नगर निगम का विस्तार करने के बाद वर्ष 2018 में 33 से 60 वार्ड हो गए। मुखानी, कुसुमखेड़ा, रामपुर रोड, तल्ली हल्द्वानी आदि शहर से सटे गांवों को जोड़ने के बाद राहत के तौर पर 10 साल का हाउस टैक्स माफ किया गया था। समय बीतता रहा और निगम के दो चुनाव हो गए। राहत अवधि को भी अब 18 महीने शेष हैं। नए वार्डों का सर्वे होने के बाद छोटी से लेकर बड़ी प्रॉपर्टी के कर निर्धारण के लिए मकान स्वामियों को इसकी जांच करने का मौका दिया जा रहा है। इसके तहत मकान स्वामियों को स्वामित्व संबंधी दस्तावेज प्रस्तुत करना होगा।
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यह कागजात करने होंगे पेश
मकान स्वामी को संपत्ति के स्वामित्व संबंधी कागजात पेश करने होंगे। इनमें विक्रय पत्र, दानपत्र पट्टाविलेख, पंजीकृत पारिवारिक बंटवारानामा, पंजीकृत वसीयत, खसरा खतौनी शामिल हैं।
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व्यावसायिक संपत्ति से एक साल पहले लेने लगे टैक्स
नगर निगम में शामिल नए क्षेत्र के व्यावसायिक भवनों से वर्ष 2025 से टैक्स वसूली शुरू कर दी है। छोटे से लेकर बड़े छह हजार ऐसे भवनों से निगम को ढाई से तीन करोड़ करोड़ का टैक्स एक साल में वसूलना है। हालांकि इनमें से अभी दो हजार कारोबारी ही टैक्स जमा कर रहे हैं।
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नए वार्डों से होगी ज्यादा वसूली
निगम के पुराने 33 वार्डों में करीब 37 हजार मकान हैं। इनसे हर साल औसतन न्यूनतम दो हजार और अधिकतम चार हजार का हाउस टैक्स वसूला जा रहा है। निगम सूत्रों की मानें तो नए क्षेत्र से हाउस टैक्स की वसूली से निगम को एक साल में आठ करोड़ की आय होगी। अप्रैल 2028 से निगम टैक्स वसूली शुरू कर देगा।
कोट-
नए वार्डों में कर निर्धारण संबंधी आपत्ति के लिए नोटिस जारी किए जा रहे हैं। कर निर्धारण की जांच करने का अवसर दिया गया है। यदि किसी मकान स्वामी को लगता है कि उनका कर निर्धारण गलत है तो वह निर्धारित समयसीमा में आपत्ति दर्ज करा सकते हैं। आपत्ति दर्ज न कराने पर यह मान लिया जाएगा कि कर निर्धारण सही है। - परितोष वर्मा, नगर आयुक्त
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नगर निगम का विस्तार करने के बाद वर्ष 2018 में 33 से 60 वार्ड हो गए। मुखानी, कुसुमखेड़ा, रामपुर रोड, तल्ली हल्द्वानी आदि शहर से सटे गांवों को जोड़ने के बाद राहत के तौर पर 10 साल का हाउस टैक्स माफ किया गया था। समय बीतता रहा और निगम के दो चुनाव हो गए। राहत अवधि को भी अब 18 महीने शेष हैं। नए वार्डों का सर्वे होने के बाद छोटी से लेकर बड़ी प्रॉपर्टी के कर निर्धारण के लिए मकान स्वामियों को इसकी जांच करने का मौका दिया जा रहा है। इसके तहत मकान स्वामियों को स्वामित्व संबंधी दस्तावेज प्रस्तुत करना होगा।
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यह कागजात करने होंगे पेश
मकान स्वामी को संपत्ति के स्वामित्व संबंधी कागजात पेश करने होंगे। इनमें विक्रय पत्र, दानपत्र पट्टाविलेख, पंजीकृत पारिवारिक बंटवारानामा, पंजीकृत वसीयत, खसरा खतौनी शामिल हैं।
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व्यावसायिक संपत्ति से एक साल पहले लेने लगे टैक्स
नगर निगम में शामिल नए क्षेत्र के व्यावसायिक भवनों से वर्ष 2025 से टैक्स वसूली शुरू कर दी है। छोटे से लेकर बड़े छह हजार ऐसे भवनों से निगम को ढाई से तीन करोड़ करोड़ का टैक्स एक साल में वसूलना है। हालांकि इनमें से अभी दो हजार कारोबारी ही टैक्स जमा कर रहे हैं।
नए वार्डों से होगी ज्यादा वसूली
निगम के पुराने 33 वार्डों में करीब 37 हजार मकान हैं। इनसे हर साल औसतन न्यूनतम दो हजार और अधिकतम चार हजार का हाउस टैक्स वसूला जा रहा है। निगम सूत्रों की मानें तो नए क्षेत्र से हाउस टैक्स की वसूली से निगम को एक साल में आठ करोड़ की आय होगी। अप्रैल 2028 से निगम टैक्स वसूली शुरू कर देगा।
कोट-
नए वार्डों में कर निर्धारण संबंधी आपत्ति के लिए नोटिस जारी किए जा रहे हैं। कर निर्धारण की जांच करने का अवसर दिया गया है। यदि किसी मकान स्वामी को लगता है कि उनका कर निर्धारण गलत है तो वह निर्धारित समयसीमा में आपत्ति दर्ज करा सकते हैं। आपत्ति दर्ज न कराने पर यह मान लिया जाएगा कि कर निर्धारण सही है। - परितोष वर्मा, नगर आयुक्त